24/07/2020
हरा भरा हमारा विद्यालय...
आज से ठीक 2 साल पहले [24-07-2018] विधार्थियो ने जिस सपने के साथ परिसर में पौध रोपण किया था, आज वह वटवृक्ष का रूप लेते नजर आ रहे है। चारो तरफ हरियाली ही हरियाली कलरव करते पक्षी शुद्ध वातावरण में नजर आ रहे है।
आई जी पब्लिक विद्यालय चामू तहसील- बालेसर, जिला-जोधपुर
27/06/2020
To the point-👉
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✅ आकाशीय बिजली – मानसून की दस्तक या मौत का प्रहार
✅ सुर्खियों में –
➡️ हाल ही में उत्तर भारत में आकाशीय बिजली के कहर से लगभग 200 व्यक्तियों की मौत हो गयी है|
अब मानसून की दस्तक के साथ ही देश में आकाशीय बिजली की घटनाओं का सिलसिला शुरू हे चुका है।
➡️ मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 72 घंटे में अकाशीय बिजली के साथ बारिश हो सकती है।
✅ आकाशीय बिजली-
➡️ क्या है? –
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वायुमण्डल में विद्युत आवेश का एक वस्तु से दूसरी पर स्थानान्तरण और उससे कड़कड़ाहट उत्पन्न होना आकाशीय बिजली हैं।
➡️ कैसे बनती है आकाशीय बिजली? –
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आकाश में बादल दो तरह के आवेशों से आवेशित रहते है जो कि धनात्मक और ऋणात्मक होते है, और इनके चार्जिंग डेंसिटी के आधार पर इनमें वोल्टेज डिफरेंस होता हैं जो आकाशीय बिजली के उत्पन्न होने का कारण होता है|
बरसात मे चूँकि वातावरण में नमी ही नमी बनी रहती हैं जो कि विद्युत के लिए सुचालक का काम करती हैं। और जब दो बाद विपरीत आवेष वाले पास पास मे आ जाते है तब इस स्थिति में high voltage (उच्च विद्युत दाब) की वजह से आपस ने तेज स्पार्क पैदा होता हैं जिसे हम आकाशीय बिजली के रूप में जानते हैं।
आकाशीय बिजली धरती पर पहुंचने पर बेहतर कंडक्टर (संचालक) को तलाशती हैं, जिससे वह गुजर सके। इसके लिए धातु और पेड़ उपयुक्त होते हैं। बिजली अक्सर इन्ही माध्यमों से पृथ्वी में जाने का रास्ता चुनती है।
✅ आकाशीय बिजली से बचने के उपाय-
➡️ धातुओं से दूर रहें|
➡️ बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें|
➡️ बिजली के उपकरणों का प्रयोग न करें|
➡️ मोबाइल का प्रयोग न करें|
✅ बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या –
➡️ बिजली गिरने से बड़े पैमाने पर मौतें हर साल सैकड़ों लोग मारे जाते हैं। 2005 के बाद से हर साल बिजली गिरने से 2 हजार से अधिक की मौत हुई।
➡️ 2018 में प्रकृति की शक्तियों के कारण 6,891 लोगों की मौत हुई, इनमें 2,357 या 34 फीसद आकाशीय बिजली के कारण हुई। यह बाढ़ (500), भूस्खलन (404), ठंड ( 757) और गर्मी (890) के कारण संयुक्त रूप से हुई मौत के करीब था।
27/06/2020
⏩ भारत के बाहर दुनिया का पहला योग विश्वविद्यालय अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर में स्थापित किया गया है|
➡️ इस विश्वविद्यालय का नाम ‘विवेकानंद योग विश्वविद्यालय’ रखा गया है।
➡️ इस विश्वविद्यालय को 6वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के स्मरणोत्सव के एक भाग के रूप में लांच किया गया।
➡️ केस वेस्टर्न विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री श्रीनाथ को इसका अध्यक्ष नामित किया गया है और भारतीय योग गुरु एच आर नागेंद्र इसके चेयरमैन होंगे|
➡️ इस विश्वविद्यालय की नींव 23 जून, 2020 को रखी गयी है।
➡️ विश्वविद्यालय में योग-आधारित उच्च शिक्षा को बढ़ावा दिया जायेंगा।
✅ अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस-
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➡️ हाल ही में 21 जून को छठवां योग दिवस मनाया गया है, जिसकी थीम ‘घर पर योग, परिवार के साथ योग' थी|
➡️ आयोजित – प्रतिवर्ष 21 जून
➡️ पहला योग दिवस - 21 जून 2015 को
➡️ योग दिवस के संदर्भ में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में योग के संदर्भ में उल्लेख प्रस्त्तुत किया था|
10/04/2020
#राजस्थान #सरकार की उच्च स्तरीय बैठक में लिया बड़ा #फैसला - #स्कूली_शिक्षा_में_सभी_ # #बच्चों_को_बिना_परीक्षा_के_दिया_जायेगा # ी_कक्षा_में_प्रवेश_तथा_कक्षा_10th_और_12th_की_बोर्ड_परीक्षा_होंगी !
आज्ञा से- प्रेमा राम चौधरी (निदेशक)
आई जी पब्लिक स्कूल चामू
मो-9928883479 , 9772042302
08/04/2020
हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर आई जी विद्यालय परिवार की और से आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। संकटमोचक बजरंगबली से यहीं प्रार्थना है कि देश की जनता को इस कोरोना वायरस से लड़ने की शक्ति देंl
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29/01/2020
इस साल बसंत पंचमी 29 जनवरी को देशभर में मनाया जाएगा। बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। बसंत पंचमी वसंत की शुरुआत का प्रतीक है। इसे एक शुभ दिन के रूप में माना जाता है। त्योहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार भारत के विभिन्न राज्यों में मनाया जाता है और माघ के हिंदू महीने के पांचवें दिन (पंचमी) को पड़ता है। बसंत पंचमी समारोह से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं। बसंत पंचमी पर सरसों के खेत लहलहा उठते हैं। चना, जौ, ज्वार और गेहूं की बालियां खिलने लगती हैं। इस दिन से बसंत ऋतु का प्रारंभ होता है। यूं तो भारत में छह ऋतुएं होती हैं लेकिन बसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है।
बसंत पंचमी के दिन कुछ लोग कामदेव की पूजा भी करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पुराने जमाने में राजा हाथी पर बैठकर नगर का भ्रमण करते हुए देवालय पहुंचकर कामदेव की पूजा करते थे। बसंत ऋतु में मौसम सुहाना हो जाता है और मान्यता है कि कामदेव पूरा माहौल रूमानी कर देते हैं। इस त्योहार के मौके पर लोग पूजा करते हैं।
13/01/2020
खराब मौसम की वजह से आज विद्यालय में अवकाश रहेगा। आप अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजें।
26/10/2019
सादर नमस्कार|
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आप और आपके परिवार को पांच दिवसीय त्योैहार की
हार्दिक और अग्रिम बधाइयां.........
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*आने वाला नव वर्ष समृध्दि भरा हो*.
16/08/2019
Renwat Ram के नेतृत्व में 15 अगस्त को परेड का शानदार प्रदर्शन......