ज्योतिष शास्त्र【समस्या एवं समाधान】Total vaidik astrology solution

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ज्योतिष शास्त्र【समस्या एवं समाधान】Total vaidik astrology solution jyotish shaster

03/11/2024

1️⃣ चंद्र यदि कमजोर रहा तो जातक को स्वंय कुंडली से सम्बंधित एक से एक उपाय/टोटके पता होंगे पर वो स्वंय उपाय नहीं करेगा।
2️⃣ राहू आपको मंदिर या धर्मस्थल जाने नहीं देगा, शनि की सहायता से आपको कूट-कूटकर आलस्य भर देगा और आपके घर वाले तो मंदिर जाएंगे पर जातक नहीं जायेगा।
3️⃣ मंगल जातक को हिंसक प्रकृति देता है, छोटी सी बात को लेकर बड़ा बवाल मंगल की देन हैं।
4️⃣ कमजोर बृहस्पति आपके पेट के पाचनतंत्र को कमजोर कर, शरीर को बीमारी देते रहता हैं सो जातक धर्मस्थल से दूर और सामाजिक कार्य चाहकर भी नहीं कर पाता। साथ ही जातक के ज्ञान से सामने वाले कि झोली भरती रहेगी।
5️⃣ कमजोर सूर्य आपकी बिनागलती से भी आपके द्वारा सरकारी जुर्माने से सरकार की झोली भरवायेगा। सरकारी अधिकारी/ या जहाँ आप कार्य करते हो, आपके मेहनत वाले कार्य का श्रेय किसी और को देगा।
6️⃣ कमजोर शुक्र आपको व्यर्थ खर्चीला बनायेगा, जातक के शौक उसे ले डूबते हैं।
7️⃣ कमजोर शनि आपको ऐसी जगह रहने को मजबूर करेगा या आपका अधिकतर समय ऐसी जगह गुजरेगा जहां नकारात्मक हवा का वास हो।
8️⃣ कमजोर बुध याददाश्त पर विपरीत असर देगा। भूलने की आदत से जातक परेशान रहेगा, साथ ही भूल-भाल से जातक को नुकसान कराएगा जैसे दुकान या ऑटो में छुट्टे पैसे भूल जाना या कही पर छाता आदि भूल जाना।
9️⃣ केतु कमजोर रहा तो आपको सभी धर्मगुरु फर्जी ही लगेंगे और आप उनका हमेशा मजाक उड़ाओगे।
उपाय:- "कुंडली अनुसार सभी के लिए अलग-अलग होते हैं और कुछ सावधानियां भी"

13/08/2023

केंद्र में बैठा हुआ कोई भी ग्रह वही कार्य करता है जैसे किसी मकान में कोई पिलर काम करता है सबसे मजबूत केंद्र दशम भाव कहलाता है क्योंकि दशम भाव से ही आजीविका के साधन देखे जाते हैं अब यहां पर यह बात अत्यंत महत्वपूर्ण एवं निर्णायक हो जाती है के दशम भाव के स्वामी किस भाव में जाकर विराजमान हुए एवं दशम भाव के अंदर कौन से ग्रह विराजमान है। दशम भाव अष्टम भाव के तीसरे भाव हुए जहां से अष्टम भाव का प्रारक्रम भी देखा जाता है। दशम भाव से ही जीवन साथी की संपत्ति को भी देखा जा सकता है। दशम भाव के स्वामी की नवमांश के अंदर placement देखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। एवं यह बात भी अत्यंत उल्लेखनीय हो जाती है यह दशमांश कुंडली के अंदर भी दशम भाव के स्वामी कहां पर जाकर विराजमान हुए यदि लग्न कुंडली के दशम स्वामी दशमांश कुंडली के छठे आठवें या बारहवें भाव के अंदर जाकर विराजमान हो जाते है तो व्यापार एवं कार्य क्षेत्र में कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लगन कुंडली के दशम भाव से संतान में कितनी उर्जा है संतान विपरीत परिस्थितियों में कितनी दमदार हो सकती है यह भी दशम स्थान से एवं दशम स्थान की ताकत से देखा जाता है 10th स्थान की ताकत को देखने के लिए दशमेश के अंश एवं अष्टक वर्ग सरवाष्टक वर्ग में अंको की विवेचना कर कर जाना जा सकता है तथा यहीं से व्यापार में आ रही कठिनाइयों का इस भाव से संबंधित उपाय करने से काफी हद तक प्रभु कृपा प्राप्त की जा सकती है।
जय माता दी।

25/05/2023

क्या आपकी कुंडली में है संपत्ति के योग?

