जय जय जवान जय किसान

जय  जय जवान जय किसान

Share

खास मित्र को समर्पित

11/03/2026

शादी का संदेश: सादगी अपनाएं, पर्यावरण बचाएं! 🌿
​बदलाव की शुरुआत: भारी-भरकम और महंगे शादी के कार्ड सिर्फ पैसों की बर्बादी नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह हैं।
​डिजिटल बनें: इस वेडिंग सीजन में कागजी कार्डों को कहें 'ना' और E-Invites या वीडियो संदेश को अपनाएं।
​पैसों की बचत: जो पैसे आप कार्ड्स पर खर्च करते हैं, उन्हें नव-दंपति के भविष्य या किसी नेक काम में लगाएं।
​एक नेक पहल: दिखावे की इस दौड़ को छोड़ें और सादगी से खुशियाँ बाँटें।
​फिजूलखर्ची छोड़ो, सादगी जोड़ो! ✨

29/01/2026
29/01/2026

विरोध करने वालों की बड़ी जीत हुई..... सभी को बधाई

29/01/2026

ऐसा भजन आपने नहीं सुना होगा

03/12/2025

नेहरू जी ने रुपया गोल बनाया जो लुढ़क लुढ़ककर 90 तक आ गया. चौकोर होता तो आज ये ना होता

21/11/2025

हमारे महापुरुष भी सोचते होंगे कि काश! हम महापुरुष ना ही बनते...... जिनकी सहायता और समृद्धि के लिए महापुरुष बने वो तो आपस में लड़ ही रहे है........ #महापुरुष

18/10/2023

*उम्मीद*
बेटी के ससुराल के पास ही आया था, सोचा समधी जी और बिटिया से मिलता हुआ जाऊ। समधीजी सरकारी मुलाजिम थे, आजकल सेवानिवृत जीवन का आनंद ले रहे है और ले भी क्यों ना, दो बेटे और दो बेटियों कि शादी कर दी है..... अब पोते पोतियों के साथ खेलने के दिन जो चल रहे हैं। यही सोचते रास्ते में चलते कुछ फल - मिठाई लिए और पहुँच गये अपने बिटिया के ससुराल..... पहुँचते ही नाना - नाना की तुतली आवाज़ से स्वागत हुआ हमारा, अपने दोहिते (नाती ) को गोद में लेते हुई समधी जी से राम राम हुए। फिर हम काफ़ी देर तक इधर उधर की बातों में मशगूल रहे तभी बिटिया आई हमारे लिए चाय नास्ता लेके..............मेरी बिटिया.. उसके नामकरण पे ही पहली बार गोद में लिया था उसको...उसकी बिल्कुल छोटी छोटी से ऊँगलियों ने जब मेरे गालों को छुआ तब मुझे अपने पिता बनने का पहली बार अहसास हुआ। बिटिया से बड़ा पुत्र भी हैं एक.. पर बेटी के जीवन में आने से ही मुझे अपनी जिम्मेदारी का कुछ अहसास हुआ। जब छोटी सी गुड़िया मेरे साथ खेलती थी तभी मेरे अंतर्मन में उसके भविष्य की चिंता सताने लगती। मुझे बहुत बार ये अहसास हुआ कि बेटी के पैदा होने के साथ ही मेरा व्यवहार मेरी पत्नी के साथ बहुत बदल गया। दकियानुशी माहौल में पला बढ़ा मैं, अपनी पत्नी को अपनी जागीर समझने वाला इंसान बच्ची का पिता बनते ही कुछ कुछ बदल गया। अब मैं अपनी पत्नी से वैसा ही व्यवहार करता, जैसा मुझे लगता कि मेरी पुत्री के साथ भविष्य में उसका पति करें। पढ़ाई में बहुत तेज मेरी बेटी बहुत जल्दी बड़ी हो गई, जैसे जैसे उसकी कक्षाओं का स्तर बढ़ता गया, मेरी उसको और उसके भविष्य की चिंता का स्तर भी बढ़ता गया।12th में उसके काफ़ी अच्छे नंबर आये थे और परीक्षा परिणाम वाले दिन ही बेटी ने मुझे बता दिया की उसे अध्यापक बनना है...

