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1. "तेज़ गणना का रहस्य – वैदिक गणित में छिपा है!"2. "जो सीखे वैदिक गणित, उसका दिमाग़ बने तीव्र और कुशाग्र!"3. "गणित अब ब...
08/07/2025

1. "तेज़ गणना का रहस्य – वैदिक गणित में छिपा है!"

2. "जो सीखे वैदिक गणित, उसका दिमाग़ बने तीव्र और कुशाग्र!"

3. "गणित अब बना मज़ेदार – वैदिक गणित से आसान हर सवाल!"

4. "कम समय, ज़्यादा उत्तर – यही है वैदिक गणित का असर!"

5. "जहाँ ज्ञान पुरातन, वहीं हल अचूक – वैदिक गणित!"

6. "हर छात्र का साथी – वैदिक गणित सच्चा ज्ञानी!"

7. "Vedic Maths: Ancient Wisdom for Modern Speed!"

8. "गणना हो फटाफट, दिमाग़ हो झटपट – वैदिक गणित की मदद से!"

9. "Competitive Exams की तैयारी का सबसे तेज़ रास्ता – वैदिक गणित!"

10. "संस्कृति से विज्ञान तक – वैदिक गणित एक अमूल्य धरोहर!"

आचार्य दीपक शर्मा
जींद, हरियाणा
094676 57761

"ऊर्ध्वतिर्यक् सूत्र" वैदिक गणित का एक प्रमुख और अत्यंत प्रसिद्ध सूत्र है। यह सूत्र विशेष रूप से गुणा (Multiplication) क...
05/07/2025

"ऊर्ध्वतिर्यक् सूत्र" वैदिक गणित का एक प्रमुख और अत्यंत प्रसिद्ध सूत्र है। यह सूत्र विशेष रूप से गुणा (Multiplication) के लिए प्रयोग किया जाता है। संस्कृत में:

> सूत्र: ऊर्ध्वतिर्यक् (Urdhva-Tiryagbhyam)
अर्थ: "ऊपर और आड़ा दोनों दिशाओं से" (Vertically and Crosswise)

---

🔢 उपयोग: गुणा करने की एक विधि

इस सूत्र से बड़ी संख्याओं का गुणा भी बहुत तेज़ी और सरलता से किया जा सकता है। इसे छोटे बच्चों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी माना गया है।

---

🧠 उदाहरण 1:

13 × 12 = ?

Step by Step (ऊर्ध्वतिर्यक् पद्धति से):

1 3
× 1 2
-------
Step 1 (Rightmost digits): 3×2 = 6
Step 2 (Cross multiplication + inner multiplication): (1×2) + (3×1) = 2 + 3 = 5
Step 3 (Leftmost digits): 1×1 = 1
Final Answer: 156

---

🧠 उदाहरण 2:

23 × 45 = ?

2 3
× 4 5
-------
Step 1: 3×5 = 15 → 5 (Carry 1)
Step 2: (2×5) + (3×4) = 10 + 12 = 22 + 1 (carry) = 23 → 3 (Carry 2)
Step 3: 2×4 = 8 + 2 (carry) = 10
Final Answer: 1035

---

📌 विशेषताएँ:

यह सूत्र सभी अंकों पर एक साथ कार्य करता है।

इससे मानसिक गणना तेज होती है।

यह दो अंकों से लेकर बड़ी संख्याओं के गुणा में उपयोगी है।

पारंपरिक गुणा की तुलना में समय की बचत करता है।

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आओ सीखें तेज़ और आसान गणित - वैदिक गणित के साथ! 🌟🧠 क्या गणित से डर लगता है?📐 जोड़, घटाव, गुणा, भाग में समय लगता है?अब नह...
04/07/2025

आओ सीखें तेज़ और आसान गणित - वैदिक गणित के साथ! 🌟

🧠 क्या गणित से डर लगता है?
📐 जोड़, घटाव, गुणा, भाग में समय लगता है?
अब नहीं!
"वैदिक गणित" के 16 आसान सूत्रों से गणना होगी फटाफट!