मेरा मकान बनेगा या नहीं? मैं जमीन खरीद पाउंगा या नहीं? मकान या जमीन मिलेगा तो कब तक मिलेगा? या जिंदगी भर किराए के मकान में गुजारा करना पड़ेगा। अमूमन प्रत्येक व्यक्ति के मन में ये सवाल उठते हैं और उनका उत्तर तलाशने के लिए वह अपनी जन्म कुंडली दिखाता है। कई लोगों की किस्मत में एक से अधिक मकान, जमीन होते हैं, लेकिन कई लोग एक मकान भी नहीं बना पाते। इसका उत्तर जन्म कुंडली से मिल सकता है

जन्मांग चक्र में चतुर्थ भाव सुख स्थान से वाहन और भूमि, भवन, संपत्ति संबंधी योगों के बारे में विचार किया जाता है। यदि चतुर्थ भाव में शुभ राशि में शुभ ग्रह अपने स्वामी की राशि में स्वामी की दृष्टि में हो। चतुर्थेश भी शुभ स्थान में हो तो कामना के अनुरूप फल की प्राप्ति होती है। मकान, भूमि, संपत्ति का कारक ग्रह मंगल होता है। अतः कुंडली में चतुर्थ भाव, चतुर्थेश का शुभ ग्रहों से प्रभावित होना आवश्यक है।

क्या आपकी कुंडली में है संपत्ति के योग?
आइये जानते हैं कुछ सामान्य नियम जिनसे संपत्ति का विचार किया जा सकता है:
1. चतुर्थेश केंद्र में गुरु के साथ हो तो जमीन, मकान के शुभ योग बनते हैं। व्यक्ति एक से अधिक अचल संपत्तियों का मालिक बनता है।
2. कुंडली में चतुर्थेश एवं मंगल उच्च, स्वगृही, मूल त्रिकोणस्थ में शुभ स्थिति में हो तो मनचाही संपत्ति प्राप्त होती है।
3. चतुर्थ भाव का स्वामी दशम भाव में और दशम भाव का स्वामी चतुर्थ भाव में तथा मंगल बलवान हो तो भू-संपत्ति का योग बनता है।
सूर्य चतुर्थ भाव
4. मजबूत सूर्य चतुर्थ भाव में उच्च राशि का होकर बैठा हो तो व्यक्ति 22 से 24 वर्ष की आयु के मध्य मकान या खेती की जमीन का स्वामी बनता है। यदि सूर्य मेष राशि में हो तो 44 से 48 वर्ष की आयु में व्यक्ति अपना मकान बनाता है।
5. चतुर्थेश या मंगल नीच राशि, पाप युक्त हो तो व्यक्ति अपनी संपत्ति का स्वयं ही नष्ट कर देता है।
6. चतुर्थेश एवं नवमेश लाभ भाव में हो और शुभ ग्रहों की दृष्टि में हो तो मकान, जमीन का स्वामी बनता है।

!! ये उपाय भी कर सकते हैं !!
चूंकि भूमि, भवन, संपत्ति का कारक ग्रह मंगल होता है इसलिए कुंडली में मंगल की शुभ स्थिति होना आवश्यक है। यदि मंगल अशुभ है तो व्यक्ति लाख प्रयासों के बावजूद अपना मकान नहीं बना पाता। मंगल की शुभता के लिए कुछ उपाय बताए जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप भी मंगल को प्रसन्न कर सकते हैं।

1. मंगलवार के दिन अष्टधातु में बने मंगल यंत्र की अपने पूजा स्थान में स्थापना करना चाहिए। इसकी नियमित पूजा करना चाहिए। मंगलवार को लाल चंदन, लाल पुष्प से यंत्र की पूजा करें और स्वयं केसर का तिलक लगाएं।

2. मंगलवार को शिवलिंग पर मसूर की दाल अर्पित करें। शनिवार को किसी भूखे को यथाशक्ति इमरती खिलाएं।

3. मूंगे के गणपति गले में पहने जा सकते हैं। या पूजा स्थान में मूंगे के गणपति की स्थापना करें।

