14/09/2026
*प्रेस नोट*
आज गीता निकेतन विद्यापीठ, निसिंग करनाल में हिंदी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के साथ ही सीबीएसई कक्षा दसवीं वार्षिक परीक्षा 2025-26 विषय हिन्दी में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विद्यालय के मैनेजर हिमांशु भारद्वाज, प्राचार्या मंजू बाला, उप-प्राचार्य मलकीत सिंह मल्ली, कॉर्डिनेटर संदीप कुमार के कर कमलों के द्वारा दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती की वंदना के साथ किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने हिंदी के महत्व पर भाषण, कविता पाठ, निबंध वाचन और दोहा गायन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। हिंदी अध्यापक विक्रम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, यह हमारी संस्कृति, हमारे संस्कार और हमारी पहचान है। अंग्रेजी ज्ञान की भाषा हो सकती है, पर हिंदी हमारे मन के भावों की भाषा है। आज के इंटरनेट और मोबाइल के युग में हम हिंदी को भूलते जा रहे हैं, जबकि हमें गर्व होना चाहिए कि विश्व में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाने वाली भाषाओं में हमारी हिंदी है।
मेरा आप सभी से आग्रह है कि हिंदी को केवल एक विषय मत समझो, इसे अपने जीवन में अपनाओ।
आज का दिन हमारे विद्यालय के लिए दोहरी खुशी का दिन है। आज ही के दिन हमारे कक्षा 10वीं के उन सितारों को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम लाकर न केवल अपना, बल्कि अपने माता-पिता और विद्यालय का नाम पूरे क्षेत्र में रोशन किया है।
बच्चों, यह अंकसूची केवल नंबर नहीं है, यह तुम्हारे दो साल की निरंतर मेहनत, अनुशासन, तुम्हारे माता-पिता के त्याग और गुरुजनों के मार्गदर्शन का परिणाम है।
मैं विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को बधाई देता हूँ जिन्होंने हिंदी विषय में भी शानदार अंक प्राप्त किए हैं। आपने यह सिद्ध कर दिया है कि हिंदी में भी शत-प्रतिशत अंक लाए जा सकते हैं। अंत में मैं अन्य सभी विद्यार्थियों से कहना चाहता हूँ कि इन मेधावी छात्रों को अपना आदर्श बनाओ। अगर लक्ष्य दृढ़ हो तो सफलता अवश्य मिलती है। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कक्षा 10वीं की सीबीएसई वार्षिक परीक्षा विषय हिन्दी में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थी नितिन शर्मा, नृपेन्द्र राणा, मान्सी शर्मा, नवजोत कौर, गुरलीन कौर, जागृति सिंह, नैन्सी चौहान, निहारिका राजपूत, प्रियांशी शर्मा को मंच पर बुलाकर प्राचार्या व उप-प्राचार्य के कर कमलों के द्वारा स्मृति चिन्ह और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।