तेरी यादें ...
तुझे भुलाने की हमारे दिल की,
हर ज़िद है अब नाकाम हुईसब कर के अब तो देख लिया, हर कोशिश हमारी नाकाम हुईजितना भी भुलाया तुमको,
उतनी ही ज़्यादा तेरी याद आई
यूँ तो हजारों चाहतें थी आस-पास, पर तेरी बहुत याद आई
गहरे दफनाया था तेरी यादो को, वोह हो जिंदा फिर लौट आई
जितना मिटाया तेरी सोचों को,
उतनी ही ज़्यादा तेरी याद आई
आईने सब तोड़ कर देख लिए,
हर टुकड़ों में तेरी तसवीर आई
जब भी दर्द-ए-दिल का गीत सुना,
मुझे तेरीकहानी याद आईज़ुल्फो को सँवारने जो बैठे,
तेरी उँगलियों की छुअन याद आई
अबके सावन में हम जो भीगे,
तेरी वोह शरारत बहुत याद आई
जब भी दिल टूटने का फ्साना सुना,
तेरी झूठी क़समें याद आई
सब कुछ लूटा कर अपना भी तेरी यादों की कहानी ही रास आईतेरा साथ खो कर भी मेरी सांसो को, तेरी ही सांसो की याद आईतन्हा रातों की गहन तन्हाईयों में,
तेरे ही ख्वाबों ने महफिल सजाईतेरे इश्क में मेरे आँचल का,
फैल कर समुंदर हो जाना याद आयामेरी चाहतों के समुंदर पर,
तेरा वोह आसमान बन छाना याद आयाभीगे पलकों को मेरी तेरा होंठों से चूम कर सुखाना याद आया
तेरा आँखों में आँखें डाल मुसकरा कर मुझे मना जाना याद आया
अपनी हथेली पर मेरे अश्कों को ले दिल केमोती कहना याद आयातेरी गर्म हथेलियों में अपना चेहरा छुपा तेरा प्यार पाना याद आयातुझे भुलाने की हमारे दिल की,
हर ज़िद है अब नाकाम हुईसब कर के अब तो देख लिया,
हर कोशिश हमारी नाकाम हुई
गमो के बिखरे आँसु
Any way
तुम्हे जाना ही था अगर तो तुम मुझसे कह कर जाती,
शायद तुम मुझसे यूँ नज़रें भी ना मिला पाती😴क्या कहती तुम,
की बेवफा हो तुम?
अरे ओ जानेजां मोहब्बत में यूँ ज़बरदस्ती नहीं चलती
मैं तुझसे कह देता जा जीले ज़िन्दगी अपनी😇मैं ना रहूँगा
जानेमन ये जान ले तू अब,
मैंने तो वो है खोया जो मेरा था ही नहींतूने तो वह है
खोया जो तू जानती नहीं
मुझे ख़ुशी है की मैंने तनहाई है
पायी,
अरे ओ जानेजां तूने तो वह भी ना पायी👤तूने तो खो दिया
सब कुछ कि एहसास नहीं तुझको
गर ये
आवाज़ तुझको अब एहसास दिल दे तो,
हो सकता है
तू लौट कर आये
मेरे घर ना आना वहां तनहाई रहती है,
मेरी कब्र पे आना तेरा इंतज़ार है
मुझकोफूलों का ढेर ना सही एक गुलाब ही लेती आना,
शायद तेरी खुशबू से
मैं जाग भी जाऊंमैं जा रहा हूँ
अब शायद लौट ना पाऊंमैं जा रहा हूँ
अब शायद लौट ना पाऊं
रोज तारीख बदलती. है,
रोज. दिन. बदलते. हैं
रोज. अपनी. उमर. भी बदलती. है.
रोज. समय. भी बदलता. है..
हमारे नजरिये. भी. वक्त.के साथ. बदलते. हैं..... बस एक. ही. चीज. है
जो नहीं. बदलती... और वो हैं
"हम खुद"....
और बस ईसी. वजह से हमें लगता . कि. अब "जमाना" बदल गया. है........