4. नवग्रह स्तोत्र का नियमित पाठ करें।
5. मंगलवार को मंगलस्तोत्र का पाठ करें।

!! वाहन सुख का विचार भी चतुर्थ भाव से
1. चतुर्थ भाव से ही वाहन सुख का भी विचार किया जाता है। आप कितने और किस प्रकार के वाहनों के स्वामी बनेंगे, यह चतुर्थ भाव के ग्रह योग देखकर पता लगाया जा सकता है।
2.लग्नेश, चतुर्थेश तथा नवमेश के परस्पर केंद्र में रहने से वाहन सुख की प्राप्ति होती है।
3.लग्नेश तथा चतुर्थेश एक साथ लग्न, चतुर्थ या नवम भाव में हो तो इन्हीं ग्रहों की दशा या अंतर्दशा में वाहन सुख मिलता है।

क्या आपकी कुंडली में है संपत्ति के योग?
पंचमेश चतुर्थ भाव में हो
4.चतुर्थेश पंचम भाव में तथा पंचमेश चतुर्थ भाव में हो तो वाहन मिलता है।
5.शुक्र से सप्तम भाव में चंद्रमा होने पर भी उत्तम वाहन सुख मिलता है। एक से अधिक वाहनों का स्वामी बनता है।
6.चतुर्थेश, शनि, गुरु व शुक्र के साथ नवम भाव में हो तथा नवमेश केंद्र या त्रिकोण में हो तो अनेक वाहनों का सुख मिलता है।

▪ अगर आपके भी कुंडली में भी इस तरह से योग बन रहे हो आप को पैतृक संपत्ति प्राप्त करने का योग बन रहा हो या धन प्राप्ति का योग बनता हो या अन्य किसी भी प्रकार से आपकी कुंडली में धन लाभ का योग बन हो जिसकी जानकारी विशेषण समाधान और उपाय प्राप्ति के लिए संपर्क करें ।

25/05/2023

जन्मकुंडली में कैंसर होने के योग :----
- राहु को विष माना गया है यदि राहु का किसी भाव या भावेश से संबंध हो एवं इसका लग्न या रोग भाव से भी सम्बन्ध हो तो शरीर में विष की मात्रा बढ़ जाती है।

षष्टेश लग्न, अष्टम या दशम भाव मे स्थित होकर राहु से दृष्ट हो लग्नेश कमजोर हो जाए तो कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

बारहवें भाव में शनि-मंगल या शनि-राहु, शनि-केतु की युति हो लग्न पर किसी भी शुभ ग्रह का प्रभाव न हो तथा लग्नेश भी कमजोर हो तो जातक को कैंसर रोग देती है।

राहु की त्रिक भाव या त्रिकेश पर दृष्टि हो तथा बुध गुरु कमजोर हो चन्द्रमा अस्त या मृत हो या लग्नेश छठे ,आठवे भाव मे बैठे हो तथा लग्न पर भी पाप ग्रहों का प्रभाव हो तो भी कैंसर रोग की संभावना बढ़ाती है।

षष्टम भाव तथा षष्ठेश पीडि़त या क्रूर ग्रह के नक्षत्र में स्थित हो।लग्नेश कमजोर हो चन्द्रमा सूर्य भी कमजोर हो जाए तो यह योग सम्भावनाए उत्पन्न कर सकता है।।।

बुध ग्रह त्वचा का कारक है अत: बुध अगर क्रूर ग्रहों से पीडि़त हो तथा राहु से दृष्ट हो लग्नेश कमजोर हो छठे और आठवे भाव का स्वामी लग्न में बैठा हो तो जातक को कैंसर रोग होने की संभावना रहती है।

बुध ग्रह की पीडि़त या हीनबली या क्रूर ग्रह के नक्षत्र में स्थिति भी कैंसर को जन्म देती है। बृहत पाराशरहोरा शास्त्र के अनुसार षष्ठ पर क्रूर ग्रह का प्रभाव स्वास्थ्य के लिये हानिप्रद होता है।

सभी लग्नों में कर्क लग्न के लोगों को सबसे ज्यादा खतरा इस रोग का होता है।

- कर्क लग्न में बृहस्पति कैंसर का मुख्य कारक है, यदि बृहस्पति की युति मंगल और शनि के साथ छठे, आठवे, बारहवें या दूसरे भाव के स्वामियों के साथ हो जाये व्यक्ति की मृत्यु कैंसर के कारण होना लगभग तय है।

- शनि या मंगल किसी भी कुंडली में यदि छठे या आठवे स्थान में राहू या केतु के साथ हों तो कैंसर होने की प्रबल सम्भावना होती ।।।

और भी बहुत से योगों को देखना आवश्यक रहता है🙏🙏🙏

यदि लग्न पर शुभ ग्रह की दृष्टि है तथा लग्नेश बलि है तो ऐसा कुछ भी रोग जातक को नही होता।।।।

