Bharat Kala Bhavan, BHU

Bharat Kala Bhavan, BHU Bharat Kala Bhavan, Museum is the University museum of Banaras Hindu University, Varanasi. The museum is open for visit.

Renovation work at the museum is ongoing due to which First Floor of the museum is not open for visitors.

व्याख्यान के पश्चात बिहार संग्रहालय, पटना के अपर निदेशक श्री अशोक कुमार सिन्हा ने भारत कला भवन गैलरी का भ्रमण किया। इस द...
21/08/2026

व्याख्यान के पश्चात बिहार संग्रहालय, पटना के अपर निदेशक श्री अशोक कुमार सिन्हा ने भारत कला भवन गैलरी का भ्रमण किया। इस दौरान सहायक संग्रहाध्यक्ष डॉ. प्रियंका चंद्रा ने उन्हें संग्रह की प्रमुख कलाकृतियों से अवगत कराया।

भरहुत के तिमिंगिल कथा के अंकन को देखकर श्री सिन्हा विशेष रूप से अचंभित हुए, जिसमें बोधिसत्व को विशाल मछली के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने मिथिला चित्रकला और बौद्ध कला के संबंधों पर जिज्ञासा व्यक्त की तथा संग्रह की कलात्मक विविधता की सराहना की I

21/08/2026

भारत कला भवन ने कोलकाता के कल्याण भारती ट्रस्ट के इंस्टीट्यूशनल रिलेशंस कोऑर्डिनेटर, श्री कृष्णेंदु हल्दर का स्वागत किया।

भारत कला भवन के अवलोकन के दौरान, श्री हल्दर ने सहायक संग्रहाध्यक्ष डॉ0 प्रियंका चंद्रा के साथ म्यूज़ियम के संग्रह को देखा। इस दौरान चोल-काल की शानदार नटराज मूर्ति पर खास ध्यान दिया गया, जिसके इतिहास, प्रतीकवाद और कलात्मक महत्व के बारे में डॉ. चंद्रा ने विस्तृत जानकारी दी।

श्री हल्दर ने अवलोकन के दौरान गहरी रुचि दिखाई और इसकी सराहना की। इस बातचीत से ज्ञान के आदान-प्रदान और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की साझा सराहना का एक सार्थक अवसर मिला।

भारत कला भवन को इस भ्रमण की मेज़बानी करने और कला व इतिहास के अपने बेहतरीन संग्रह साझा करने में खुशी हुई।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में स्थित भारत कला भवन के सभागार में संग्रहालय के शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष आयोजन...
20/08/2026

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में स्थित भारत कला भवन के सभागार में संग्रहालय के शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष आयोजन हुआ। इस अवसर पर बिहार संग्रहालय, पटना के अपर निदेशक श्री अशोक कुमार सिन्हा ने "मिथिला चित्रकला: रंगों और रेखाओं का सफर" विषय पर एकदिवसीय व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सदानंद शाही, पूर्व कुलपति, शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने की। कार्यक्रम के दौरान मिथिला चित्रकला पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

मुख्य वक्ता श्री सिन्हा ने कहा कि मिथिला अपनी सभ्यता, संस्कृति और विद्वता के लिए विश्वप्रसिद्ध है। यह सीता की जन्मभूमि और याज्ञवल्क्य, वाचस्पति मिश्र, विद्यापति जैसे विद्वानों की भूमि है। ईसा पूर्व छठी शताब्दी से ही मिथिला व्यापार और कला का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ वेणु शिल्प, सिक्की, सुजनी और मधुबनी चित्रकला जैसी लोक कलाएं विकसित हुईं। मिथिला की महिलाओं ने अरिपन और कोहबर की परंपरा को निरंतर जीवित रखते हुए इस कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया। बिना किसी राजाश्रय के सदियों से चली आ रही यह परंपरा विश्व में अद्वितीय है।

अध्यक्षीय भाषण में प्रो. शाही ने मिथिला चित्रकला के संरक्षण और संवर्धन पर बल दिया। इस अवसर पर निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधुरी, उपनिदेशक डॉ. निशांत, सहायक संग्राहाध्यक्ष, संकाय सदस्य, छात्र और कर्मचारी उपस्थित थे। संचालन डॉ. दीपक भरथन अलथुर और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. देवेन्द्र बहादुर सिंह ने किया।

20/08/2026

80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत कला भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी उन दूरदर्शी लोगों को सम्मानित करती है जिन्होंने भारत कला भवन की स्थापना की थी। इसकी शुरुआत 1 जनवरी 1920 को ‘भारतीय ललित कला परिषद’ के नाम से हुई थी। इस प्रदर्शनी में संस्थापक सदस्यों के योगदान को दर्शाया गया है, जिनमें राय कृष्णदास, आजीवन अध्यक्ष रवींद्रनाथ ठाकुर और आजीवन उपाध्यक्ष अवनींद्रनाथ ठाकुर शामिल हैं।

इस अवसर पर निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधुरी, उप-निदेशक डॉ. निशांत; कला इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति रोहिल्ला राणा; डॉ. प्रवीण राणा, पर्यटन विभाग के सहायक प्रोफेसर, तथा सहायक संग्राहाध्यक्ष डॉ. डी. बी. सिंह और डॉ. प्रियंका चंद्रा उपस्थित थे।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारत कला भवन की राष्ट्रवादी विरासत और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण व संवर्धन के निरंतर प्रयासों को दर्शाकर छात्रों और आगंतुकों को प्रेरित करना है।

On the occasion of India’s 80th Independence Day, Bharat Kala Bhavan, BHU, unveiled the ‘Founders’ Display’ in its Centr...
17/08/2026

On the occasion of India’s 80th Independence Day, Bharat Kala Bhavan, BHU, unveiled the ‘Founders’ Display’ in its Central Hall for the first time.
The display honours the visionaries who founded Bharat Kala Bhavan, originally established on 1 January 1920 as the Bharatiya Lalit Kala Parishad. It highlights the contributions of its founder members, including Rai Krishnadasa, Life President Rabindranath Tagore, and Life Vice-President Abanindranath Tagore.

