05/10/2024
विवेकानन्द लाइब्रेरी में नवरात्रि के शुभ अवसर पर रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट
व VSC बैच में प्रतिमाह शुल्क पर 10% की छूट
((ऑफर सिर्फ 5 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक एडमिशन लेने पर))
it is place where create your future by diffusing knowledge....
05/10/2024
विवेकानन्द लाइब्रेरी में नवरात्रि के शुभ अवसर पर रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट
व VSC बैच में प्रतिमाह शुल्क पर 10% की छूट
((ऑफर सिर्फ 5 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक एडमिशन लेने पर))
14/01/2019
14/01/2019
VSC in a glimpse....
13/01/2019
8rh विवेक दिवस 2019 की झांकी..
08/11/2018
VSC has started a youtube channel named ( success with VSC )
On this holy lightening festival...
It's effort of vsc to follow the new technical tradition of knowledge..
For supporting us just use this channel and help others as much as possible...
Our whole work will succeed if you only watch the each video...
Thanks..
https://youtu.be/7Seyjz5zrPQ
Vivekanand STUDY Centre it is place where create your future by diffusing knowledge....
05/02/2018
=>भारत अश्गाबात समझौते में शामिल,यूरेशिया क्षेत्र तक पहुँच होगी आसान
- भारत अश्गाबात समझौते में शामिल हो गया।चीन की वन बेल्ट-वन रोड (ओबोर) परियोजना के मुकाबले दुनिया के कई हिस्सों में कनेक्टिविटी बनाने की तैयारियों में जुटे भारत के लिए इस समझौते में शामिल होने के कई मायने हैं।
- सबसे पहले तो भारत ओमान, ईरान, तुर्केमिनिस्तान और उज्बेकिस्तान की सड़क, रेल व बंदरगाह परियोजनाओं में हिस्सेदारी ले सकेगा जिससे चीन के एकाधिकार को चुनौती मिलेगी।
- भारत को इससे एक बड़ा फायदा यह होगा कि चाबहार पोर्ट (ईरान) के जरिए वह यूरेशिया क्षेत्र के बाजारों में अपने उत्पाद भेज सकेगा।
- ओमान, ईरान, तुर्केमिनिस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच अशगाबात समझौता वर्ष 2011 में हुआ था। भारत ने इसमें शामिल होने का प्रस्ताव पिछले वर्ष किया था जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।
- तुर्केमिनिस्तान सरकार ने 01 फरवरी को भारत को सूचित किया है कि 03 फरवरी, 2018 से उसे इसका सदस्य बनाया जा रहा है।
- अशगाबात समझौते में शामिल होने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारत केंद्रीय एशिया के साथ ही पूर्वी यूरोप के बाजार में तेजी से अपने उत्पाद पहुंचाने में सफल हो सकेगा। चूंकि ईरान भी इसका एक अहम सदस्य है तो भारत की तरफ से वहां बनाये जा रहे चाबहार पोर्ट की उपयोगिता और बढ़ जाएगी।
- यही नहीं भारत की मंशा यह भी है कि उसकी आर्थिक मदद से तैयार हो रहे नार्थ साउथ इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट कारीडोर (एनएसआइटीसी) से जोड़ा जाए।
=>अन्य महत्वपूर्ण बातें-
-अश्गाबात समझौता मध्य एशिया एवं फारस की खाड़ी के बीच वस्तुओं की आवाजाही को सुगम बनाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय परिवहन एवं पारगमन गलियारा है।
- अश्गाबात समझौते के संस्थापक सदस्यों में यमन, ईरान, तुर्कमेनिस्तान एवं उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
इसके बाद इस समझौते से कजाकिस्तान भी जुड़ गया है।
- इस समझौते में सम्मिलित होने से भारत को यूरेशिया क्षेत्र के साथ व्यापार एवं व्यावसायिक मेल-जोल बढ़ाने में इस मौजूदा परिवहन एवं पारगमन गलियारा का उपयोग करने में मदद मिलेगी।
=>एनएसआइटीसी भारत की इंटरनेशनल कनेक्टिविटी की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत रेल, सड़क व जल मार्ग से ईरान, अफगानिस्तान, अर्मेनिया, अजरेबेजान, रुस के अलावा केंद्रीय एशिया के कुछ देशों को जोड़ा जाना है।
- एक अनुमान के मुताबिक इस मार्ग से भारतीय उत्पादों को केंद्रीय एशिया में भेजना न सिर्फ 30 फीसद सस्ता पड़ेगा बल्कि इसे 40 फीसद कम समय में भेजा जा सकेगा। जानकार मानते हैं कि अशगाबात समझौता और एनएसआइटीसी का गठजोड़ चीन की ओबोर का एक हद तक सामना कर सकता है
05/02/2018
=>‘मोदीकेयर’ राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण बीमा योजना : विश्व की सबसे बड़ी चिकित्सा बीमा योजना
- आम बजट में घोषित विश्व की सबसे बड़ी चिकित्सा बीमा योजना कैशलेस होगी और इसमें इलाज खर्च अपनी तरफ से करने के बाद भुगतान के लिए दावा करने की जरूरत नहीं होगी.
