11/04/2023
वह पाठशाला केवल स्त्री शिक्षा के प्रति समर्पित थी। स्त्री स्वयं पहले शिक्षित होनी चाहिए, तभी समाज शिक्षित हो सकता है, यही उनकी धारणा थी। अस्पृश्यता निवारण, स्त्री शिक्षा, सभी को समान न्याय, त्रिभाषा सूत्री आदि के लिये उन्होंने बहुत प्रयास किया। उन्होंने अपने विचार सभी समाज तक पहुंचाने के लिये लेखन भी किया।