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05/06/2026

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19/02/2026

Fazaile Ramazan part 2 Syed Tahazzar Ali Husaini

*रोजे का सवाब* —इस्लाम में रोज़ा एक अज़ीम और रूहानी इबादत है जिसे अल्लाह तआला ने ईमान वालों पर फ़र्ज़ किया। ख़ास तौर पर ...
19/02/2026

*रोजे का सवाब* —
इस्लाम में रोज़ा एक अज़ीम और रूहानी इबादत है जिसे अल्लाह तआला ने ईमान वालों पर फ़र्ज़ किया। ख़ास तौर पर माहे रमज़ान के रोज़े इस्लाम के बुनियादी अरकान में शामिल हैं। रोज़ा सिर्फ़ भूख और प्यास बर्दाश्त करने का नाम नहीं बल्कि यह नफ़्स की तरबियत, सब्र की मश्क और तक़वा के हुसूल का बेहतरीन ज़रिया है।
क़ुरआन मजीद में अल्लाह तआला इरशाद फरमाता है:
“या अय्युहल्लज़ीना आमनू कुतिबा अलैकुमुस्सियामु कमा कुतिबा अलल्लज़ीना मिन क़ब्लिकुम लअल्लकुम तत्तकून”
यानी ऐ ईमान वालो! तुम पर रोज़े फ़र्ज़ किए गए जैसे तुम से पहले लोगों पर फ़र्ज़ किए गए थे ताकि तुम मुत्तक़ी बन जाओ।
इस आयत से वाज़ेह होता है कि रोज़े का अस्ल मक़सद तक़वा पैदा करना है।
अहादीस मुबारका में भी रोज़े के बेशुमार फ़ज़ाइल बयान हुए हैं। हुज़ूर नबी पाक ﷺ ने फरमाया कि अल्लाह तआला इरशाद फरमाता है:
“अस्सौमु ली व अना अजज़ी बिही”
यानी रोज़ा मेरे लिए है और मैं ही इसकी जज़ा दूँगा। यह हदीस सहीह बुख़ारी और सहीह मुस्लिम में मरवी है। इस फ़रमान से मालूम होता है कि रोज़े का अज्र बेहिसाब और ख़ास तौर पर अल्लाह तआला के ज़िम्मे है।
एक और हदीस में आता है कि जन्नत में एक ख़ास दरवाज़ा है जिसे “रय्यान” कहा जाता है, उस से सिर्फ़ रोज़ेदार दाख़िल होंगे। इस से रोज़े की अज़मत और रोज़ेदारों के ख़ास मक़ाम का अंदाज़ा होता है। मज़ीद बरआँ नबी करीम ﷺ ने फरमाया कि जो शख़्स ईमान और सवाब की नियत से रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।
रोज़ा इंसान को सब्र, बर्दाश्त और ज़ब्ते नफ़्स सिखाता है। यह अमीरों को ग़रीबों की भूख का एहसास दिलाता है और मआशरे में हमदर्दी और मुसावात को फ़रोग़ देता है। रूहानी एतिबार से रोज़ा दिल को नरम करता और इंसान को अल्लाह तआला के क़रीब करता है।
आख़िर में यह कहा जा सकता है कि रोज़ा एक मुकम्मल तरबियती निज़ाम है जो इंसान की ज़ाहिरी और बातिनी इस्लाह करता है। जो शख़्स इख़लास और सहीह नियत के साथ रोज़ा रखता है, वह न सिर्फ़ दुनिया में रूहानी सुकून पाता है बल्कि आख़िरत में बेशुमार अज्र और जन्नत की बशारत का मुस्तहिक़ बनता है।
*सैयद निसार हुसैन जाफरी,मदारी,मकनपुर शरीफ़,,*

18/02/2026

Fazaile Ramazan Syed Tahazzar Ali Husaini

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Fazaile Ramazan Quraano Hadees ki Raoshni me / by Syed Tahazzar Ali Husaini Jafri Madari
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03/02/2026
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24/01/2026

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19/01/2026

Dil ne Sukoon Paya hai Name Madaar se ❤️❤️
Aankhon ko noor Raoze ke Manzar Se mil gaya

दिल ने सुकून पाया है नामे मदार से ❤️❤️
आंखों को नूर रौज़े के मन्ज़र से मिल गया

(Ustaze Mohtarm Syed Shohrat Adeeb Makanpuri)

15/01/2026

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