22/07/2026
देश की सीमाओं के बाहर हमारी पहचान का सर्वाधिक सशक्त प्रतीक यह तिरंगा ही होता है, इसलिए इस तिरंगे के मान की रक्षा, केवल सैनिकों या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आइए, हम सब अपने-अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी, निष्ठा, अनुशासन और परिश्रम के साथ निभाएं, ताकि विश्व-पटल पर हमारा यह अविचल राष्ट्रध्वज गर्वित होकर लहराता रहे।
होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो…