01/01/2026
अतीत के अवशेषों को विदा कर, समय के भाल पर तिलक लगाकर, क्षितिज की गोद से यह 2026 का सूर्य उदित हुआ है जो केवल तारीखों का फेर नहीं बल्कि पुरुषार्थ की नई परिभाषा लिखने का आह्वान है जहाँ आपको अपनी शिथिलता के बंधनों को काटकर संकल्प की प्रत्यंचा पर कर्म का बाण चढ़ाना होगा क्योंकि नियति उन्हीं का अभिषेक करती है जिनके माथे पर पसीने की बूंदें चमकती हैं और याद रखना कि यह साल उन सपनों के नाम है जिन्हें आपने रातों की नींदें बेचकर पाला है इसलिए अपनी सामर्थ्य को पहचानो और बाधाओं के हिमालय को चीरकर सफलता की गंगा बहा दो ताकि जब साल का अंतिम सूर्यास्त हो तो आपकी आँखों में पछतावा नहीं बल्कि आत्मसम्मान की चमक हो और मेरी यह मंगलकामना है कि आपका यह वर्ष ऋद्धि-सिद्धि और सौभाग्य के प्रकाश से आलोकित रहे जहाँ हर दुख धूल बनकर उड़ जाए और हर सुख आपके आंगन में कल्पवृक्ष बनकर खिल जाए...!
नव वर्ष की अनंत कोटि शुभकामनाएँ!