17/05/2026
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📖 हिंदी पाठशाला 📖 📜आधुनिक हिंदी साहित्य का परिचय: संपूण विवरण 📜 |
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① परिचय एवं समय-सीमा (Introduction)
• सन १८४३ ई० (संवत १९००) से लेकर अब तक का काल आधुनिक काल कहलाता है।
• यह युग नवीन सामाजिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत है।
• आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने गद्य की प्रधानता के कारण इसे 'गद्य काल' कहा है।
② प्रारंभ बिंदु (Starting Point)
• आधुनिक हिंदी साहित्य का वास्तविक उदय भारतेंदु हरिश्चंद्र के समय से हुआ।
• भारतेंदु युग को ही आधुनिक साहित्य का 'प्रारंभिक काल' या 'आदिकाल' कहते हैं।
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③ प्रमुख युग विभाजन और समय-सीमा:
📝 भारतेंदु युग (१८५०-१९०० ई०) 📝 द्विवेदी युग (१९००-१९२० ई०)
• इसे 'पुनर्जागरण काल' कहते हैं। • इसे 'जागरण सुधार काल' कहा जाता है।
• मुख्य भाव: देशप्रेम, नवजागरण, • मुख्य भाव: भाषा-शुद्धि, व्याकरण संस्कार,
समस्यापूर्ति और गद्य का उदय। काव्य में खड़ी बोली की प्रतिष्ठा।
📝 छायावाद युग (१९२०-१९३६ ई०) 📝 प्रगतिवाद युग (१९३६-१९५० ई०)
• ४ मुख्य स्तंभ: प्रसाद, पंत, • मार्क्सवादी विचारधारा से प्रभावित युग।
निराला और महादेवी वर्मा। • मुख्य भाव: शोषित वर्ग (किसान, मज़दूर)
• मुख्य भाव: प्रकृति का मानवीकरण। की पीड़ा का सजीव यथार्थ चित्रण।
📝 प्रयोगवाद और नयी कविता (१९५० ई० से अब तक)
• अज्ञेय के 'तार सप्तक' परंपरा से प्रारंभ। नवीन उपमान और तीव्र बौद्धिकता।
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④ प्रमुख साहित्यकार और उनकी अमर कृतियाँ:
• भारतेंदु हरिश्चंद्र ➡️ भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी, प्रेम प्रलाप।
• जयशंकर प्रसाद ➡️ कामायनी (महाकाव्य), आँसू, चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त।
• सुमित्रानंदन पंत ➡️ पल्लव (छायावाद का घोषणा-पत्र), चिदंबरा, ग्राम्या।
• सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' ➡️ परिमल, सरोज स्मृति, राम की शक्तिपूजा।
• महादेवी वर्मा ➡️ निहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, यामा।
• मुंशी प्रेमचंद ➡️ गोदान, गबन, कर्मभूमि, मानसरोवर (कहानी संग्रह)।
• अज्ञेय ➡️ आँगन के पार द्वार, शेखर: एक जीवनी, नदी के द्वीप।
⑤ मुख्य साहित्यिक आंदोलन एवं विमर्श:
• हिंदी नवजागरण आंदोलन (१९वीं सदी) • प्रगतिशील लेखक संघ (१९३६)
• तार सप्तक परंपरा (१९४३) • समकालीन विमर्श (स्त्री, दलित व आदिवासी)
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