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#वैदिकगणित #गणित

आइए हम वैदिक गणित के 16 सूत्रों को सरल उदाहरणों के साथ समझते हैं ताकि आप इन्हें दैनिक जीवन में उपयोग कर सकें – विशेष रूप...
30/06/2025

आइए हम वैदिक गणित के 16 सूत्रों को सरल उदाहरणों के साथ समझते हैं ताकि आप इन्हें दैनिक जीवन में उपयोग कर सकें – विशेष रूप से गणना (गणित) को तेज़ और आसान बनाने में।

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🔢 1. एकाधिकेन पूर्वेण (Ekadhikena Purvena)

अर्थ: "एक अधिक से पूर्व का उपयोग"
📌 उपयोग: 5 जैसे संख्याओं से अंत वाले अंकों का वर्ग निकालने में
🔍 उदाहरण:
105² = ?

100 × (100 + 1) = 100 × 101 = 10100

फिर 5² = 25

अंतिम उत्तर = 10100 + 25 = 11025

---

🔢 2. निखिलम् नवत:श्चरमं दशतः (Nikhilam Navatashcaramam Dashatah)

अर्थ: "सब 9 से और अंतिम 10 से घटाओ"
📌 उपयोग: किसी संख्या को 10, 100, 1000 आदि के निकट से घटाकर गुणा करना
🔍 उदाहरण:
98 × 97 = ?

98 → 100 - 2

97 → 100 - 3

98 - 3 = 95

2 × 3 = 6

उत्तर = 9506

---

🔢 3. ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम् (Urdhva Tiryagbhyam)

अर्थ: ऊपर और क्रॉस गुणा
📌 उपयोग: किसी भी दो अंकों को तेज़ी से गुणा करने में
🔍 उदाहरण:
23 × 12 = ?

2×1 = 2

(2×2)+(3×1) = 4+3 = 7

3×2 = 6

उत्तर = 276

---

🔢 4. परावर्त्य योजयेत् (Paravartya Yojayet)

अर्थ: उल्टा करके जोड़ो
📌 उपयोग: विभाजन में
🔍 उदाहरण:
1 / (1 - x) को सिरीज़ में व्यक्त करें

1 + x + x² + x³ + ... (infinite series)

---

🔢 5. शून्यं साम्यसमुच्ये (Shunyam Saamyasamuccaye)

अर्थ: समुच्य समान हो तो उत्तर शून्य
📌 उपयोग: समीकरण हल करने में
🔍 उदाहरण:
(x + 3)(x - 3) = (x + 3)(x - a)
यहाँ (x + 3) समान है
→ तो x - 3 = x - a → a = 3

---

🔢 6. (आनुरूप्ये) शून्यमन्यत् (Anurupyena Shunyamanyat)

अर्थ: अनुपात में एक अंश शून्य होने पर अन्य भी शून्य
🔍 उदाहरण:
यदि A/B = 0, तो A = 0

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🔢 7. सञ्चलन सञ्चलनाभ्याम् (Sankalana-Vyavakalanabhyam)

अर्थ: जोड़ और घटाव द्वारा
📌 उपयोग: समीकरणों का हल निकालना
🔍 उदाहरण:
x + y = 10
x - y = 2
→ जोड़ें: 2x = 12 → x = 6
→ घटाएँ: 2y = 8 → y = 4

---

🔢 8. पूर्वापर समीकरणे (Purva-Apara Samuccaye)

अर्थ: पहले और बाद का समुच्य बराबर
🔍 उदाहरण:
x / (x + a) = y / (y + a)
→ x(y + a) = y(x + a)

---

🔢 9. चालानवलम्बनाभ्याम् (Chalana Valambanabhyam)

अर्थ: सहारे से आगे बढ़ना
📌 उपयोग: जटिल समीकरण हल करने में सहारा लेना

---

🔢 10. यावदूनम् (Yavadunam)

अर्थ: जितनी कमी, उतना निकालो
📌 उपयोग: 100 से कम की संख्या के वर्ग में
🔍 उदाहरण:
96² = ?

