09/11/2025
Be a reason for someone’s happiness💯😌❤️
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिनु निज भाषा ज्ञाँन के, मिटै न हिय को शूल।।
09/11/2025
Be a reason for someone’s happiness💯😌❤️
समाज को समरस बनाने में श्रीमद्भगवद्गीता की भूमिका -डा० अविनाश पाथर्डीकर जी
(मणिकापुरी गीता महोत्सव सं० २०८१ वि०)
19/10/2024
02/10/2024
स्टूडेंट कॉम्पटीशन ट्रस्ट द्वारा भागीरथी देवी इंटर कॉलेज, सोंगर में आयोजित विद्यार्थी प्रतिभा खोज परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर पुरस्कार स्वरूप रेंजर साकिल जीतने पर प्रिय शिष्य शिवम गौंड़ (मानीकलाँ) को बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाई 💐
24/09/2024
भारतीय संस्कृति एक ऐसी संस्कृति है जिसमे इस संसार के सभी वस्तु, वृक्ष अथवा जीव-जंतु जो दिख रहे हैं या अस्तित्व में हैं का किसी ना किसी रूप में इस सृष्टि से जुड़ाव निश्चित है।
ऐसा ही एक पौधा है जो वर्ष में एक ही दिन खोजा जाता है जब माँ अपने पुत्र के लिए २४ घंटे बिना अन्न-जल के रह कर जीवित्पुत्रिका का व्रत करती हैं। उस पौधे का नाम बरियार है। बरियार इस बदलते मौसम और वातावरण को देखते हुए लुप्त होता जा रहा है।
आज प्रातः जब बरियार का पौधा ढूंढने निकला तो देखा कि चारों तरफ लोग उसकी तलाश में थे। लेकिन वह अकेला पौधा झाड़ियों के बीच अपने आप को बचाए हुए, अपने अस्तित्व को सुरक्षित किए हुए था। यह एक ऐसा पौधा है जो भगवान राम तक हमारी माँ की बातों को दूत बनकर पहुँचाता है। अर्थात माँ द्वारा अपने पुत्र की दीर्घायु के लिए की गयी प्रार्थना को भगवान राम को जाकर सुनाता है।
माताएं कहती हैं-
“हे अरियार का बरियार जा के कहिहअ राजा रामचन्द्र जी से गणेश क माई खर जीयूतिया भूखल हईं।
‘सोने के लाठी चानी के मूठ मोर बेटा मार के अईहअ मराके मत अईहऽ।”
इतना ही नहीं बल्कि उसी बरियार के साथ हमारी माताएं बैठती हैं, और माता सीता को संदेश देती है। अर्थात यू कहें यह एक ऐसा पौधा है, जो वर्ष में एक ही दिन काम आता है, लेकिन यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
✍️ भास्कर तिवारी ✍️
10/05/2024
घर के बाहर खिले हुए गुलमोहर के फूलों देखकर मैं कविता लिखने के लिए प्रेरित हुआ... आप सब पढ़कर बताइए यह कविता कैसी है?
💐💐💐 Gulmohar 💐💐💐💐
Today in hot afternoon i saw the Gulmohar flowers, in my garden.
They were hanging on the tree like embers, that had fallen from the Sun.
Everwhere the earth is burning with the heat and hot winds.
But these embers are giving us feeling of coolness.
Where all the trees and plants have withered away from this heat and accepted defeat.
The Gulmohar is standing firm like a warrior, invincible and unbeat.
Always keep smiling, we should learn this lesson from Gulmohar.
If the circumstances are unfavorable, it doesn't matter.
✍️ Bhaskar Tiwari ✍️
30/03/2024
कक्षा12 के बाद आप सभी बच्चों के लिए ये विकल्प हो सकते है....
विज्ञान दिवस
24/02/2024
ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न।
छोट-बड़ो सब सम बसे, रैदास रहे प्रसन्न।।
सामाजिक समरसता के महानायक 'संत शिरोमणि रविदास जी' के पावन जन्मोत्सव (माघी पूर्णिमा) पर सभी सनातनियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई 🙏
15/02/2024
शौहर 3 तलाक के बाद करता था हलाला के लिए परेशान, शाहना बन गई शारदा और ओमप्रकाश से की शादी - UP News Shahna of Bulands शाहना ने इस्लाम त्याग कर हिंदू धर्म अपनाया और फिर अपना नाम शाहना से शारदा कर ओमप्रकाश के साथ शादी रचा ली.
15/02/2024
आज काफी दिनों के बाद मैं पूरा दिन घर पर रहा...कल वसन्त पञ्चमी के दिन माता सरस्वती की पूजा के बाद"मेरे अंदर का सोया हुआ कवि फिर से जाग उठा" और ऋतुराज वसन्त व सनातनी हिन्दू नववर्ष के स्वागत मे ये कविता लिख डाला...
कविता: नव वर्ष है आने वाला...
पूष-माघ का कोहरा बीता,
हाड़ कंपाता जाड़ा रीता।
अब दुर्दिन है जाने वाला,
नववर्ष है आने वाला...।१।
पतझड़ बोरी-बिस्तर बांधा,
ऋतुराज ने निज सुर साधा।
मनभावन ऋतुकंत निराला,
नववर्ष है आने वाला...।२।
मंद-मंद बहती पुरवाई,
मदिर गंध है चहुँ-दिशि छाई।
मनहर मधुमास मतवाला,
नववर्ष है आने वाला...।३।
कानन-कोकिल 'कू-कू' गाई,
चहूँओर बौरी अमराई।
मंजरियों से टपके हाला,
नववर्ष है आने वाला...।४।
बहुरंगी, बहु पुष्प हुलासे,
मानो मदन सुमन-सर साधे।
रसिक जनों का हिय बिंध डाला,
नववर्ष है आने वाला...।५।
रबि-कृषि चना-मटर लह-लह सी,
अलसी मुदित धरे सिर कलसी।
कृषक वृंद हरषाने वाला,
नववर्ष है आने वाला...।६।
अब खेतों में सरसों फूली,
गेहूँ में भी बलियाँ झूली।
मने पर्व-बैसाखी वाला,
नववर्ष है आने वाला...।७।
✍️भास्कर तिवारी✍️