- इसके तहत माध्यमिक और उच्चस्तरीय अस्पतालों में भर्ती के खर्च का बीमा होगा.
- इसमें तमाम सरकारी अस्पताल और चुनिंदा निजी अस्पताल शामिल होंगे.
- यह योजना विश्वास और बीमा के मॉडल पर आधारित है.
- बीमा मॉडल होने से जैसे जैसे बीमाधारकों की संख्या बढ़ेगी, प्रीमियम कम होगा.
=>शुरुआत :-
- इस योजना की शुरूआत इस साल 2 अक्टूबर से होगी. इसे अगले वित्त वर्ष से लागू किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर धन का आवंटन बढ़ाया जाएगा. इन बीमा योजनाओं का प्रीमियम सरकार देगी.
=>दो हजार करोड़ का बजट
- दो हजार करोड़ रुपये की शुरुआती राशि का आवंटन किया गया है. योजना के लागू होने के बाद जितनी भी राशि की आवश्यकता होगी, वह दी जाएगी.
=>केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे बोझ
- इस महत्वाकांक्षी बीमा योजना का 60 प्रतिशत खर्च केंद्र और 40 प्रतिशत खर्च राज्य वहन करेंगे.
02/02/2018
#बजट2018
=> इस बजट की मुख्य बातें
=>स्वास्थ्य क्षेत्र : स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़ी घोषणाएं की है। नेशनल हेल्थ स्कीम के अलावा स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्रों की घोषणा ।
- नेशनल हेल्थ स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे देश के 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। वहीं यह विश्व का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित कार्यक्रम होगा।
- 1200 करोड़ रुपए से स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्र विकसित करने की कोशिश की गई है।
=> आयकर स्लैब :- बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन को फिर से पेश किया गया है और इसके तहत लोगों को मेडिकल खर्चों पर 40 हजार रुपए तक का फायदा हो सकेगा।
- वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए बजट में बैंकों तथा डाकघरों में जमा राशि पर ब्याज में छूट की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। साथ ही 80डी के तहत स्वास्थ्य बीमा या चिकित्सा व्यय के लिए कटौती की सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है।
- बजट में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए, उपराष्ट्रपति का 4.5 लाख रुपए और राज्यपाल का वेतन 3.5 लाक रुपए किए जाने की घोषणा की।
=>कृषि क्षेत्र :
- किसानों को समर्थन मुल्य का तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मुल्य 1.5 गुना कर दिया है।
- साथ ही 2000 करोड़ रुपए की लागत से कृषि बाजार बनाने का भी प्रावधान भी किया है।
- कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर को 1400 करोड रुपए दिए गए हैं। इसके अलावा 500 करोड़ की लागत से ऑपरेशन ग्रीन शुरू किया जाएगा।
- किसानों को कर्ज के लिए बजट में 11 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी किया गया है।
=>रोजगार : युवाओं के लिए सरकार इस साल देश में 70 लाख नए रोजगार पैदा करेगी।
=>ग्रामीण क्षेत्र :- गांवों में आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए 2018-19 के बजट में सरकार ने 14 लाख करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है।
- सरकार ने गांवों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य रकाखा है वहीं सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा 2022 तक हर गरीब को घर देने की योजना भी है।
=> रेलवे:- रेलवे को 1.48 लाख करोड़ देने का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने पूरे देश की रेल लाइने ब्रॉडगेज करने के अलावा 2018-19 में 36000 किलोमीटर ट्रैक बदला जाएगा। सभी ट्रेनों में सीसीटीवी और वाईफआई लगेंगे। मुंबई लोकल पर 1100करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे और 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा। 25000 से ज्यादा मुसाफिर वाले स्टेशनों पर एस्केलेटर लगेंगे। बेंगलुरू रेलवे नेटवर्क को 17 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