100 - 96 = 4

96 - 4 = 92

4² = 16

उत्तर = 9216

---

🔢 11. व्यवकलनम् (Vyavakalanam)

अर्थ: घटाना
📌 उपयोग: साधारण घटाव की विधि

---

🔢 12. शेषाण्यङ्केन चरमेण (Shesanyankena Charamena)

अर्थ: अंतिम अंक से शेष निकालना
📌 उपयोग: विभाज्यता जाँच
🔍 उदाहरण:
किसी संख्या का अंतिम अंक यदि 0 या 5 हो तो वह 5 से विभाज्य होती है।

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🔢 13. सोपान्त्यद्वयम् अन्त्यम् (Sopantyadvayam Antyam)

अर्थ: अंतिम दो अंकों का उपयोग
📌 उपयोग: बड़े अंकों के जोड़-घटाव में

---

🔢 14. एकन्यूनेन पूर्वेण (Ekanunena Purvena)

अर्थ: पूर्व भाग से एक कम
📌 उपयोग: 9 से अंत वाले अंकों का वर्ग
🔍 उदाहरण:
99² = ?

99 - 1 = 98

98 × 100 + 1 = 9801

---

🔢 15. गुणितसमुच्चय: समुच्चयगुणित:

अर्थ: गुणा का योग = योग का गुणा
🔍 उदाहरण:
(2 + 3) × (2 + 3) = 25
या
5 × 5 = 25

---

🔢 16. प्रश्नं समुच्चय समुच्चय:

अर्थ: प्रश्न और योग दोनों संबंधित
📌 यह सूत्र प्रश्नों के योग से संबंधित परिणाम की ओर इशारा करता है।

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आचार्य दीपक शर्मा
जींद, हरियाणा
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किसी भी व्यक्ति का किसी क्षेत्र में योगदान क्या होता है, ये इस बात से पता चलता है कि अगर आप उसके योगदान को हटा दो तो उसस...
06/04/2025

किसी भी व्यक्ति का किसी क्षेत्र में योगदान क्या होता है, ये इस बात से पता चलता है कि अगर आप उसके योगदान को हटा दो तो उससे उस क्षेत्र को क्या नुकसान पहुँचेगा…

ग्रीक लोगों ने आज से 2000 वर्ष पहले पृथ्वी की नाप कर बता दिया था कि पृथ्वी की परिधि 40000 किलोमीटर है। आज विज्ञान के आधुनिक यंत्रों की सहायता से जब नापा गया तो पाया गया कि पृथ्वी की परिधि 40075 किलोमीटर है। यानी 2000 साल पहले क्लियोडस ने बिल्कुल सही नाप कर बता दिया था।

क्लियोडस ऐसा कर पाये क्यूंकि उन्हें पाइथागोरस थ्योरम पता था जो पाइथागोरस ने आज से 2500 साल पहले खोज लिया था।

पाइथागोरस का गणित में ये योगदान था कि अगर उन्होंने वो थ्योरम न खोज होता तो सैकड़ों साल से न तो ब्रिज बन रहे होते न छतों और दीवारों के बीच एकदम सही कोण बन रहे होते।

ऐसे ही इस देश की फ़िल्मों के इतिहास में अगर मनोज कुमार न होते तो हमारे देश में हम देशवासी देशभक्त तो शायद होते लेकिन देशभक्ति वैसे प्रकट न कर पाते, न तो 26 जनवरी वैसी होती न तो 15 अगस्त वैसा होता, क्यूंकि मनोज कुमार न होते तो देश क़ा बच्चा बच्चा कैसे जान पाता कि “ज़ीरो दिया मेरे भारत ने तब दुनिया को गिनती आई” और मनोज कुमार न होते तो हम इन पर्वों पर कैसे गाते…

