Sat Guruji sat gan

Sat Guruji sat gan Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Sat Guruji sat gan, Education, Jodhpur.

15/07/2023

#ज्ञानगंगा_Part80

"सतभक्ति करने से कैंसर व किडनी रोग ठीक हुआ"

मैं भक्तमति जय श्री दासी, गाँव सुलगाँव, जिला खण्डवा, तहसील - पुनासा (म. प्र.) की निवासी हूँ। मेरी शादी के आठ साल बाद मेरी तबियत खराब हो गई थी। मेरे पति ने मुझे गाँव के आस-पास के डॉक्टरों को दिखाया गया, परन्तु कोई फायदा नहीं हुआ। मेरी हालत और ज्यादा खराब होती गई, फिर मुझे इंदौर मैडिकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहाँ पर में 15 रोज तक भर्ती रही। मेरी एक जांच मुम्बई में हुई । जिसमें 25 हजार रूपयें खर्च हुए। जिसमें पता चला कि मेरी दोनों किडनीयों में इंफेक्शन है और आजीवन गोली खानी पड़ेगी। 6 साल तक मेरा ईलाज डॉ. अंशद रियाज के पास चला लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उसके बाद हमने इंदौर में आई.जी. चौराहा स्थित अनूप नगर में डॉ. नरेश पाहवा एम. डी. (मेडिसन), डी. एम. (नेफ्रोलाजी, पी. जी. आई. चण्डीगढ़ किडनी रोग एवं ट्रांसप्लान्ट विशेषज्ञ) से इलाज करवाया। मेरे ईलाज पर 5 लाख रूपये खर्च हो चुके थे और दवाई का 15 हजार रूपये प्रति महीना खर्चा आता था। उस समय मेरी उम्र मात्र 26 साल थी और संतान रूप में एक बेटा था। लेकिन 1 साल तक ईलाज करने के बाद डॉ. नरेश ने बोल दिया की ये लड़की 10 साल से ज्यादा जीवित नहीं रहेगी। ये वचन मेरे परिवार पर वज्रपात से कम नहीं थे। क्योंकि जब अन्तिम समय निरधारित हो जाए, तो जीवन का शेष समय' मौत से भी कठिन हो जाता है।

उस समय पूर्ण परमात्मा ने जोत से जोत जगाई, मेरी मौसी जी की बेटी रेखा को कैंसर की बिमारी थी। सन् 2013 में उन्होंने संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लिया। सतभक्ति करने से उनका कैंसर रोग ठीक हो गया था। उन्होंने ही मुझे नाम उपदेश लेने के लिए प्रेरित किया। मैंने 22 अप्रैल 2018 को नाम उपदेश लिया, पूर्ण विश्वास से सतभक्ति करने से 15 दिन के अंदर ही मेरी गोली दवाई बंद हो गई। सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की दया से आज मैं बिल्कुल ठीक हूँ। आज में पहले जैसे सारा काम कर लेती हूँ। मैं एक किसान परिवार से हूँ, आज में खेतों में काम करती हूँ। जबकि बीमारी के समय मैं अपना खाना भी खुद से नहीं खा पाती थी । अगर आप मेरा अनुभव पढ़कर कुछ पूछना चाहे तो मेरे फोन नम्बर 9977413652 पर आप फोन करके पूछ सकते हैं और मेरी सारी बीमारी की रिपोर्ट मैंने संभल कर रखी हैं, प्रमाण के लिए दिखा व Whatsapp भी कर सकती हूँ। अपने जगत के भाई बहनों से प्रार्थना है कि संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लो और अपना और अपने परिवार का कल्याण करवाओ।

मनुष्य जन्म दुर्लभ है, ये मिले ना बारम्बार । तरूवर से पता टूट गिरे, फिर बहुर न लगता डार।

भक्तमति जयश्री दासी, गांव-सुलगांव तह- पुनासा जिला खण्डवा (म. प्र. ) फोन नं. - 9977413652

•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए Sant Rampal Ji Maharaj YOUTUBE चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे।

संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं।
https://online.jagatgururampalji.org/naam-diksha-inquiry

पवित्र गुरु ग्रन्थ साहेब में नानक जी ने धानक शब्द परमात्मा के लिए लिखा है।वह परमात्मा कौन है ? जानने के लिए अवश्य पढ़ें प...
10/03/2022

पवित्र गुरु ग्रन्थ साहेब में नानक जी ने धानक शब्द परमात्मा के लिए लिखा है।
वह परमात्मा कौन है ? जानने के लिए अवश्य पढ़ें पुस्तक ज्ञान गंगा।

26/02/2022

The trunk of the peepal tree is to be considered as Akshar Purush, thick branches, to be Kshar Purush. 3 more branches arise from the main branch are to be considered as the 3 gods. The leaves coming out of these branches are to be considered as people of this world

Saint rampal ji ka bo
15/02/2022

Saint rampal ji ka bo

11/02/2022



भक्तिकाल की निर्गुण परम्परा के सुप्रसिद्ध कवि वास्तव में कौन थे ? क्या कबीर साहिब केवल कवि थे या कोई सिद्ध पुरुष या कोई अन्य ?
कबीर साहिब जी 120 वर्ष तक इस पृथ्वीलोक पर रहे और अपने तत्वज्ञान का प्रचार किया।

