कहानी मार्मिक और आँखें खोलने वाली है... Like मत करिये बस पढ़ लिजिए ---मूल कहानी कुंवर हरिसिंह राठौड़ हरियासर की है | जो आजकल सभी समाज के युवाओं पर सटीक बैठती हैं ।
आज के कॉलेज विद्यार्थियों द्वारा पढ़ाई को छोड़कर अन्य गतिविधियों पर ध्यान देने और उनके पिताजी की हाड़तोड़ मेहनत पर कॉपी किया हुआ लेख .....
#आइठोंण--
एक बार पुरा जरूर पढ़ना
आज #फ़ौजी छुट्टी आया है वो घर आने से पहले #जैसलमेर से इम्तिहान देकर आ रहा है । गांव आने के लिए भड़भडाहट करती बस जिसमे ऐसा कुछ नही जो बजता नही हो ।पर सदीकिये के गीत उसे रेगिस्तान की मिट्टी की खुशबू को ओर अंदर तक रेगिस्तान मैं होने का एहसास दिला रहे थे । शाम के पांच बजे ढाणियों मैं सवारियों को उतारते हुए बस फौजी के गांव पहुची ।
उतरते ही मन मे कई ख्याल की कौन क्या कर रहा होगा। .....पापा...खेत मे होंगे।
मम्मी...... गायो को चारा डाल रही होगी ।
काकू... बा के पास चिलम पी रहे होंगे ।
कमली ....शायद रसोई मैं
सोचते सोचते घर के नजदीक कब पहुँचा भनक तक न लगी । देखा पिताजी वही अपने पुराने अंदाज मैं आकड़ो को मात दे रहे थे । मन थोड़ा विचलित हुआ कि अब तो उम्र हो गई फिर भी इनसे बैठा नही जाता । घर पहुच कर थैला रखा और इस मन से गया कि आज तो पूरे आकड़ो की बेंड बजा दूंगा न रहेगा आंकड़ा ओर न चलेगी कुल्हाड़ी ।
ज्यो ही पास पहुँचा..... बोले ....कणों आयो
..हमेंइज
फौजी के मुँह से हल्के से शब्द निकले ...कवाड़ी (कुल्हाड़ी) मनो दयोरि
...की करणो कवाड़ी रो #आकड़ा सेंग बाढ़या पा थू घरे जा पानी पी हु आवो ।
फौजी बात टाल नही सका ........माडे मन हो घरे जाय पाणि पिनो ।
बैठे बैठे सोच रहा था कि अबकी बार तो पक्का ही बोल दूंगा की अब खेतों मैं कुछ नही करना आराम करने के दिन है आराम करो । पर कहे कब ये सोचते सोचते आज पांच साल बीत गए हर छुट्टी मैं यही सोचता पर कह नही पाता । थोड़ी देर मैं पिताजी घर आये। फौजी पास जाकर बैठा । समाचार पूछे जिसमे "हु" के सिवाय उसका कोई प्रतिउत्तर नही था । आज तक कभी पिताजी से सिर उठाके बात नही की । पर आज पांच साल से जो सोच रहा था वो मानो बोल ही देगा । उसी बोलने के अंदाज से सिर ऊपर उठाके कुछ कहने को हुआ कि पिताजी बोल पड़े ...पाणी रो लोटो दये तो । पानी का लोटा हाथ मे देते समय उसकी नजर हाथो के उन आइठाणो पर पड़ी जो हाथ की रेखाओं से कही ज्यादा ऊपर उठे उनकी बरसो की मेहनत , हाड़ तोड़ किसानी के सबूत थे । कई अकालों ...ओर जिम्मेदारियों को पूरा करते करते इन हाथो ने आइठोनो को अपना बसेरा जिंदगीभर के लिए बना लिया था । मन बहुत ही ज्यादा सोच मैं डूब गया कि उसके पढ़ाई , नोकरी , ओर अब फरके फरके फिरने के पीछे इन हाथो , आइठोनो का कितना योगदान है । उसका मन हाथो ओर पैरो के आइठोनो को देखते देखते अपने आप से सवाल पूछ रहा था कि इनका ये कर्ज वो इस जिंदगी मैं चुका पायेगा । इसी सोच मैं वो डूब सा गया । तभी एक जानी पहचानी आवाज ने उसका ध्यान भंग किया । .....