Director Prof. Sreerup Raychaudhuri, Deputy Director Dr. Nishant, Prof. Jyoti Rohilla Rana, HOD, History of Arts, Dr. Praveen Rana, Assistant Professor, Department of Tourism, and Assistant Curators Dr. D. B. Singh and Dr. Priyanka Chandra were present on the occasion.

The display aims to inspire students and visitors by highlighting Bharat Kala Bhavan’s nationalist legacy and its continued efforts to preserve and promote India’s rich cultural heritage.

16/08/2026

Bharat Kala Bhavan, Banaras Hindu University, celebrated 80th Independence Day with patriotic fervor. The program began with the hoisting of the National Flag by Director Prof. Sreerup Raychaudhuri, followed by the National Anthem.

In his address, the Director emphasized the role of museums in safeguarding India’s cultural heritage and fostering national pride. He highlighted BKB’s collections of Banaras textiles, paintings, and sculptures as living records of India’s freedom and artistic legacy.

Deputy Director Dr. Nishant also addressed the gathering. He spoke about the importance of youth engagement in heritage conservation and encouraged staff and students to actively participate in museum activities that promote national integration.

Faculty, staff, and students attended the ceremony. The event concluded with a pledge to preserve heritage and uphold unity in diversity.

भारत कला भवन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ नि...
16/08/2026

भारत कला भवन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के उल्लास के साथ मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधुरी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

अपने संबोधन में निदेशक ने भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने में संग्रहालयों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने वस्त्रों, चित्रों और मूर्तियों के संग्रह को भारत की स्वतंत्रता और कलात्मक विरासत के जीवंत दस्तावेज बताया।

उप-निदेशक डॉ. निशांत ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने विरासत संरक्षण में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर बात की और कर्मचारियों व छात्रों से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने वाली संग्रहालय गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में संकाय सदस्य, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विरासत को संरक्षित रखने और विविधता में एकता को बनाए रखने की शपथ के साथ हुआ।

दिनांक 17 अगस्त, 2026 को भारत कला भवन के सभागार कक्ष में दोपहर 03:00 बजे “मिथिला चित्रकला—रंगों और रेखाओं का सफर” विषय प...
15/08/2026

दिनांक 17 अगस्त, 2026 को भारत कला भवन के सभागार कक्ष में दोपहर 03:00 बजे “मिथिला चित्रकला—रंगों और रेखाओं का सफर” विषय पर एक व्याख्यान एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अशोक कुमार सिन्हा, अपर निदेशक, बिहार संग्रहालय होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सदानंद शाही, पूर्व कुलपति, एस.एस.पी.यू. विश्वविद्यालय एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय करेंगे।
इस अवसर पर आप सभी सादर आमंत्रित हैं। आपकी गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएगी।

To mark National Handloom Day, BKB, BHU, hosted ‘From Threads to Finery’, a talk on Banaras brocades. National and Sant ...
13/08/2026

To mark National Handloom Day, BKB, BHU, hosted ‘From Threads to Finery’, a talk on Banaras brocades. National and Sant Kabir Awardee Kamaluddin Ansari and young artist Mohammad Muzzammil highlighted handlooms as a form of sustainable fashion and an important part of India’s cultural heritage.
They discussed the challenges facing the Banarasi saree industry, including competition from powerlooms, rising material costs, and artisan migration. Prof. Sreerup Raychaudhuri, Director, BKB reaffirmed BKB’s commitment to artisan welfare and highlighted the museum’s historic textile collection as a bridge between tradition and contemporary practice.

The speakers emphasized that BKB’s historic Banarasi masterpieces continue to inspire weavers and researchers to preserve the craft’s authenticity, integrity, and legacy.

13/08/2026

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भारत कला भवन (BHU) में "धागों से बेहतरीन परिधान तक" विषय पर एक विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें नेशनल अवॉर्ड विजेता कमालुद्दीन अंसारी और मोहम्मद मुज़म्मिल ने बनारसी ब्रोकेड की समृद्ध विरासत, टिकाऊ फैशन में हथकरघा की भूमिका और सांस्कृतिक संरक्षण पर विचार साझा किए।

म्यूजियम के निदेशक प्रो॰ श्रीरूप रायचौधुरी ने कारीगरों के कल्याण और संग्रहालय में सुरक्षित ऐतिहासिक बनारसी वस्त्रों के महत्व पर जोर दिया। वक्ताओं के अनुसार, म्यूजियम में मौजूद उत्कृष्ट ऐतिहासिक टेक्सटाइल आर्काइव आज के बुनकरों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करने के साथ-साथ बनारस की पारंपरिक कला की प्रामाणिकता को जीवित रखने में मदद कर रहे हैं।

Address

Bhara Kala Bhavan, Museum, Banaras Hindu University, Varanasi
Kashi
2210005

Opening Hours

Monday 10:30am - 4:30pm
Tuesday 10:30am - 4:30pm
Wednesday 10:30am - 4:30pm
Thursday 10:30am - 4:30pm
Friday 10:30am - 4:30pm
Saturday 10:30am - 4:30pm

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