13/02/2024
मेरे हाथ में तेरी कलाई हो
उफ्फ मोहब्बत की वो मुंह दिखाई हो
छोड़ कर सारी रस्में दुनिया भर की
तुम बस दुनिया में मेरे लिए ही आई हो
उफ्फ मोहब्बत की क्या मुंह दिखाई हो
गम मिले या खुशियां तुम आधा आधा कर लेना
मेरी मोहब्बत कभी कम पड़े तू तुम ज्यादा कर लेना
इतनी मोहब्बत भर दे के कोई लम्हा ना खाली हो
में तुम्हारी ईद बनू तुम ही मेरी दिवाली हो
जिक्र हमारा करे दुनिया जब दुनिया से रिहाई हो
उफ्फ मोहब्बत की क्या मुंह दिखाई हो
में तुम्हारी नींद बनू तुम चाय की प्याली बन जाना
में लिखूं गजले तेरे लिए तुम कव्वाली बन जाना
एक देखना यार मेरे ये हंसते हंसते रो देंगे
को जायेगी दुनिया हम एक दूजे को खो देंगे
हां ऐसे मिलना मुझसे तुम के फिर ना कोई जुदाई हो
दुनिया में तुम मेरे लिए ही आई हो
मेरे हाथ में तेरी कलाई हो
उफ्फ कितनी हसीन मुंह दिखाई हो