फौजी कदे आयो.......आज हीज....सिर ऊपर किया तो देखा #माधोहिंग.. 60 साल की उम्र , केसरिया साफा , मटमैली कमीज पर अखण्ड भारत का नक्शा उनकी मेहनती पसीने से बना था । अत्यंत ही मेहनती इस उम्र मैं भी दस किलोमीटर दूर पैदल जाके खेतो मैं अपनी मेहनत करते और शाम को पैदल ही घर आ जाते । हमेशा शाम को खेतों से घर लौटते समय शाम की एक चिलम तो "बा" के पास जरूर पीते । आज उन्होंने देखा फौजी भी आया हुआ है तो "बा" के पास न जाकर वही बेठ गए । बाते की... केडी थारे नोकरी बिजी , कितरी छुट्टी आयो है , बीजो कुन कुन है आपो दिहला था भेला , अनेको सवाल जिनके जवाब फौजी बड़ी सहानुभूति से दे रहा था । दे भी क्यों नही उसे तो बंतळ का बड़ा शौक था । बातो ही बातों मैं माधोहिंग बोले । मोंटी फौजी मोरे रामो पढ़े है जोपतर( #जोधपुर ) बे बरह हुआ है ठानी की करे है । उसने उनको सकारात्मक जवाब जरूर दिया । पर माधोहिंग हकिकत से बहुत परे थे । रामो (रामसिंह) उनके लड़के का नाम था जो फ़ौजी का फेसबुक दोस्त रामसिंह #जेएनवीयु के नाम से था । उसकी पूरी पढ़ाई #फेसबुक की पोस्टों मैं जिसमे सिर्फ आज की #शायरियों , चुनावो के #पोस्टरों , सेल्फियों का अंधाधुन कबाड़ा , नए नए शोरूमों से खरीदारी करते हुए के फोटो , मूवी होल की पोस्टो ओर तो ओर उसे समाज की इतनी चिंता की इस पढ़ाई की उम्र मैं वो कई सामाजिक और #राजनीतिक हस्तियों के साथ अपनी मौजूदगी को फेसबुक के माध्यम से दोस्तों मैं वाहवाही लेने के चक्कर मे , हमेशा एक नयी हस्ती के साथ अपनी सेल्फी फसबुक पर डालता । पिछली बार फौजी की मुलाकात उससे हुई तो उसकी बातो से मानो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पूरे समाज और देश की चिंता उसे पढ़ाई नही करने दे रही हो । फौजी ने माधोहिंग के आइठोनो को देखते हुए मन ही मन सोचा की कितनी तमन्नाएं इन आइठोनो के पीछे छिपी है, कितने अरमान इनके पीछे दबे है, क्या क्या सोच के पाई पाई इक्कठी करके माधोहिंग ने रामे को पढ़ने भेजा है काश रामा आज आइ- ठाणो को उसकी सही कीमत चुकाए । पर आजकल ऐसे कई रामे माधोहिंग के आइठाणो को नही समझ पा रहे है । उन्हें तो सिर्फ फेसबुक , कॉलेज की राजनीति , दोस्तो के साथ पार्टी की पड़ी है । इसी चकाचोंध भरी दुनिया से निकल कर काश रामा माधोहिंग की ख्वाहिशे पूरी कर उनके आइठानो की असली कीमत चुका पाए । फौजी को अब अफसोस नही था कि उसके पिताजी के आइ- ठानो से उसने जरूर थोड़ा कुछ हासिल किया है ।
#कॉपी_पेस्ट
Sunshine Public School, Chimana
आपके क्षेत्र चिमाणा में सभी सुविधाओं ?
