21/08/2026
विश्व उद्यमिता दिवस पर चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना कार्यक्रम आयोजित
हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित युवा उद्यमी चौपाल से लाइव संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान एवं भविष्य में उद्यमिता की बढ़ती आवश्यकता, स्टार्टअप की उपयोगिता तथा युवा शक्ति की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने, स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने तथा अपने समय का प्रभावी प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया।
जींद, 21 अगस्त 2026: चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद में विश्व उद्यमिता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना (NATS) के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन इंटर्नशिप सेल, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद द्वारा राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना (NATS) के सहयोग से विश्वविद्यालय के टीबी-1 सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) राम पाल सैनी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वर्तमान समय में उद्यमिता एवं कौशल विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और कहा कि विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल को विकसित करते हुए रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री रोहित ग्रोवर, कंसल्टेंट, बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग, नॉर्थ रीजन ने विद्यार्थियों को विस्तृत करियर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने करियर निर्माण में आने वाली विभिन्न बाधाओं, करियर की उचित योजना बनाने तथा अपनी रुचि को अपने करियर में बदलने के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स तथा कृषि प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया।
श्री ग्रोवर ने विद्यार्थियों को मुद्रा ऋण, एमएसएमई, अप्रेंटिसशिप एवं अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध अवसरों की जानकारी देते हुए इनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक रोजगार के विकल्पों तक सीमित न रहकर नए एवं उभरते क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाशनी चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री कुलदीप पुनिया, राज्य समन्वयक, स्वदेशी जागरण मंच ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया और विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप, उद्यमिता, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में करियर योजना, कौशल विकास, उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समग्र पर्यवेक्षण एवं समन्वय डॉ. दीपक वाधवा द्वारा किया गया, जबकि डॉ. राजेश ने सह-समन्वयक के रूप में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। मंच संचालन एवं कार्यक्रम की कार्यवाही का समन्वय डॉ. ज्योति, डॉ. मीनाक्षी दूहन, डॉ. भावना एवं सुश्री पूजा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों, संकाय सदस्यों एवं आयोजन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।