05/03/2024
आज आपको भारत के सबसे बड़े सरकारी नौकरी घोटाले के बारे में बताता हूं-
उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा के 9534 पदों पर भर्ती प्रदेश में पूरे 5 वर्ष बाद आई थी
जिसकी आनलाइन लिखित परीक्षा नवंबर 2021 में आयोजित की गई थी
आनलाइन परीक्षा के दरम्यान ही UP STF द्वारा कई व्यक्तियों को स्क्रीन शेयर करके नकल कराते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया
सोचिए बाकायदा स्पेशल साफ्टवेयर का स्क्रीन शेयर करने के लिए उपयोग किया गया
अलग से इंटरनेट वायर बिछाई गई
जैसे ही आंसर key जारी हुई तो हमारे संज्ञान में कुछ ऐसे अभ्यर्थी आए जो पढ़ने में बिल्कुल कमजोर थे पर आंसर key में उन लोगों के 160 प्रश्न में से 159 प्रश्न सही थे
हमने ट्विटर कैंपेन के जरिए ये बात सरकार तक पहुंचाई और हर बार की तरह पुलिस और भर्ती बोर्ड ने हमें भ्रामक बता दिया
हमारे पास तब तक एक दो लोग की ही जानकारी थी पर हां पुख्ता जानकारी थी कि उन लोग ने स्क्रीन शेयर करके पेपर कराया है
इसके सबूत एकत्र करने के लिए मैंने एक गुप्त अभियान द्वारा उसी कैंडिडेट के फैमिली मेंबर से जानकारी हासिल की 😐
धीरे धीरे रिजल्ट आने तक ऐसे सैंकड़ों कैंडिडेट के बारे में पता चलने लगा जो पढ़ने में कमजोर होने के बावजूद 150+ करके आए
और इस बार अन्य अभ्यर्थियों की मदद से हमने ये बात ट्विटर पर जोर शोर से रखी और भर्ती बोर्ड ने बहुत ही निम्न स्तर पर कुछ कैंडिडेट की CRL चेक की जिसमें कई प्रश्नों का सैकेंडों में होना पाया गया।
जब ऐसे कैंडिडेट से फिजिकल के दौरान बेसिक बेसिक से सवाल पूछे गए तो पता चला ये नकल से इतने नंबर लाए हैं
Topper बनने के लालच में पूरे प्रश्न स्क्रीन शेयर करके सही किए
पूछताछ हुई तो पता चला ये स्कैम तो लगभग हर शहर के सेंटर पर बहुत बड़े स्तर पर हुआ है
जिसमें पेपर कराने वाली कंपनी के लोग ही शामिल हैं
पुलिस की सैकड़ों FIR में अलग अलग शहरों के सेंटर हेड इत्यादि का नाम भी शामिल है
लगभग 150 के करीब अभ्यर्थी गिरफ्तार हुए और बोर्ड ने अपनी खाना पूर्ति कर ली
जब स्क्रीन शेयर करके पूरे प्रदेश में नकल हुई तो कोई विशेष टीम द्वारा जांच क्यों नहीं कराई गई
किसे बचाया गया
किसी एक या दो बच्चों को नकल कराने के लिए तो अलग से इंटरनेट वायर नहीं बिछाए जाते
पूरे उत्तर प्रदेश में जहां जहां पेपर हुआ लगभग हर सेंटर के अभ्यर्थी पकड़े गए तो उन सभी सेन्टर के सभी कम्प्यूटर की फोरेंसिक जांच क्यों नहीं कराई गई जिससे पता चलता कि नकल कितने बड़े पैमाने पर हुई है
कम से कम 40% अभी भी फर्जी नकल करके आए दारोगा ट्रेनिंग कर रहे हैं और मेहनत से 120+ प्रश्न तक सही करके आए अभ्यर्थी अपनी किस्मत कोस रहे हैं
जबकि पेपर का स्तर अच्छा था
सवाल है किसको बचाया गया
सोचिए न तो Toppers का नाम बताया गया और न ही किसी भी सेलेक्टेड अभ्यर्थी के नंबर सार्वजनिक किए गए
आखिर क्यों इतने बड़े स्तर पर स्कैम को अंजाम दिया गया
किसने अरबों रुपए खाएं
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका किसने दिया
ये बात महाराज जी तक कैसे नहीं पहुंची कि उनके विभाग में इतना बड़ा स्कैम हुआ है
हमने धरना प्रदर्शन के माध्यम से,बाद में कोर्ट के स के माध्यम से पुरजोर कोशिश की ,कि न्याय मिले
पर अफसोस अकेले पड़ गए। अभी भी बहुत लोग abuse करेंगे पर सभी को इस स्कैम के बारे में बताना जरूरी है
ट्रेनिंग कै दौरान भी कई फर्जी दारोगा पकड़े गए हैं
अगर तभी SIT बनाकर पूरे गिरोह को पकड लिया जाता तो शायद UP पुलिस कांस्टेबल और RO ARO पेपर लीक नहीं होते
कल ही राजस्थान सरकार ने दारोगा भर्ती की जांच करते हुए ट्रेनिंग करते हुए कई संदिग्ध को हिरासत में लिया है
अभी भी देर नहीं हुई है
अगर राजस्थान सरकार जांच कर सकती है तो उत्तर प्रदेश सरकार क्यों नहीं
ऐसे बेईमान दारोगा कल को समाज को राक्षसों की तरह निगल जाएंगे
ये गरीब को क्या न्याय देंगे
पूज्य महाराज जी से निवेदन है कि अपने स्तर पर एक बार इसका संज्ञान जरूर लें
मेहनती बच्चों की आत्मा कचोटती है, न्याय करें महाराज जी 🙏🥺
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