है प्रीत जहाँ की रीत सदा, मैं गीत वहाँ के गाता हूँ, भारत का रहने वाला हूँ, भारत की बात सुनाता हूँ”

अलविदा भारत कुमार, भारत को आप पर गर्व रहेगा और भारत वासियों पर आपका क़र्ज़ रहेगा 🙏🏻🌹♥️

वैदिक गणित की पुस्तकें मंगवाने के लिए अभी संपर्क करें 9467657761 कॉल या व्हाट्सएप्प3 Books Set ₹799 only
16/03/2025

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क्या आप जानते हैं विषैले लोग कौन होते हैं? आपके पास कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो बहुत कुछ साथ में लग रहा है, लेकिन अंदर...
03/03/2025

क्या आप जानते हैं विषैले लोग कौन होते हैं? आपके पास कोई ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो बहुत कुछ साथ में लग रहा है, लेकिन अंदर से, वह धीरे-धीरे आपको नष्ट कर रहा है।

विषैले व्यक्ति की उपस्थिति आपके जीवन में जहर के समान काम करती है। शुरू में, आप इसे महसूस नहीं करते, लेकिन समय के साथ, आपको उसके आसपास का बोझ महसूस होने लगता है, और आपका मन थका हुआ महसूस होने लगता है। एक दिन, आपको यह अहसास होगा कि जिस बोझ को आप ढो रहे थे, वह वास्तव में उसी व्यक्ति ने पैदा किया था।

लेकिन आप यह कैसे पहचान सकते हैं कि कोई व्यक्ति विषैले है? कुछ व्यवहार हैं, जो अगर आप ध्यान से देखें तो यह समझने में मदद करेंगे कि वह व्यक्ति आपके लिए कितना हानिकारक है। चलिए, हम विषैले लोगों के व्यवहार का विश्लेषण करते हैं:

1. सब कुछ की आलोचना करना एक विषैले व्यक्ति इस तरह आलोचना करता है कि आपको लगता है कि आप कुछ नहीं जानते या कुछ नहीं कर सकते। वे आपके अच्छे काम में भी दोष निकालते हैं, और उनकी आलोचना कभी भी रचनात्मक नहीं होती, यह केवल आपको नीचा दिखाने के लिए होती है।

2. शब्दों से आपको बांधना वे इस तरह बोलते या व्यवहार करते हैं कि आप खुद पर विश्वास खो बैठते हैं। वे आपको दोषी ठहराते हैं और परिस्थितियों को अपने फायदे के लिए मोड़ते हैं, जिससे आप खुद को उनके खेल का मोहरा महसूस करते हैं।

3. आपको गलत साबित करने की कोशिश करना वे हमेशा आपके निर्णयों या कार्यों पर शक करते हैं। भले ही आप किसी चीज़ के बारे में निश्चित हों, उनके शब्द आपको अपने फैसले पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर देते हैं।

4. अपने समस्याओं का दोष आप पर डालना वे हमेशा victim होते हैं और कभी अपनी समस्याओं की जिम्मेदारी नहीं लेते। वे कभी अपनी गलतियों को नहीं मानते और इसके बजाय आपको दोषी ठहराते हैं, जिससे आपको अपराधबोध महसूस होता है।

5. लगातार शिकायत करना उनके आसपास सब कुछ गलत लगता है। वे हर चीज़ की शिकायत करते हैं, और यह नकारात्मक मानसिकता धीरे-धीरे आपके जीवन को भी प्रभावित करने लगती है।

6. आपके भावनाओं से खेलना उन्हें आपकी खुशी या दुख से कोई फर्क नहीं पड़ता। चाहे आप दुखी हों या खुश, वे निष्ठुर रहते हैं। जब वे आपको चोट पहुँचाते हैं, तो उन्हें कोई करुणा नहीं होती।

