07/08/2018
To All Engineering Students
We not only serve for school going students but also to the job seekers who are interested in teaching.
In this cut throat competitive world, every student wants to win the race, but due to lack of proper guidance and motivation some of the talented students are left behind. At Sankalp Gyan, we provide talented, experienced & technically specialized teachers who with their vast experience of today competition will provide your child the basic concepts & skills to achieve the target of academic excellence, high competency and all round education.
07/08/2018
To All Engineering Students
07/01/2017
Nai Pahal...... Distribution of blankets and warm clothes......
26/12/2016
Nai Pahal in action.......
Documentary Film must watch....
https://www.youtube.com/watch?v=6MbVRAwIMj0
"EK NAYI PAHAL"-LORD BUDDHA HOSTEL ,BUNDELKHAND UNIVERSITY by AMAN KAPOOR the video itself describes the pain...!!!
एक बडी कंपनी के गेट के सामने एक प्रसिद्ध समोसे की दुकान थी, लंच टाइम मे अक्सर कंपनी के कर्मचारी वहाँ आकर समोसे खाया करते थे।
एक दिन कंपनी के एक मैनेजर समोसे खाते खाते समोसेवाले से मजाक के मूड मे आ गये।
मैनेजर साहब ने समोसेवाले से कहा, "यार गोपाल, तुम्हारी दुकान तुमने बहुत अच्छे से maintain की है, लेकीन क्या तुम्हे नही लगता के तुम अपना समय और टैलेंट समोसे बेचकर बर्बाद कर रहे हो.? सोचो अगर तुम मेरी तरह इस कंपनी मे काम कर रहे होते तो आज कहा होते.. हो सकता है शायद तुम भी आज मैंनेजर होते मेरी तरह.."
इस बात पर समोसेवाले गोपाल ने बडा सोचा, और बोला, " सर ये मेरा काम अापके काम से कही बेहतर है, 10 साल पहले जब मै टोकरी मे समोसे बेचता था तभी आपकी जाॅब लगी थी, तब मै महीना हजार रुपये कमाता था और आपकी पगार थी 20 हजार।
इन 10 सालो मे हम दोनो ने खूब मेहनत की..
आप सुपरवाइजर से मॅनेजर बन गये.
और मै टोकरी से इस प्रसिद्ध दुकान तक पहुँच गया.
आज आप महीना 40,000 कमाते है
और मै महीना 2,00,000
लेकिन इस बात के लिए मै मेरे काम को आपके काम से बेहतर नही कह रहा हूँ।
ये तो मै बच्चों के कारण कह रहा हूँ।
जरा सोचिए सर मैने तो बहुत कम कमाई पर धंधा शुरू किया था, मगर मेरे बेटे को यह सब नही झेलना पडेगा।
मेरी दुकान मेरे बेटे को मिलेगी, मैने जिंदगी मे जो मेहनत की है, वो उसका लाभ मेरे बच्चे उठाएंगे। जबकी आपकी जिंदगी भर की मेहनत का लाभ आपके मालिक के बच्चे उठाएंगे।
अब आपके बेटे को आप डाइरेक्टली अपनी पोस्ट पर तो नही बिठा सकते ना.. उसे भी आपकी ही तरह जीरो से शुरूआत करनी पडेगी.. और अपने कार्यकाल के अंत मे वही पहुच जाएगा जहाँ अभी आप हो।
जबकी मेरा बेटा बिजनेस को यहा से और आगे ले जाएगा..
और अपने कार्यकाल मे हम सबसे बहुत आगे निकल जाएगा..
अब आप ही बताइये किसका समय और टैलेंट बर्बाद हो रहा है ?"
07/12/2016
दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती
भूख से बिलख रही है कितनी जिंदगियां
वो भी इंसान हैं हम भी इंसान हैं
फिर भी उनमे-हममें क्यों है ये दूरियां
ये कैसी मजबूरियां ये कैसी खामोशियां
आओ हम किसी की मुस्कुराहटें बनें
किसी के लिये दो वक्त की रोटी बनें
एक हाथ थाम उसे कलम से शिक्षित करें
बेसहारों के लिये एक छत एक कोठी बनें
मिटा दें ये फासले ये दूरियां मजबूरियां
भूख से बिलख रही है कितनी जिंदगियां
हाथ बढा के तोे देखो , गले लगा के तोे देखो
उनमें से किसी को अपना बना के तो देखो
इस दीवाली उनको नये कपडे दिला के तो देखो
इस दीवाली उनको खाना खिला के तो देखो
हर खुशी से बढकर मिलेंगी संतुष्टियां
भूख से बिलख रही है कितनी जिंदगियां
इस दीवाली अगर कोई भूखा सोता है
इस दीवाली भूख से कोई बच्चा रोता है
तो काहे कि दीवाली तो कैसा ये जश्न है
हमारे भाई-बहनों के जीवन का प्रश्न है
आओ साथ मिल मनायें दीवालियां
भूख से बिलख रही है कितनी जिंदगियां
मिठाइयां तो हर साल ही मीठी बनती है,
चलो इस बार रिश्तों में मीठास भरते है,
किसी से माफी मांग लेते है,
तो किसी को माफ कर देते है.