24/02/2026
किश्तवाड़ एनकाउंटर: खुल गई पाकिस्तान की पोल!
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के जंगलों में 22 फरवरी को भारतीय सेना ने बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… असली खेल तो अब खुला है!
🎭 कश्मीर का नहीं, पाकिस्तान का निकला “सैफुल्लाह”
जिस आतंकी को अब तक “कश्मीरी कमांडर सैफुल्लाह” बताया जा रहा था, उसकी असली पहचान सामने आ गई है।
उसका असली नाम था — अतीक उर रहमान। और वो कश्मीर का नहीं, बल्कि पाकिस्तान के एबटाबाद इलाके का रहने वाला था।
मतलब साफ है — जो पाकिस्तान और ISI दुनिया को दिखा रहे थे, वो सच नहीं था।
🏕 कैसे बना आतंकी?
जानकारी के मुताबिक:
2018 में जैश से जुड़ा
बालाकोट में ट्रेनिंग ली
पाकिस्तान में मस्जिद में बच्चों को जिहाद की शिक्षा देने लगा
2021 में उसे जम्मू-कश्मीर भेजने की साजिश रची गई
खास ट्रेनिंग कैंप में 47 आतंकियों के साथ ट्रेनिंग कराई गई
यानि सब कुछ प्लानिंग के साथ!
👥 दूसरा आतंकी भी पाकिस्तान लिंक वाला
दूसरे मारे गए आतंकी का नाम था — चौधरी मुताबिर हुसैन उर्फ फरमान।
वो भी पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके रावलकोट से जुड़ा था।
दोनों आतंकी फर्जी नामों से जम्मू-कश्मीर में एक्टिव थे।
🎯 ISI का प्रोपेगंडा फेल!
अब सबसे बड़ा खुलासा…
पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी ISI ये दावा कर रहे थे कि कश्मीर के युवा खुद जैश से जुड़ रहे हैं, और उसका कमांडर भी “कश्मीरी” है।
लेकिन जब सैफुल्लाह की असली पहचान सामने आई, तो सारा झूठ धड़ाम से गिर गया।
अब साफ हो गया है कि:
👉 आतंकी पाकिस्तान से आते हैं
👉 ट्रेनिंग पाकिस्तान में होती है
👉 और भारत में उन्हें भेजने का खेल वहीं से चलता है
एक तरफ पाकिस्तान खुद को आतंक से पीड़ित बताता है,
और दूसरी तरफ अपने ही लोगों को आतंकी बनाकर भेजता है।
🇮🇳 बड़ा संदेश
इस एनकाउंटर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि
भारतीय सुरक्षा बल सतर्क हैं
और पाकिस्तान का दोहरा चेहरा दुनिया के सामने आ रहा है।