=>शिक्षा :- शिक्षा को लेकर घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में 24 नए मेडिकल खोले जाएंगे वहीं आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे। प्री-नर्सरी से 12 वीं तक के लिए एक नीति बनेगी। अब तक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग नीति होती थी लेकिन अब इसे समग्र रूप से देखना चाहते हैं। केंद्र सरकार स्कूली टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू करेगी। 18 आईआईटी और एनआईआईटी की घोषणा।
=>अन्य टैक्सस :-
- कस्टम ड्यूटी 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है जिसके चलते टीवी, मोबाइल के अलावा कई चीजें महंगी हो जाएंगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाला सेस भी 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है।
- लॉन्ग टर्म कैपिटल टैक्स की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एक लाख रुपए से अधिक दीर्घकालिक पूंजी लाभों पर किसी सूचकांक के बिना 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का प्रस्ताव करता हूं।
=>उद्योग :- लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने 3974 करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने कॉर्पोर्ट टैक्स को कम करते हुए 250 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत के टैक्स के दायरे में रखा है।
=>अवसंरचना :- सड़क और हवाई यातायात को लेकर बजट में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 35 हजार किमी सड़कों के निर्माण को मंजूरी देने की बात कही साथ ही हवाई अड्डों की क्षमता 5 गुना करने की बात भी कही।
01/02/2018
=> लाई-फ़ाई : भारत में शुरू। इंटर्नेट स्पीड होगी 10 GB के क़रीब
- आज के समय में 4G इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। लेकिन अब तकनीक 4G से भी आगे बढ़ने वाली है। आने वाले समय में 4G को पीछे छोड़ते हुए वाई-फाई या ब्रॉडबैंड लोगों को हाई स्पीड इंटरनेट डाटा का अलग ही अनुभव प्रदान करेगा। लेकिन चौकाने वाली बात यह है की आने वाले समय में आपको एलईडी बल्ब से इंटरनेट की सुविधा मिल सकती है।
=>आइए जानते है कैसी होगी यह तकनीक:
- एक प्रोजेक्ट के तहत इन्फर्मेशन ऐंड टेक्नॉलजी मिनिस्ट्री ने एक नई तकनीक का सफल टेस्ट किया है। इस नई तकनीक को लाई-फाई का नाम दिया गया है।
=>क्या है ये नई तकनीक:
-Li-Fi डाटा ट्रांसफर के लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी वेव्स की जगह विजिबल लाइट कम्युनिकेशंस या इंफ्रारेड या नजदीकी अल्ट्रावॉयलेट का उपयोग करता है। यह टेक्नोलॉजी 400 और 800 THz (780–375 nm) के बीच के विजिबल लाइट का प्रयोग करता है।
- बल्ब को स्विच ऑन या ऑफ करने से इसका उपयोग किया जाएगा, चूंकि यह नैनोसेकेंड में होगा इसलिए आमतौर पर हम आंखों से नहीं देख पाएंगे।
Li-Fi नाम की यह तकनीक Wi-Fi की जगह नहीं ले सकती। लेकिन यह अपने तरीके के फायदे लेकर आया है विशेषतौर पर सिक्योरिटी। जैसा कि हम जानते हैं प्रकाश की तरंगे दीवार के आर-पार नहीं हो सकती, यह तकनीक कम दूरी के लिए काफी प्रभावी होगी और हैकिंग जैसी मुश्किलों को रोकेगी।
=>सुपर फास्ट स्पीड पर होगा डाटा ट्रांसफर :
- उम्मीद की जा रही है की इस तकनीक से 1km तक के इलाके में 10GB प्रति सेकंड की स्पीड से डाटा ट्रांसफर किया जा सकेगा। इस तकनीक की मदद से लगभग देश के हर हिस्से में इंटरनेट उपलब्ध करवाना संभव हो सकेगा।
=>स्मार्ट सिटीज लाने में होगा मददगार :
- इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही नीना पहुजा के अनुसार- आने वाले समय में स्मार्ट सिटीज में लाई-फाई तकनीक काफी काम आएगी। इसमें इंटरनेट की जरुरत होगी और इसे इस तकनीक के जरिए पूरा किया जा सकेगा।
आईआईटी मद्रास के साथ काम चल रहा है: इस प्रोजेक्ट पर अभी आईआईटी मद्रास में काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में एलईडी बल्ब बनाने वाली कंपनी फिलिप्स भी साथ दे रही है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस अपने इस प्रोजक्ट का इस्तेमाल बेंगलुरु में करना चाहता है।
=>आर्थिक सर्वे 2018 में क्या ख़ास है?
