Anuj pal

Anuj pal Hindi poetry and mathematics
(1)

02/05/2026

*"मास्टर जी, आप पढ़ाओ मत... बस पूजा करो मेरे लल्ला की"* 🙏😡
*आजकल के कुछ 'महान' अभिभावक*

---

_PTM में सीन_ 🎭
*टीचर:* "सर, आपका बेटा क्लास में चोरी करता है, पेंसिल बॉक्स उठा ले गया"
*पापा का जवाब:* "तो? बच्चे हैं, गलती हो जाती है"
*टीचर:* "सर, समझाया था, नहीं माना तो प्रिंसिपल को बताया"
*पापा का एक्शन:* थाने में टीचर के खिलाफ FIR - "मेरे बेटे को बदनाम किया, मेंटल टॉर्चर किया" 🚔

*वाह रे संस्कार* 👏

---

*नए जमाने के 'पेरेंटिंग रूल्स'* 📋
*नियम 1:* मास्टर जी आप मेरे बच्चे को डांटना मत ❌
*नियम 2:* मारना तो दूर, ऊंची आवाज में बोलना भी मत ❌
*नियम 3:* होमवर्क क्यों नहीं किया? - ये पूछना मत ❌
*नियम 4:* गलती पे सिखाना मत, समझाना मत ❌
*नियम 5:* बस नंबर लाओ, 90% से कम आया तो स्कूल की गलती ✅

*फिर बच्चा चोरी करे, गाली दे, बदतमीजी करे*
*टीचर बोले तो* 👉 "तू मास्टर है कि पुलिस? मेरे बेटे पे हाथ उठाएगा?"
*टीचर चुप रहे तो* 👉 "फीस किस बात की ले रहे, पढ़ाते ही नहीं"

*मतलब मास्टर जी करें तो करें क्या?* 🤷‍♂️
*मूर्ति बन के खड़े रहें, अगरबत्ती जलाएं*
*"आओ लल्ला, क्लास में नाचो, चोरी करो, मैं ताली बजाऊंगा"* 👏😂

---

*कड़वा सच सुनो अभिभावक जी* 💊

*1. स्कूल पाठशाला है, पांच सितारा होटल नहीं* 🏫
यहां "कस्टमर इज गॉड" नहीं चलता
यहां "गलती पे सजा" चलती है, तभी सुधार होता है

*2. टीचर बाप नहीं, पर बाप का रोल निभाता है* 👨‍🏫
आप घर पे "बेटा जी, बेटा जी" करते हो
स्कूल में भी वही चाहिए? फिर बिगड़ैल कौन बनाएगा?

*3. चोरी पकड़ने पे FIR करोगे?* 🚔
कल को जब यही बच्चा बड़ा होके जेल जाएगा
तब किसपे केस करोगे? पुलिस पे? जज पे?
*या तब अक्ल आएगी कि मास्टर ने सही किया था?* ⚖️

*4. टीचर को गुंडा समझना बंद करो*
वो तुम्हारे बच्चे का दुश्मन नहीं, फ्यूचर बना रहा है
*डांट में मां की ममता होती है, सजा में बाप का फिकर* ❤️

---

*मेरी बात गांठ बांध लो* 👇
_जिस बच्चे को आज टीचर की डांट चुभती है_
_कल उसी को दुनिया की लात नहीं चुभेगी_
_क्योंकि टीचर ने पहले ही रीढ़ की हड्डी सीधी कर दी थी_ 💯

*और जिस बच्चे को बचपन में सब माफ*
_जवानी में उसे दुनिया माफ नहीं करती_
_फिर वो जेल में सड़ता है, और बाप कोर्ट के चक्कर काटता है_ ⚖️➡️⛓️

*तो फैसला आपका* ✊
टीचर को विलेन बनाओगे
*या बच्चे को इंसान?*

_टीचर पढ़ाने दो, डांटने दो, सुधारने दो_
_वरना कल को तुम्हारा लल्ला_
_तुम्हारी ही जेब काटेगा_ 👝😭