कुंडली विश्लेषण हेतु संपर्क करे।।।।

25/05/2023

*नौकरी हर इंसान की जरूरत है। लेकिन कई प्रयासों के बाद भी जब नौकरी न मिले तो स्वाभाविक रूप से हम भाग्य को कोसने लगते हैं। यह 10 उपाय हैं खास आपके लिए...*

*1. शनिदेव की आराधना- आप प्रत्येक शनिवार को शनि मंदिर जाकर शनिदेव को सरसों तेल व काले तिल अर्पित करें व 'ॐ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र के 43 जप करें।*

*2.सात तरह के अनाज- सात तरह के अनाज मिलाकर अपने ऊपर से सात बार उतार लें व थोड़ा-थोड़ा कर सुबह-सुबह पक्षियों को खिलाना शुरू कर दें।*

*3. हनुमान जी की फोटो- अपने पूजा स्थान पर उड़ते हुए हनुमान जी की फोटो लगाएं व उनकी आराधना करें। आपके नौकरी के द्वार शीघ्र ही खुलने लगेंगे। आपको नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाना है तो घर से निकलने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।*

*4.पीपल में जल- पीपल के पेड़ में जल चढ़ाने से सभी देवता व अपने पित्र देव प्रसन्न होते हैं।*

*5- कुंए में दूध- किसी भी दिन पानी वाले कुंए में थोडा दूध डालें और इस बारे में किसी को भी न बताएं नौकरी पाने का यह एक कारगर टोटका है।*

*6 . शिवलिंग पर दूध - शिवलिंग पर दूध और पानी चढ़ाएं, थोड़े चावल व मीठा भी अर्पित करें.रोजाना शिवलिंग पर जल चढ़ाकर अक्षत यानी चावल अर्पित करना चाहिए।इस उपाय से अखंड लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।*

*7. मां काली के मंदिर में चावल प्रत्येक माह के पहले सोमवार को एक सफेद कपड़े में थोड़े काले चावल बांधकर मां काली के मंदिर में जाकर चढ़ाएं।*

*8. गणेश जी का चित्र- किसी भी गणेश चतुर्थी को गणेश जी का ऐसा चित्र घर पर लगाएं, जिसमें उनकी सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई हो। उनकी आराधना करें। उनके आगे लौंग तथा सुपारी रखें। जब भी कहीं काम पर जाना हो, तो इस लौंग तथा सुपारी को साथ लेकर जाएं, तो काम सिद्ध होगा।*

*9. इंटरव्यू देने जाते समय यदि रास्ते में कोई गाय नजर आ जाए तो उसे आटा-गुड़ खिला कर जाएं।*

*10. नौकरी की तलाश में जाएं तो उस दिन हल्दी मिले पानी से स्नान करें।*

24/05/2023

एक सरकारी नौकरी के लिए सर्व प्रथम आपको मजबूत इच्छा शक्ति (चन्द्रमा ), तीक्ष्ण बुद्धि (बुध ) और भाग्य (गुरु) का सहयोग चाहिए होता है....

जिसक़ी कुंडली में सूर्य बुध चन्द्रमा वा गुरु अच्छी स्थिति में नहीं होंगे ऐसे जातक को कभी सरकारी नौकरी क़ी प्राप्ति नहीं होगी ....

क्युकी सूर्य प्रसिद्धि के कारक हैँ बुध बुद्धि वा विवेक के,चन्द्रमा मजबूत इच्छा शक्ति के और गुरु भाग्य के,अगर सरकारी नौकरी चाहिए तो मंगल समेत आप अपने इन चारो ग्रहो को मजबूत कीजिये....

सरकारी नौकरी क़ी प्राप्ति के लिए इन चारो ग्रहो का एक साथ मजबूत होना अनिवार्य है क्युकी इनके ही संयोजन से जातक को सरकारी नौकरी क़ी प्राप्ति होती है अन्यथा इनमे से किसी एक दो गृह के मजबूत होने पर भी आपको निराशा ही हाथ लगेगी.....

10/03/2023

🙏ज्योतिष मित्रों प्रणाम 🙏
नीचे दी गई युतियों के, बारे में मेरा अनुभव।
गुरु राहु मिथ्याभिमान,
चंद् राहु मानसिकअशांति
सूर्य राहु अनैतिक कार्य,
मंगल राहु उग्रता,
शुक्र राहु भोग विलास,
बुध राहु आलसी,
मंगल शनि टेक्निकल,
सूर्य शनि स्पेस वायुमंडल,
मंगल सूर्य ऊर्जा।

26/02/2023

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Peoda
Kaithal
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