किसी शायर ने खूब कहा है,,
रहने दे आसमा. ज़मीन कि तलाश. ना कर,, सबकुछ। यही। है, कही और तलाश नाकर.,
हर आरज़ू पूरी हो, तो जीने का। क्या।
मज़ा,,,
जीने के लिए बस।
एक खूबसूरत वजह।
कि तलाश कर,,,
ना तुम दूर जाना ना हम दूर जायेंगे,,
अपने अपने हिस्से कि।
"दोस्ती" निभाएंगे,,,
बहुत अच्छा लगेगा ज़िन्दगी का ये सफ़र,,, आप वहा से याद करना, हम यहाँ से मुस्कुराएंगे,,
,क्या भरोसा है. जिंदगी का ,
इंसान. बुलबुला. है
पानी का , जी रहे है
कपडे बदल बदल कर,,
*एक दिन एक " कपडे " में ले जायेंगे
" कंधे " बदल बदल कर* vps
खवाहिश नही मुझे मशहूर होने की*।
*आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है*।*अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे*।
*क्यों कि जिसकी जितनी जरुरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे*।*ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा भी कितना अजीब है*,*शामें कटती नहीं, और साल गुज़रते चले जा रहे हैं*....!!*एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी*,
*जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं*,*और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं*।*बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर*...*क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है*..*मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा*,*चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना*।।*ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है**पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है**जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मनक्यूंकि एक मुद्दत से मैंने*
*न मोहब्बत बदली और न दोस्त,,? बदले* .!!.*एक घड़ी ख़रीदकर हाथ,, मे क्या बाँध ली*..*वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे*..!!*सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से*..*पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला* !!!*सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब*....*बचपन वाला 'इतवार' अब नहीं आता,**जीवन की भाग-दौड़ में**क्यूँ वक़्त के साथ रंगत खो जाती है* ?*हँसती-खेलती ज़िन्दगी भी आम हो जाती है*..*एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और**आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है*.
*कितने दूर निकल गए*,*रिश्तो को निभाते निभाते*..*खुद को खो दिया हमने, अपनों को पाते पाते*..*लोग कहते है हम मुस्कुराते बहोत है*,*और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते*..*खुश* *हूँ और* *सबको खुश* *रखता हूँ*,*लापरवाह* *हूँ फिर भी सबकी परवाह**करता हूँ*..
*मालूम है कोई मोल नहीं मेरा, फिर भी*,*कुछ अनमोल लोगो से रिश्ता रखता हूँ*..
किसी की यादो को रोक पाना मुश्किल हैरोते हुए दिल को मनाना मुश्किल हैये दिल अपनो को कितना याद करता हैये कुछ लफ्जो में बयाँ कर पाना मुश्किल है😌😌
हर बात में आंसू बहाया नहीं करते,दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते,लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है..दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।
दर्द से दोस्ती हो गई यारों,जिंदगी बे दर्द हो गई यारों,क्या हुआ जो जल गया आशियाना हमारा,दूर तक रोशनी तो हो गई यारो।
बिन बात के ही रूठने की आदत है,किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,आप खुश रहें, मेरा क्या है..मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।
मोहब्बत कि ज़ंज़ीर से डर लगता हे,कुछ अपनी तफलीक से डर लगता हे.जो मुझे तुजसे जुदा करते हे,हाथ कि वो लकीरो से डर लगता हे.
टूटा हो दिल तो दुःख होता है,करके मोहब्बत किसी से ये दिल रोता है,दर्द का एहसास तो तब होता है,जब किसी से मोहब्बत हो और उसके दिल में कोई और होता है।
अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे,इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे,उनसे क्या गिला करें.. भूल तो हमारी थीजो बिना दिलवालों से ही दिल लगा बैठे।
हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए,हम मरते गए उनकी बेरुखी से, और वोहमें आजमाते गए,सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर सीख लेंगी वफाएँ करना,पर हम रोते गए और वो हमें खुशी खुशी रुलाते गए..!!
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