01/04/2024
*पूरी तह़रीर पढ़ें अगर आपको ज़रूरत वाली तह़रीर लगे तो आप ज़रूर श़ेअर कर दीजिएगा ताकि मेरी ये तह़रीर बाक़ी और भी भाईयों व बहनों तक पहुंच सके*
मेरे तमाम दीनी भाईयों व इस्लामी बहनों!
(जो मुझे जानते हैं या नहीं जानते) *जुमला उ़लमाए किराम, क़ुर्रा हज़रात, ह़ुफ़्फ़ाज़े किराम, मेरे अ़ज़ीज़ों दोस्तों*
मैं आप सभी हज़रात से गुज़ारिश़ करता हूं कि
*जामिया बरकातिया लिलबनात*
की ज़मीन के लिए इसी साल इसी रमज़ानुल मुबारक के ह़सीन मौक़े पर भरपूर तआ़वुन (मदद) की जरूरत है, मदरसे की ज़मीन के लिए मेरा साथ दें और इस दीनी नेक काम में आगे आयें, इस तरह की मदद फार बार बार नहीं मांगी जाती
याद रहे कि
*ख़ुदा की राह में ख़र्च किया हुआ कभी राएगां (बेकार) नहीं जाता, रब्बुल इज्ज़त आप को इस की जज़ा कब और किस मोड़ पर दे दे कुछ कहा नहीं जा सकता*
लिहाज़ा मेरी इस गुज़ारिश पर आप सभी हज़रात को आगे आना है
*नोट*
मेरी इस गुज़ारिश़ को आप मदद मांगना समझिये या दीन की ख़ातिर भीक मांगना समझिये
पर आप लोगों को इस कारे ख़ैर में ज़रूर हिस्सा लेना है मैं ने आपसे 1000 या 500 की सवाल किया है फ़िर रब्बुल इज्ज़त आप में से जिसको भी ज़ियादा से ज़ियादा हिस्सा लेने की तौफ़ीक़ बख़श़े वो हज़रात ज़ियादा से ज़ियादा हिस्सा लें अगर आपकी ज़कात नहीं भी निकलती है तो आप अपनी फ़्रेश रक़म से इस कारे ख़ैर में तआ़वुन करें।
*आप मेरे बढ़ाए हुए इस क़दम पर अपना एक क़दम मिला दें* *इनश़ाअल्लाह* ये बढ़ाया हुआ क़दम मन्ज़िल तक ज़रूर पहुंचेगा
आप मेरे साथ आएं इंश़ाअल्लाह मुझ फ़कीर मोह़म्मद याक़ूब बरकाती को भी आप अपनी जिन्दगी के हर मोड़ पर खड़ा हुआ पायेंगे ।
रब सुबह़ानुहू व तआ़ला आपको जज़ाए ख़ैर अता फ़रमाए आमीन
*अर्ज़ गुज़ार*
*मोह़म्मद याक़ूब बरकाती जाजमऊ श़रीफ़*
9956760414