15/08/2021
स्वतंत्रता दिवस पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।।
विद्यालय में निर्माणाधीन भवन में देरी के कारण होने वाली वॉलीबॉल प्रतियोगिता को आगे रखा गया है ।
सोशल मीडिया के माध्यम से दोबारा सूचित कर दिया जाएगा परेशानी के लिए खेद है ।।
03/02/2021
आपको सहर्ष सूचित किया जा रहा है कि 18 फरवरी 2021 से आपके विद्यालय सनशाइन पब्लिक स्कूल, चिमाणा में बॉलीबॉल प्रतियोगिता की जा रही है ।
विद्यालय परिवार को पूर्ण विश्वास है कि हमेशा की तरह इस बार भी आपका मार्गदर्शन एवं भरपूर सहयोग मिलता रहेगा ।
नोट :- जोधपुर एवं बीकानेर जिले के प्रतियोगी भाग ले सकते है और एक ग्राम पंचायत के खिलाड़ी होने चाहिए ।
धन्यवाद
Khinv Karan Siyol
9983582161
आवश्यकता :-
हिंदी एवं संस्कृत भाषा के शिक्षक की दसवीं तक पढ़ाने के लिए ।।
14/01/2021
आप सभी को मकर सक्रांति की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।।
04/01/2021
आज ही अपने बच्चे का प्रवेश करावें ।।
सम्पूर्ण सुविधायुक्त विद्यार्थियों के रहने के लिए हॉस्टल सुविधा ।। (अनुभवी गुरुजन संपर्क करें)
प्रशिक्षित गुरुजनों द्वारा अध्ययन ।।
एकांत एवं स्वच्छ वातावरण ।। खेल मैदान ।।
01/01/2021
Welcome 2021🌻🌻🌻
31/12/2020
अलविदा 2020
14/11/2020
दीपोत्सव पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।।
एक पुत्र अपने वृद्ध पिता को रात्रिभोज के लिये एक अच्छे रेस्टोरेंट में लेकर गया ..!! खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया ..!! रेस्टोरेंट में बैठे दूसरे खाना खा रहे लोग वृद्ध को घृणा की नजरों से देख रहे थे लेकिन उसका पुत्र शांत था ....!!
खाने के बाद पुत्र बिना किसी शर्म के वृद्ध को वॉशरूम ले गया ..!! उनके कपड़े साफ़ किये..,, चेहरा साफ़ किया..,, बालों में कंघी की..,, चश्मा पहनाया..,, और फिर बाहर लाया ..!! सभी लोग खामोशी से उन्हें ही देख रहे थे ....!!
फ़िर उसने बिल का भुगतान किया और वृद्ध के साथ बाहर जाने लगा ..!! तभी डिनर कर रहे एक अन्य वृद्ध ने उसे आवाज दी, और पूछा - क्या तुम्हें नहीं लगता कि यहाँ अपने पीछे तुम कुछ छोड़ कर जा रहे हो..?
उसने जवाब दिया - नहीं सर..,, मैं कुछ भी छोड़कर नहीं जा रहा ....!!
वृद्ध ने कहा - बेटे..,, तुम यहाँ प्रत्येक पुत्र के लिए एक शिक्षा..,, सबक और प्रत्येक पिता के लिए उम्मीद छोड़कर जा रहे हो ....!!
आमतौर पर हम लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता को अपने साथ बाहर ले जाना पसंद नहीं करते,
और कहते हैं - क्या करोगे, आपसे चला तो जाता नहीं, ठीक से खाया भी नहीं जाता, आप तो घर पर ही रहो, वही अच्छा होगा ....!!
लेकिन क्या आप भूल गये कि जब आप छोटे थे, और आपके माता पिता आपको अपनी गोद में उठाकर ले जाया करते थे ..!! आप जब ठीक से खा नहीं पाते थे तो माँ आपको अपने हाथ से खाना खिलाती थी..,, और खाना गिर जाने पर डाँट नही प्यार जताती थी ....!!
फिर वही माँ बाप बुढ़ापे में बोझ क्यों लगने लगते हैं..?
माँ-बाप भगवान का रूप होते हैं। उनकी सेवा कीजिये, और प्यार दीजिये क्योंकि एक दिन आप भी बूढ़े होंगे ....!!
#अपने_माता_पिता_का_सर्वदा_सम्मान_करें..!!
03/08/2020
रक्षा बंधन के पवित्र पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं ।।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Contact the school
Telephone
Website
Address
Chimana
Jodhpur
342311