7. आपकी सफलता देख कर असहज महसूस करना जब वे आपकी सफलता देखते हैं, तो वे आपके लिए खुश नहीं होते। इसके बजाय, वे जलते हैं। वे आपकी उपलब्धियों को तुच्छ मानते हैं, मजाक उड़ाते हैं या आपको नीचे गिराने की कोशिश करते हैं।

8. व्यवहार में दोहरे मानक एक दिन वे मीठे होते हैं, और अगले दिन अचानक शत्रुतापूर्ण हो जाते हैं। यह असंगति आपको मानसिक दबाव में रखती है, जिससे यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उनके साथ कैसे व्यवहार करें।

9. लेना और देना न जानना एक विषैले व्यक्ति के लिए रिश्ते सिर्फ लेने के बारे में होते हैं। वे आपको इस्तेमाल करते हैं और लाभ उठाते हैं, लेकिन बदले में कुछ नहीं देते।

10. आपके "न" को न मानना वे आपकी व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान नहीं करते। उनका आपके समय, विचारों या आराम से कोई मतलब नहीं होता।

एक विषैले रिश्ते से बाहर निकलना आसान नहीं है, लेकिन यह बेहद महत्वपूर्ण है। आपके जीवन के हर क्षण का मूल्य है। ऐसे लोगों के साथ समय बर्बाद करने के बजाय, अपनी मानसिक शांति और खुशी को प्राथमिकता दें।

याद रखें, जो लोग वास्तव में आपसे प्यार करते हैं, वे आपको मानसिक रूप से दबाव नहीं डालेंगे।

---- “सत्य और ईमानदारी शांति की ओर ले जाती है, झूठ विनाश की ओर।” ----

साभार "Public Author"✒️✒️

01/03/2025

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आचार्य दीपक शर्मा

ॐ ।। स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज द्वारा रचित वैदिक गणित का एक सूत्र यावदूनं तावदूनीकृत्य वर्ग च योजयेत्105 का वर्...
28/02/2025

ॐ ।। स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज द्वारा रचित वैदिक गणित का एक सूत्र
यावदूनं तावदूनीकृत्य वर्ग च योजयेत्

105 का वर्ग निकलना हो तो आधार से (100)से जितना ज्यादा (5) जोड़ेगे व् उसका वर्ग करके लिख देगे।
105 आधार से 5 ज्यादा 105+5 =110
5 का वर्ग 25 को 110 पर रख देंगे
11025 यही वर्ग हे
105 का वर्ग 11025

12 आधार 10 से 2 ज्यादा
12+2=14&2का वर्ग 4
144

92 का वर्ग आधार से 8 कम 92 से 8 कम करेगे
92 - 8 = 84 & 8 का वर्ग 64 को 84 पर रखेगे
8464
92 का वर्ग 8464 हे
ये है वैदिक गणित सरल और मजेदार।
इसी तरह हमने वैदिक गणित के सूत्रों को सरल करके एक पुस्तक में समाहित किया है। मूल सूत्र स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ जी महाराज के हैं।
इन सूत्रो को सीखकर हम गुणा, भाग, जोड़ , घटा, वर्ग , वर्गमूल, घन आदि के सवाल मन ही मन गणना करके कुछ ही सेकंड में हल कर सकते हैं ।
दीपक शर्मा
जींद
हरियाणा
094676 57761

🔻जिस तरह से कौआ हर समय अपने चारो ओर अपनी दृष्टि जमाये रखता है. ठीक उसी तरह हमें भी अपने चारो तरफ हमेशा नजरे बने रखनी चाह...
02/02/2025

🔻जिस तरह से कौआ हर समय अपने चारो ओर अपनी दृष्टि जमाये रखता है. ठीक उसी तरह हमें भी अपने चारो तरफ हमेशा नजरे बने रखनी चाहिए.

