08/08/2026
🌹नित नूतन टेक्नोलॉजी के साथ हमें आगे बढ़ना है — मा. गोविंद जी महंत🌹
नोएडा | 8 अगस्त 2026
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अखिल भारतीय प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार की दो दिवसीय बैठक 8 एवं 9 अगस्त 2026 को भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर सीबीएसई विद्यालय, नोएडा में आयोजित की जा रही है। बैठक के उद्घाशटन सत्र में मा. गोविंद जी महंत, अखिल भारतीय संगठन मंत्री, मा. सुधाकर जी रेड्डी, दक्षिण मध्य क्षेत्र संगठन मंत्री एवं प्रभारी प्रचार विभाग, मा. ललित बिहारी गोस्वामी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य तथा श्री राजेंद्र जी बघेल, संयोजक अखिल भारतीय अभिलेखागार की गरिमामय उपस्थिति रही।
वंदे मातरम् अभियान एवं अमृत उत्सव को लेकर दो दिवसीय बैठक
उद्घाटन सत्र में भूमिका रखते हुए मा. सुधाकर जी रेड्डी ने कहा कि वंदे मातरम् अभियान देशभर में व्यापक रूप से चलाया जाएगा। अमृत उत्सव को ध्यान में रखते हुए प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार की यह दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने प्रचार कार्य को समाज तक संगठन के विचार एवं गतिविधियों को प्रभावी रूप से पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
ज्ञान एवं संस्कार की परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाना हमारा दायित्व — मा. गोविंद जी महंत
अखिल भारतीय संगठन मंत्री मा. गोविंद जी महंत ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम विद्या भारती के कार्यकर्ता हैं और वर्ष 1952 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। स्वतंत्रता के पश्चात देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, राष्ट्र का पुनरुत्थान तथा राष्ट्रभक्त नागरिकों के निर्माण की दृष्टि से सरस्वती शिशु मंदिर योजना का प्रारंभ हुआ। आज देशभर में इस शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से संस्कारयुक्त शिक्षा पहुंच रही है और समाज ने इसे स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा कि आज देश के विद्यालयों में समान रूप से सरस्वती वंदना की व्यवस्था है तथा सत्र के समापन पर वंदे मातरम् का गायन किया जाता है। हमारा उद्देश्य ऐसे शिशुओं एवं नागरिकों का निर्माण करना है जिनमें “मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, राष्ट्र देवो भव” की भावना विकसित हो।
उन्होंने कहा कि प्राचीन मुनियों, ग्रंथों, संत-महात्माओं और भारत की पुण्यभूमि से प्राप्त संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। भारत की संस्कृति और परंपरा में ज्ञान एवं संस्कार का हस्तांतरण पीढ़ी-दर-पीढ़ी होता आया है। तीर्थों पर हजारों लोगों का एक साथ स्नान करना हमारी आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का उदाहरण है। ऐसे संस्कारों का निर्माण हमारी शिक्षा एवं सामाजिक व्यवस्था के माध्यम से हुआ है और इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।
मा. महंत ने कहा कि हमारा कार्य केवल विद्यालय चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आदर्श स्थापित करते हुए विश्व कल्याण की भावना से आगे बढ़ना है। विद्या भारती द्वारा किए जा रहे इन कार्यों को समाज तक पहुंचाने में प्रचार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि “जो सत्य है, वही स्थायी और चिरंतन है।” प्रचार विभाग का दायित्व है कि विद्या भारती के विचार, चिंतन, गतिविधियों और उपलब्धियों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाए।
नित्य नूतन टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ना होगा
उन्होंने कहा कि समय निरंतर बदल रहा है। हम विद्यालय चला रहे हैं, इसलिए समय के साथ नित्य नूतन तकनीक को अपनाते हुए आगे बढ़ना होगा। टेक्नोलॉजी के साथ निरंतर आगे बढ़ते रहना आवश्यक है। आधुनिक संचार माध्यमों और तकनीक का उपयोग करते हुए अपने विचारों एवं कार्यों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
अभिलेखागार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हमारे कार्य, विचार, चिंतन और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास को जान और समझ सकें। जिन लोगों ने विद्या भारती के कार्य में सहयोग दिया, उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को कैसे ज्ञात होगा, इसके लिए इतिहास और अभिलेखों का संरक्षण आवश्यक है। इस दृष्टि से अभिलेखागार की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि हमारे विचार एवं चिंतन को स्थापित करना तथा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखना आवश्यक है। प्रचार विभाग को संगठन के सैद्धांतिक आधार, विचार एवं कार्यपद्धति को प्रभावी ढंग से समाज के समक्ष रखने का कार्य करना चाहिए।
स्वागत एवं संचालन
कार्यक्रम में अखिल भारतीय सोशल मीडिया संयोजक एवं पदाधिकारी श्री आलोक जी तिवारी द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथियों का परिचय आदरणीय रामकुमार जी भावसार, अखिल भारतीय प्रचार संयोजक द्वारा कराया गया।
दो दिवसीय बैठक में प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार के कार्यों की समीक्षा, आगामी योजनाओं, तकनीकी माध्यमों के प्रभावी उपयोग तथा संगठन के कार्य एवं विचारों को समाज तक व्यापक रूप से पहुंचाने के विषय पर मंथन किया जा रहा है।