Reena Thakur

03/04/2026

#मेरीकहानी #मेरीजुबानी
भाग ~2
तो मेरे जीवन में एक break through आया । एक बार मेरे फूफा जी मेरे घर आए। उन्होंने पूछा कि क्या चल रहा आपकी लाइफ में? मैंने कहा कि बस अभी तो मैं होम ट्यूशन पढ़ा रहा हूँ और आगे गवर्नमेंट टीचर की तैयारी करके सरकारी अध्यापक बनना मेरा लक्ष्य है। इतनी वार्तालाप होने के बाद फूफा जी चले गए। कुछ दिनों बाद उन्होंने मेरे पास कॉल किया कि अनुज मेरे बच्चे को आप पढ़ाओगे? तो मैंने तुरंत हाँ कर दिया। मैंने पढ़ाना शुरू किया। उनके बच्चे का रिजल्ट कैसा रहा, ये मुझे याद नहीं किन्तु उन्होंने मुझ पर भरोसा बनाए रखा। ये मेरे लिए सबसे बड़ी बात थी। फिर next year उनके बच्चे का रिजल्ट अच्छा आया। इसके बाद उन्होंने मुझे एक न्यू होम ट्यूशन दिलाई । वो home ट्यूशन बहुत दूर थी मेरे लिए ।लगभग 5 km जाना और उतना ही वापस आना। पहले ही दिन मेरा उत्साह फीका पढ़ गया ।हिम्मत बाँध कर मैंने वहां पढ़ाना शुरू किया। उन बच्चों के पेरेंट्स ने दो चार दिन बाद कहा कि keep going, you are doing very well. ये शब्द सुनकर मेरा confidence और बढ़ गया था। फिर भी दूर होने की वज़ह से मैं वहां जाना नहीं चाहता था। फिर फूफा जी ने समझाया कि वो मेरे खास मित्र है और आप यदि जाते रहोगे तो सम्भवतः आपको आसपास वहां कुछ और भी बच्चे मिल जाएंगे। वहां जब फीस की बात हुई तो जितना मैंने कहा था उतना ही उन्होंने दिया। ये उनकी सबसे अच्छी बात मुझे लगी। क्योंकि पहली बार मुझे होम ट्यूशन में 2000 रू मिले थे। फिर मैंने निश्चय किया कि मैं पढ़ाने जाऊँगा ।मैं ये सोच कर वहां नहीं गया था कि फीस अच्छी है। फूफा जी ने मुझे एक बात बताई थी कि आप कभी भी पैसे का मोह मत करना। आप उस व्यक्ति की अच्छाई को परखना। ये बाते मुझे बहुत अच्छी लगी। मैं आज भी उन बातों को स्मरण रखता हूं। और वाकई उन भैया का व्यवहार बहुत ही सुंदर और सराहनीय था। उनके व्यवहार का तो मैं आज भी दीवाना हूँ । उन्होंने मुझे कभी ऐसा महसूस ही नहीं होने दिया कि मैं उनके लिए पराया हूँ । उनके यहां मैंने उनके बच्चों को लगातार 5 साल तक पढ़ाया ।उन्हीं की सोसाइटी में मुझे और भी कई बच्चे मिले। कहते हैं कि जो व्यक्ति सीखना नहीं बंद करता है वो हमेशा जीवन में बहुत आगे जाता है ।यही सोच के साथ मैं बच्चों को पढ़ाता गया और बहुत कुछ सीखता भी गया । मैं आज भी बच्चों के साथ हर दिन नई चीज़े सीखता रहता हूं । अभी तो बहुत कुछ बताना बाकी है। आज के लिए इतना ही ।मिलते हैं अपने अगले लेख में ।तब तक के लिए आप सभी को राम राम
जय हिन्द।

01/04/2026

#मेरीकहानी, #मेरीजुबानी भाग ~1
मैं एक शिक्षक हूँ । विगत 10 वर्षो से मैं शिक्षण कार्य कर रहा हूं। मेरी journey शुरू होती है 2016 से जब मैं 12th में था। मेरे फाइनल exams होने वाले थे, मैं पूरी शिद्दत से तैयारी में जुटा हुआ था तभी मेरे पड़ोस में रहने वाले अंकल ने मुझसे पूछा कि बेटा आप मेरे बच्चे को कोचिंग पढ़ाओगे? तो मैंने कुछ सोचा और हाँ बोल दिया । जानकारी के बता दूँ कि मेरा शुरू से ही रुझान टीचिंग में था ।बस अवसर की तलाश में था। वो अवसर मुझे उन अंकल ने दिया। और सबसे बड़ी बात कि मैं up board हिन्दी medium से था और उनका बच्चा CBSE board इंग्लिश medium से । पहली बार जब मैं पढ़ाने गया तो बहुत ही ज्यादा नर्वस था। समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या पढ़ाऊं? फिर मैंने उसे पढ़ाना शुरू किया और धीरे धीरे मैं बिल्कुल सहज होता चला गया। तब मुझे कोचिंग पढ़ाने का और फीस का कोई अनुभव नहीं था। तब मैंने उनसे मात्र 150 रू होम ट्यूशन के लिए थे और मैं बहुत खुश था कि मैंने प्रथम कदम अपने लक्ष्य की बढ़ा दिया था। उधर अंकल भी मेरा सपोर्ट करते रहे। मैंने उनके बेटे को कक्षा 7 तक पढ़ाया । फिर एक घटना घटित होती है कि मैं उनसे फीस बढ़ाने के लिए कहता हूं तो उन्होंने बढ़ाई भी परंतु जब उन्हें लगा कि ये फीस मेरी बजट के बाहर है तो उन्होंने कोचिंग बंद करा दी। निराशा तो हुई पर मैं टूटा नहीं। इसी बीच एक नया break through आता है मेरे जीवन में। इसकी जानकारी मैं अपने अगले लेख में दूँगा ।तब तक के लिए आप सभी को राम राम
जय हिन्द

