05/10/2024
एक पैगाम बच्चों के अभिभावकों के नाम, जो उन्हें मशीन बनाने पर आमदा है.....
पहले बच्चों को सूजी, मैदा और आटे में भेद करना सिखाइये !
पहले बच्चों को मूंग, मसूर, उडद,चना और अरहर की दाल पहचानना सिखाइये !
अपने बच्चे को बाजरा, ज्वार और बैरु तथा गेहूं और जौ की फसल में अंतर को पहले सिखाएं।
पहले बच्चों को मख्खन, घी, पनीर, फेदड़ तथा चीज़ के बीच अंतर और उन्हें बनाने की जानकारी सिखाइये !
पहले बच्चों को सोंठ और अदरक, अंगूर और किशमिश, खजूर और छुहारे के बीच का अंतर सिखाइये !
पहले बच्चों को दालचीनी, कोकम, राई, सरसों, जीरा, अजवायन और सौंफ पहचानना सिखाइये !
पहले बच्चों को आलू, अदरक, हल्दी, प्याज और लहसुन के पौधे दिखाइये !
पहले बच्चों को मेथी, पालक, चौलाई, बथुआ, सरसों, लाल भाजी में फर्क सिखाइये !
पहले बच्चों को फलों से लदे पेड़ों, फूलों की बगिया दिखाइए !
पहले बच्चे को गाय, बैल, सांड का फर्क सिखाओ, गधे, घोड़े और ख़च्चर में अंतर को समझाइये!
पहले बच्चों को कीचड़ और मिट्टी में उलट पुलट होना सिखाइये, बरसात में भीगना और गर्मियों में पसीने से तरबतर होना सिखाइये !
पहले बच्चों को सामाजिक व नैतिक शिक्षा का पाठ तथा संस्कार सिखाएं।
पहले उसे पाखंड से दूर विज्ञान में विश्वास करना सिखाइये।
पहले उसे गुरु तथा मुनीयों के चरणों मे श्रद्धा से सर झुकाना और बड़ों का आदर करना सिखाइये !
पहले बच्चों को परिवार और समाज के बुजुर्गों के पास जाना, उनसे बातें करना, उनके साथ खेलना और मस्ती करना सिखाइये !
बड़ों से तमीज़ से बात करना और घर के काम धाम में माँ-पिता का सहयोग करना सिखाइये !
इन सब के बगैर आप बच्चों को पहले कोडिंग,कम्प्यूटर, c++ अगर सिखाना भी चाह रहे हैं तो आपका बच्चा बड़ा होकर इंसान नहीं मशीन बनेगा !
जीवन के पहले कुछ वर्षों में बच्चों ने कुछ कम भी सीखा है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। अपनी उम्मीदों का बोझ अपने बच्चों पर ना डाले। उनको बचपन जीने दे और कोशिश करें कि आप भी उसमें शामिल हो।
कोडिंग सीखाने से पहले बच्चों को अपने आस पास की डिकोडिंग करना सिखाएं।
बच्चों के हित में जारी।