क्रमशः

12/09/2022

एक कर्मचारी कम्पनी के सभी कामों से बचता था लेकिन बॉस को मक्खन लगाने में बड़ा माहिर था.....।

वह बॉस के आदेश के अनुसार सभी काम करता था। ऑफिशियल काम को छोड़ कर वह बॉस के सभी निजी काम जैसे उनके बेटे की कॉलेज फीस जमा करना, बेटी की डांस कॉस्ट्यूम खरीदना, उनकी कार की सर्विसिंग का काम, उनके बेटे का प्रोजेक्ट पूरा करना, यानी लगभग सब कुछ करता था इसलिए जाहिर था कि, वह बॉस का पसंदीदा था उसे सभी प्रोत्साहन और इन्क्रीमेंट समय से मिलता था और दूसरी तरफ बाक़ी कर्मचारी , ऑफ़िशियल काम पूरा करने पर भी बॉस की डाँट खाते रहते थे ।

एक दिन अचानक बॉस की मां के निधन की खबर मिली। सारे कर्मचारी बहुत उदास चेहरे के साथ उनके घर भागे जैसे उनकी ही माँ का देहांत हो गया हो.......

और हैरानी की बात यह थी कि ऐसे वक्त में वह बन्दा बॉस के घर के आस पास भी नहीं देखा गया, जिसके बारे में हर कोई कयास लगा रहा था......
कि वह अनुपस्थित कैसे..

अब अन्य कर्मचारियों ने माल्यार्पण से सुसज्जित वाहन की व्यवस्था की और बॉस की मां को श्मशान ले जाया गया...

लेकिन जब सब शवदाह गृह पहुंचे तो पहले से ही 16 शव बिजली से जलने के लिए कतार में थे। प्रत्येक शरीर को जलने में लगभग 1 घन्टा लग रहा था .... यानी कि कुल मिलाकर सूर्यास्त से पहले दाह संस्कार संभव नहीं था। बॉस का चेहरा लाल हो रखा था और बाक़ी सब भी परेशान थे......

अचानक कतार में पड़े 16 शव में से दूसरा शव उठ बैठा .......

उपस्थित सब लोग मारे डर के भाग खड़े हुए.....

बाद में पूर्ण आश्चर्य के साथ पता चला कि यह कोई शव नहीं था बल्कि वही बन्दा था.....

उसने तुरंत बॉस को बताया ...

श्रीमान, माफ़ी चाहूँगा सुबह से आपके घर नहीं आ पाया था क्योंकि जैसे ही आपकी माता जी के देहांत का समाचार सुना और देखा कि सब आपके घर की तरफ भाग रहे हैं तो ख्याल आया कि पहले यहां का भी इंतजाम देख लूँ और देखा तो पाया कि जब आप बॉडी लेकर आयेंगे तो शाम तक मुश्किल से नंबर आ पायेगा । आज तो बस आपके खातिर सुबह से ही आपकी माता जी का नंबर लगा दिया सर सुबह 8 बजे से ही लाश बनकर लेटा हुआ हूं यहाँ..

सब उसकी प्रतिबद्धता के स्तर को देखकर दंग रह गए। और बॉस कभी उसको बड़े प्यार से देखते और कभी बाक़ी कर्मचारियों को खा जाने वालीं निगाहों से.......!!

26/05/2020

अब कोई भी महिलाओ को आंटी नही बोलेगा
स्वदेशी अपनाओ..
"काकीसा" बोलो
😂😂😂😂

19/03/2020

हिंदुस्तान अब रहने के काबिल नहीं रहा,
it's so dirty here....
कहने वाले जहाज भर भर कर विदेशों से वापस आ रहे हैं...!!
😆😂

Want your school to be the top-listed School/college in Nokha?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Telephone

Website

Address


Nokha
334803