- अगले साल देश की आर्थिक ग्रोथ 6.75 फ़ीसदी के मुक़ाबले 7 से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान है.
- जीएसटी वसूली से सरकार की आय में बढ़ोतरी हो रही है. पिछले साल करीब 12 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली, जो कि अन्य टैक्स के मुकाबले काफ़ी बेहतर है.
- भारत में ऐसा पहली बार हुआ जब पांच राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना का भारत के कुल निर्यात में 70 प्रतिशत योगदान रहा.
- 2017-18 के दौरान महंगाई में कमी रही. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की महंगाई दर 3.3 थी, जो कि पिछले छह वित्तीय वर्षों में सबसे कम है.
- जीएसटी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
- सर्वे में सुझाव दिया गया है कि मध्यम अवधि में नौकरी, शिक्षा और कृषि पर खास तौर पर फोकस करने की ज़रूरत है.
- आर्थिक सर्वेक्षण में स्पष्ट है कि सरकार रोजगार, शिक्षा, खेती पर फोकस कर रही है और इसके लिए बजट में नई नीतियों की घोषणा हो सकती है.
- निजी निवेश को बढ़ाने और निर्यात पर ज़ोर देने के लिए भी सरकार कुछ एलान कर सकती है.
=>सर्वे के मुताबिक
- गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी और नोटबंदी के बाद करीब 18 लाख नए करदाता बढ़े हैं.
- वित्त वर्ष 2018-19 में कच्चे तेल की कीमतों में 12 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है.
सर्विस सेक्टर की ग्रोथ में 8.3 फ़ीसदी रहने का अनुमान है.
=>कृषि ग्रोथ 2.1 फीसदी रहने की उम्मीद है.
- इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण बढ़ रहा है और ये ग्रोथ के लिए अच्छा संकेत है. सर्वे के मुताबिक ट्रैक्टर की बिक्री में अच्छी बढ़त देखने को मिली है.
इसके अलावा, जिस तरह से सर्विस सेक्टर में ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, उससे लगता है कि सरकार नई नौकरियों के लिए बजट में विशेष घोषणाएं कर सकती है.
- वित्त मंत्रालय सालाना बजट से ठीक पहले हर साल संसद में देश के आर्थिक विकास का लेखा-जोखा पेश करता है. आर्थिक सर्वेक्षण में पिछले 12 महीने के दौरान अर्थव्यवस्था के अलग-अलग मोर्चों पर किए गए कार्यों का अवलोकन किया जाता है.
- संसद के दोनो सदनों के समक्ष पेश किए जाने वाले इस दस्तावेज़ में सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं की उपलब्धियों, आर्थिक नीतियों और अर्थव्यवस्था की संभावनाओं के विभिन्न पहलुओं का जिक्र किया जाता है.
21/01/2018
UP police की 41520 constable भर्ती के लिए विशेष batches VSC में प्रारंभ हो चुके हैं...
गणित और रीजनिंग- regular classes
G.K. और current affairs-regular classes with special notes
हिन्दी-complete classes with notes
Batch timing-. 9 am to 11 am
1 pm to 3 pm
Our last records is the guarantee for your selection...
Do't wait...hurry up....
Contact- 9984012047,9956395549
15/01/2018
Assimilating the thoughts of swami vivekanand
155 th birth anniversary and 7th annual function of Vivekanand study centre..