🔸कौआ अपनी आँख से चारो तारफ अपनी नजरे बनाये रखता है. ताकि कोई उसको नुकसान न पहुँचा दे.

🔸इस तरह वह खुद की रक्षा करता है. और अपने लिए सही मौके तलाशता है. हम भी यह देखना चाहिए की अभी हमारे हालात कैसे है.

🔸अभी हम अपनी लाइफ की कौन सी स्टेज पर है. हमारे पास क्या – क्या मौके है. इन सब पर हमें अपनी नजर बनाई रखनी चाहिए.

🔸कई बार हम अपनी life में ऐसे मुश्किलों पर फंस जाते है. जहाँ से निकलना हमें मुश्किल लगने लगता है उस समय हमें उन चीजो को देखना चाहिए.

🔸जिससे हम उन problems को सोल्व कर सके. इसलिए अपनी दृष्टि को कौवे की तरह रखे और उसे हर तरफ घुमाये.

🔻दूसरो पर आसानी से विश्वास न करे

🔸दूसरो पर आसानी से विश्वास न करे.. यह बात आपने पहले भी सुनी होगी but हम लोग ऐसी बातो को सुनकर अक्सर भूल जाते है. जिसका बुरा परिणाम हमें कई बार भुगतना पड़ता है.

🔸हम अपने लिए नए दोस्त और रिश्ते ढूंढते रहते है और उनमे धोखा खा जाते है. कौवा कभी भी किसी पर सीधे विश्वास नहीं करता. वह विश्वास करता है. तो सिर्फ खुद पर. उसे पता है की उसकी क्षमता का कोई दूसरा अपने निजी फायदे के लिए use कर सकता है. इसलिए वह कसी अन्य पर विश्वास नहीं करता.

🔻हमें भी अपनी ज़िन्दगी में कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति पर आँखमुदकर विश्वास करने से बचना चहिये. भरोसा उसी व्यक्ति पर करे जिसे आप बहुत अच्छी तरह से जानते और पहचानते हो. थोड़े समय के लिए कोई भी व्यक्ति आपको भरोसा दिलाने वाला नाटक कर सकता है. but long time में ऐसा संभव नहीं.

🔸इसलिए अपने मित्रो को, रिश्तेदारों को, संबंधो को या किस अन्य चीज पर भरोसा करने से पहले अच्छी तरह सोच ले और आसानी से belive न करे.

🔻अपनी पत्नी के साथ एकांत में समय बिताये

🔸जिस तरह से कौवा एकांत पसंद करता है. ठीक उसी तरह से मनुष्य को अपनी पत्नी या साथी के साथ एकांत में बहुमूल्य समय बिताना चाहिए.

🔸एकांत में जब आप किसी के लिए अपना समय निकालते हो तो इससे आपकी दूसरो के लिए Value बढ़ जाती है. हर व्यक्ति यही चाहता है. की जब हम किसी के लिए अपना समय निकालते है तो दूसरा व्यक्ति भी हमारे लिए अपना समय निकाले.

🔸इससे हमारे आपसी सम्बन्ध घनिष्ठ हो जाते है. और रिश्तो में मिठास बढ़ जाती है. आज अधिकतर लोगो की यही problem है की वह अपने परिवार या पार्टनर के लिए समय नहीं निकाल पाते. अचानक फिर ऐसा भी समय आता है.

🔸जब वह परिवार, वह पार्टनर हमारे साथ नहीं होता या वे बदल जाते है. यह सब हमारे time न देने पाने के कारण ही होता है. इसलिए कौवे की यह बात हमें अपने जीवन में उतारनी चाहिए और अपने रिश्तो को मजबूत बनाना चाहिए.

🔻उपयोगी वस्तुओ को इकट्टा करे

🔸कौआ अपने लिए हमेशा उपयोगी वस्तुओ का संचय करता रहता है. उसे जो भी बहुमूल्य वस्तु या चीज मिलती है.