उस समय के नकली ब्राह्मणों ने यह भ्रम संसार में फैला रखा था कि जो काशी में मरता है वह सीधा स्वर्ग जाता है और जो मगहर में मरता है वह नरक जाता है।

जबकि वास्तविकता यह है कि सही विधि से भक्ति करने वाला कहीं भी प्राण त्याग दे वह अपने सही स्थान पर जाता है। कबीर साहेब जी ने ब्राह्मणों द्वारा फैलायी इस भ्रांति को तोड़ने के लिए काशी के सभी पंडित, ज्योतिषों से कह दिया कि इस दिन वे मगहर में देह त्याग करेंगे तथा वे अपने-अपने पोथियों में जांच लें कि मैं कहाँ गया हूँ।
स्वर्ग या उससे भी श्रेष्ठ स्थान सतलोक में।

ऐसा कहकर कबीर साहिब ने काशी में मगहर के लिए प्रस्थान किया।
कबीर साहिब के उस समय शिष्य दोनों धर्म ( हिन्दू मुस्लिम )के लोग थे। राजा बीर सिंह बघेल एवं बिजली खां पठान भी कबीर साहिब के शिष्य थे वे चाहते थे कि अपने गुरुदेव के शरीर को अपनी अपनी रीति रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करेंगे।

इस कारण से वीर सिंह बघेल और बिजली खां पठान दोनों युद्ध के उद्देश्य से सेना लेकर मगहर में पहुँच गए।
कबीर साहिब ने कहा कि मैं बहते जल में स्नान करूँगा। तब बिजली खां पठान ने कहा कि आपके लिए पानी की व्यवस्था तो की है लेकिन बहते हुए की नहीं।
पास ही सूखी पड़ी आमी नदी के विषय में कबीर साहिब को बताया। तब कबीर साहिब ने आमी नदी देखने की इच्छा व्यक्त की। आमी नदी को देखकर कबीर साहिब ने हाथ से आगे बढ़ने की ओर इशारा किया इतने में ही नदी जल से प्रवाहित हो गई और बहने लगी। वह नदी आज भी बह रही है जो शिवजी के श्रापवश सूखी पड़ी थी लेकिन कबीर परमेश्वर ने उसे पुनः जीवन दिया।

कबीर साहेब जी ने बहुत ज्यादा संख्या में सेना देखकर दोनो राजाओं को फटकार लगाई क्योंकि वे अंतर्यामी थे सब जानते थे। तथा पुनः समझाया कि तुम एक पिता की संतान हो, हिन्दू मुस्लिम अलग नहीं हैं व झगड़ा करने से मना किया। वास्तव में एक बहुत बड़ा गृहयुद्ध कबीर साहिब ने टाल दिया। फिर कबीर साहिब ने एक चादर बिछवाई एवं उसके ऊपर स्वयं लेटकर अन्य चादर ओढ़ ली। कुछ फूल नीचे वाली चादर पर बिछा दिए। ततपश्चात आकाशवाणी हुई कि कोई झगड़ा न करना, इस चादर के नीचे जो भी मिले उसे आप हिन्दू व मुसलमान आधा-आधा बांट लें और कबीर साहिब जी बोले कि मैं स्वर्ग से भी ऊँचे स्थान सत्यलोक में जा रहा हूँ। जब चादर हटाई गई तो केवल सुंगधित फूलों के अलावा कुछ न मिला क्योंकि कबीर परमेश्वर सशरीर सत्यलोक चले गए थे।

इससे स्पष्ट होता है कि कबीर परमेश्वर अविनाशी हैं। उनकी कभी मृत्यु नहीं होती।
वे सशरीर आये थे व सशरीर चले गए। उस स्थान में और रुदन होने लगा। बिना झगड़ा किये दोनों धर्मों ने आधे-आधे फूल बांटे एवं उस पर एक यादगार बना दी जो आज भी मगहर में विद्यमान है। आज भी मगहर में कबीर परमेश्वर के आशीर्वाद से हिन्दू व मुस्लिम भाईचारे के साथ रहते हैं व धर्म के नाम पर आपस में कोई झगड़ा नहीं करते हैं।

12 फरवरी 2022 को परमेश्वर कबीर साहिब जी का प्रस्थान दिवस है।

अधिक जानकारी के लिए जरूर सुनें अनमोल ज्ञान साधना टीवी चैनल पर प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से।

संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नाम उपदेश लेने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जायें।
⬇️⬇️

https://online.jagatgururampalji.org/naam-diksha-inquiry

Molaser nagor me Malik ki book seva
05/02/2022

Molaser nagor me Malik ki book seva

04/02/2022

The really sotry

Sadi for no dowary
02/02/2022

Sadi for no dowary

30/01/2022

Saint rampal ji 🙏🏼🙏😢🙏🙏🏼

 ो_ज्ञान_क़ुरानQuran Sharif-25:59  He who created the heavens and the earth and what is between Sky and Earth in six day...
24/01/2022

ो_ज्ञान_क़ुरान

Quran Sharif-25:59 He who created the heavens and the earth and what is between Sky and Earth in six days and then
established Himself above the Throne - the Most Merciful [Kabir], so ask about Him one well informed.

Bakhabar Sant Rampal Ji

23/01/2022

Address

Jodhpur
342005

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sat Guruji sat gan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to Sat Guruji sat gan:

Shortcuts

Share

Category