02/12/2025
GitajayantikiHAardjkshubhkamnayeh
Gitagyan data nirakar param pita parmatma shiv hain jogyan ,shanti,prem me sagarhai patit pavan libe
02/12/2025
GitajayantikiHAardjkshubhkamnayeh
24/11/2025
#शिवभगवानुवाच*:- *मनुष्य रूप में कोई भी #भगवान नहीं है, वह सब #देवी-देवता हैं तथा आप सभी की तरह मेरी ही सँतान हैंI मुझे जानने के लिये, मेरे द्वारा पढाई ओरिजनल सच्ची गीता और पढाने वाला हूँ, *मैं आप सबका निराकारी💥 पिता परमात्मा* *जो कि जन्म मरण के चक्कर में नहीं आता हूँI इसलिये ही मैं परमपिता 💥परमात्मा हूँI आओ मुझको जान लो और अपना 84 जन्मों भाग्य बना लो*
https://youtube.com/playlist?list=PLVbT9F0VrlM8QZ3PTO-LOxSfvKe0ZAE1t&si=FlF5vVbRShdz2x92🙏
#शिवभगवानुवाच*:- *जितना हो सके मुझे याद करो तो विकर्म विनाश (पापकर्म पिछले 63 जन्मों में किये हुये) होंगेI किसी को भी यह पता नहीं है कि आत्मा💥 में कैसे 84 जन्मों का पार्ट भरा हुआ है। न आत्मा का किसी को सही परिचय है, न परमात्मा💥 का सही परिचय है। तब बाप (मैं शिव परम पिता परमात्मा) कहते हैं - मैं जो हूँ, जैसा हूँ, मुझे कोई भी जान नहीं सकता है। मेरे द्वारा ही मुझे और मेरी रचना को जान सकते हैं। मैं ही आकर तुम बच्चों को अपना परिचय देता हूँ*। *यूटूब के नीचे कमेन्टस में व फैसबुक के कमेन्टस में कमेन्टस करो**
🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
20/11/2025
राजयोगी बच्चो, अपना भाग्य देखो साधारण तन में अवतरित परमात्मा शिव को आपने पहचान लिया ,अपने पारलौकिक पिता से अब तुम रोज ज्ञान सीखते धारण करते जाते हो।
परमात्मा स्वयं शिक्षक बन कितना दूर देश(परमधाम शान्तिधाम) से आपको पढ़ाने आता है...!
लोग तो भगवान मिलने के लिए कितना प्रयत्न करते हैं,उन्हें एक क्षण पाने के लिए बरसो तपस्या करते है, भक्ति करते है और यहां भगवान स्वयं आपके पास शिक्षक बन पढ़ाने आते हैं, कितना श्रेष्ठ भाग्य है...!
【 Peace Of Mind TV 】
Videocon # 1221 | Dish TV # 1087 | Tata Sky # 1065 | Airtel # 678 | Jio TV |
20/11/2025
🌀 कर्मों की गुह्य गति 🌀
जैसा कर्म, वैसा फल
श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान के यह महावाक्य हैं – ‘ हे वत्स ! कर्म, अकर्म और विकर्म की गति अति गहन है इसे पंडित और विद्वान भी नहीं जानते, इसलिए तू कर्म-गति का ज्ञान मुझसे ही प्राप्त कर । ‘
कर्मों की गुह्य गति का🙅🏼♂️ ज्ञान न होने के कारण .….जब मनुष्य धर्म भ्रष्ट और कर्म भ्रष्ट हो जाता है..... चारों और असत्य , हिंसा, अधर्म 😟का बोलबाला हो जाता है तब ☝🏻खुद परमात्मा मनुष्य के कल्याण करने☝🏼कर्मों की गुह्य गति का राज🪩 समझाने के लिए 🌎इस धरती पर आते हैं 🪄।
*इस #राजयोग परमात्म-ज्ञान को धारण कर ...आचरण में लाने से मनुष्य का कर्म श्रेष्ठ बनता है ।कर्म के नियम अनुसार श्रेष्ठ कर्म का फल भी श्रेष्ठ मिलता है।
इस संसार में दो बातों की गुह्य गति मानी जाती है ।
*1️⃣समय की गुह्य गति अर्थात कालचक्र ।*
#सृष्टिचक्र
*2️⃣कर्म की गुह्य गति ।*
*इन दोनों को गुह्य गतियों का परस्पर गहरा संबंध 🫴होने के साथ ही हमारे जीवन और पिछले जन्मों से कर्म और संस्कार से भी बहुत गुह्य संबंध है ।*
*यह तो सब मानते है की इस संसार का प्रत्येक कार्य,कारण और परिणाम के नियम/ law of action and reaction कर्म और उसका निश्चित फल में बंधा हुआ है।*
*👉🏽🌧️अर्थात ऐसी कोई घटना नही घटती जिसके पीछे कोई कारण न हो ।*
*ऐसा कोई कर्म नही जिसका परिणाम न निकलता हो।*
कर्म की शुरुआत संकल्प से होती है।
जैसी सोच वैसा जीवन।
इसलिए गलत सोच चलाना भी आत्मा को सजा का पात्र बनाता है।जिसे हम कहते है नेगेटिव थिंकिंग जिससे मन कमजोर हो जाता है और जीवन में दुख अनुभव होता।
🇲🇰कर्म के सिद्धांत का अटल नियम है।👇🏼
🪨जो करेगा सो पाएगा,
🌝जैसा करेगा वैसा पाएगा,
🌞जितना करेगा उतना पाएगा!
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय
18/11/2025
18/11/2025
*18-11-17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन*
पांच हजार वर्ष पहले भी जब मैंने गीता सुनाई थी तो कहा था मामेकम् याद करो तो पावन बनेंगे। चक्र को फिरायेंगे तो चक्रवर्ती राजा रानी बनेंगे। हेल्थ वेल्थ और हैपीनेस मिलेगी। सतयुग में सब कुछ था ना। बाप कहते हैं मेरे को याद करो तो कभी 21 जन्म रोगी नहीं बनेंगे। स्वदर्शन चक्र फिराते रहेंगे तो तुम चक्रवर्ती राजा बनेंगे। मैं प्रतिज्ञा करता हूँ - भगवानुवाच, बाबा सिर्फ अल्फ और बे पढ़ाते हैं। मनमनाभव और मध्याजी भव, बस। पढ़ाई भी कितनी सहज है। बस दिल पर यह लिख दो। कोई विरले व्यापारी इस धन्धे की युक्ति उस्ताद से लेते हैं। वह धन्धे आदि भल करो, मना थोड़ेही है।*अच्छा!*
*
*ओम शान्ति*
🌝