🔸उसे वह इकट्ठा कर देता है जिसका उपयोग वह अपने कठिन समय में करता है. कई बार देखने को मिलता है जब कौआ रोटी के टुकड़ो को उठा कर ले जाता है. और उन्हें किसी सुनसान जगह पर संभाल देता है. जब उसे कई बार भोजन नहीं मिलता तब वह उस रोटी का use अपना पेट भरने के लिए करता है.

🔸मनुष्य को भी अपनी बहुमूल्य वस्तुओ को इकट्ठा करना चाहिए. वस्तु इकट्ठा हो जाने के बाद उनकी देखभाल भी जरुरी हो जाती है. जिस व्यक्ति ने अपने सामान की सही देखभाल कर ली वह व्यक्ति उनसे अधिक खुशहाल होता है. जो वस्तु की Safety करने के बजाय नए वस्तु खरीदते रहते है. इसलिए कौवे से यह सीख ले और अपनी उपयोगी वस्तुओ का संभल कर संचय करते रहे.

🔸आपका Collect किया हुआ सामान ही आपकी असली पूंजी होती है.

Value of X=?A. 45B. 90C. 100D. 110
27/12/2024

Value of X=?
A. 45
B. 90
C. 100
D. 110

पुरुष का मौन क्यों पहाड़ सा खड़ा रहता है, उसके जन्म पर खुशियाँ मनाई जाती है, थाली बजाई जाती है, लड्डू बांटे जाते हैं क्य...
26/12/2024

पुरुष का मौन क्यों पहाड़ सा खड़ा रहता है, उसके जन्म पर खुशियाँ मनाई जाती है, थाली बजाई जाती है, लड्डू बांटे जाते हैं क्योंकि वो एक दुधारू गाय है, जिसे हर कोई दुहता है, उसके मन में सुख है या दुख इसकी थाह कोई नहीं पाता है....!

वह हर पल अपनों के लिए जीता है, जीवन का एक एक पल दूसरों के लिए समर्पित करता है, बचपन से जवानी तक माँ बाप के सपनों को साकार करने के लिए दिन रात संघर्ष करता है, तो कभी पितृहीन होकर परिवार की बागडोर मुखिया के रुप में संभालता है....!

कभी छोटे भाई बहनों के लिए अपने सपनों की बलि देता है तो कभी परिवार की परम्परा के लिए अपने प्यार की तिलांजलि देता है और परिवार की खुशी के लिए अनचाही शादी करता है....!

पत्नी कैसी भी हो उसे निभाता है, पत्नी सुन्दर सुशील हो तो अपनी किस्मत को सराहता है और बदसूरत...बददिमाग हो तो ताउम्र नरक की सजा भुगतता है, पिता बन कर संतानों की परवरिश करने में अपना तन मन धन सब कुछ समर्पित करता है....

अपनी हर लड़ाई में रहता है वह मौन, अपना संघर्ष किसी को नहीं बता पाता है, एक एक तिनका इकट्ठा करके अपने सपनों का आशियाना बनाने की कोशिश करता है, ताउम्र एक एक पैसे का हिसाब रखता है, जिम्मेदारियों के पहाड़ के नीचे दबा उफ तक नहीं कर पाता है....

इस सफर में आदमी जीतता है या हारता लेकिन अंतत: अपने मन में अपनी इच्छाओं की कब्र में
अकेला ही रहता है, हर कोई उससे मांगता ही मांगता है, उसे देने कोई नहीं आता है.....!

और एक दिन चुपचाप चल देता है अनजान सफर पर जहाँ जाकर कोई वापस आता नहीं...

आदमी का दर्द हमेशा मौन ही रहता है ...

इसलिये पुरुष स्त्री से प्रेम करे, और थोड़ा स्त्री हो जाए, दुःखदायी है एक पुरुष का, ताउम्र पुरुष रह जाना....😔

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