23/01/2021
टॉपिक:- विधुत 🌷🌷🌷
(By- Nitish Lectures)
✍️ विद्युत आवेश की प्रवाह की दर को विधुत धारा कहते है | अर्थात् I = Q/t
✍️ किसी विद्युत धारा के सतत तथा बंद पथ को विद्युत परिपथ कहते है |
✍️ विद्युत आवेश का S.I मात्रक कुलॉम होता है |
✍️ एक इलेक्ट्रॉन पर 1.6×10⁻¹⁹C आवेश होता हैं |
✍️ विद्युत धारा का S.I मात्रक एंपियर होता है |
✍️ परिपथो की विद्युत धारा मापने के लिए एमीटर का प्रयोग किया जाता है |
✍️ एमीटर को श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है |
✍️ एकांक आवेश को अनंत से किसी बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को विद्युत विभव कहते हैं |
अर्थात् V= W/Q
✍️ विद्युत विभव का SI मात्रक वोल्ट होता है | जिसे इटली के भौतिक विज्ञानी अलेसांद्रो वोल्टा के नाम पर रखा गया है |
✍️ यदि किसी विद्युत धारावाही चालक के दो बिंदुओं के बीच एक कुलॉम आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में एक जूल कार्य किया जाता है तो उन दोनों बिंदुओं के बीच विभांतर 1 वोल्ट होता है |
✍️ विभवांतर की माप वोल्टमीटर में किया जाता है |
✍️ वोल्ट मीटर को सदैव पार्श्वक्रम में जोड़ा जाता है |
✍️ ओम का नियम :- 1827 में जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज साईमन ओम ने किसी धातु के तार में प्रवाहित विद्युत धारा तथा उसके सिरों के बीच विभवांतर में परस्पर संबंध का पता लगाया उन्होंने यह कहा '' किसी धातु के तार में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा उस तार के सिरों के बीच विभांतर के अनुक्रमानुपाती होती है परंतु तार का तापमान समान रहना चाहिए इसे ओम का नियम कहते हैं |
अर्थात् V ∞ I , V= RI ( ट्रिक :- भाभी रोती आई )
✍️ किसी चालक का वह गुण जो प्रवाहित होने वाले आवेश के प्रवाह का विरोध करता है प्रतिरोध कहलाता है | इसे " R '' से सूचित करते हैं |
✍️ प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ω) होता है |
✍️ प्रतिरोधकता का S.I मात्रक ओम मीटर होता है |
✍️ विद्युत इस्तरी, विद्युत टोस्टर ,विद्युत तंदूर, विद्युत केतली तथा विद्युत हीटर जूल के तापन पर आधारित है |
✍️ बल्ब के तंतुओं को बनाने के लिए टंगस्टन का उपयोग किया जाता है |
✍️ विद्युत शक्ति का S.I मात्रक वाट होता है |
अर्थात P= VI
✍️ शक्ति का छोटा मात्रक वाट ' है |
✍️ विद्युत ऊर्जा का मात्रक वाट घंटा होता है |
✍️ विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक किलो वाट घंटा