01/04/2026

जीवन क्या है? कितने लोग जीवन जीते हैं? और कितने लोग जीवन काटते हैं?
समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग केवल जीवन काट रहा है। उसे फुर्सत ही नहीं है जीवन जीने की। वह केवल रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में लगा रहता है और कभी जीवन नहीं जी पाता है। जो लोग जीवन जीते हैं वो सबसे अलग रास्ते का चयन करते हैं ।वो लीक से हटकर चलते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर जीवन का आनंद उठाते हैं। पर विडंबना यही है कि हम सब समाज नामक चिराग को अलापते रहते हैं और सारा जीवन समाज के अनुसार स्थापित करने में व्यर्थ कर देते हैं। हम सब फंसे रहते हैं उन पुराने ख़यालात में जिनमे हमे सिखाया जाता है कि केवल ये फील्ड आपका भाग्य बदल देगी। और उस फील्ड को पाने के चक्कर में सारी जवानी निकल जाती है। तब कहीं 30 या 35 की उम्र में खुद को तथाकथित समाज के अनुरूप ढाल पाते हैं। क्या फायदा ऐसे जीवन का जिसमें कोई रस न हो। अब बात करते हैं उन लोगों की जो जीवन जीना जानते हैं ।ऐसे लोग हमेशा खुद अपने रास्ते बनाते हैं और उन पर चलना शुरू करते हैं । और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। यदि हम सब को भी जीवन का अर्थ समझना है तो पहले खुद निर्णय लेना सीखिए और फिर आप देखिए कि किस तरह आप खुद को और समाज को बदलते हैं। मैं फिर कहता हूं कि आप अपनी शिफ्ट वाली job से समाज, देश और खुद को नहीं बदल पाएंगे ।इसके लिए आपको अपने खुद के रास्ते बनाने होंगे ।
मिलते हैं इसी प्रकार के अगले लेख में
जय श्री राम
जय हिन्द

31/03/2026

हमारे समाज की विडंबना तो देखिये कि पैरेंट्स बड़े शौक से महंगे महंगे स्कूल books ले आते हैं और जबकि उन reference books से 1% भी स्कूल टीचर नहीं पढ़ाते हैं। कोई भी पैरेंट्स इस विषय पर बात नहीं करता है और न ही कोई आवाज उठाता है। यहाँ तक कि उस बिल को round off करके extra रुपये जोड़ देते हैं तब भी पैरेंट्स कुछ नहीं कहते हैं। अब बात यहां ये नहीं है कि 3 या 4 रू ही तो एक्स्ट्रा जोड़े हैं, बात यहां ये है कि पैरेंट्स इन बातों पर मौन क्यों रहते हैं। कई प्रश्न है ~क्या अब education एक स्टेटस बन कर रह गया है? या फिर इसको हम ही लोग business बनाने पर तुले हुए हैं? मैंने सोचा था कि बच्चों को एक दूसरे की Ncert बुक्स देकर उनका पैसा बचा दूँगा पर अफसोस उन बच्चों का रुतबा और स्टेटस उन्हें ये बुक्स स्वीकार न करा सका और सब के सब ले आए न्यू बुक्स ।बिल बना 10 हजार के करीब । जब कि government तो ncert बुक्स चलाती है तो ये स्कूल वाले reference books क्यों देते है वो भी हर बार publication चेंज करके?

13/03/2026

09/03/2026

New Batches are starting from 15th March
Join us for better result and better understanding

09/03/2026

We are champions

07/03/2026

05/03/2026

Address

1560, Gopalpuram, Kalyanpur
Kanpur

Telephone

+916393730129

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Anuj pal posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to Anuj pal:

Shortcuts

Share

Category