17/11/2025
भौतिकता से हटकर नैतिकता पर ध्यान दें। संयुक्त परिवार में बच्चे किताबी ज्ञान से ऊपर जीवन विज्ञान सीखते हैं।
जीव विज्ञान नहीं जीवन विज्ञान की प्रधानता हो तो जीवन आनंदमय हो जाए।
पेरेंट्स को जागरूक होने की आवश्यकता है। जीवन विज्ञान बच्चे परिवार में ही सीखते हैं, परिवार ही बच्चे की पहली पाठशाला होती है। माता पिता पहले शिक्षक।
ध्यान रहे टीचर्स हों या पेरेंट्स सभी की नींव परिवार में ही होती है।
सभी को अपनी नींव मजबूत करनी है। एलेक्सा हमारी नींव कभी मजबूत नहीं कर सकती क्योंकि उसका अपना कोई दिमाग नहीं होता , अनेकों दिमागों से फ़ीडेड है,यही उसकी कमजोरी है। वहीं हमे सामाजिक, मानसिक, भावनात्मक रूप से कमजोर कर देगी।
परिवार समाज की इकाई है, परिवार का हर सदस्य , हर रिश्ता परिवार की इकाई है। इकाई मजबूत करने के लिए दादा दादी, नाना नानी, माता पिता, भाई बहिन, चाचा चाची मौसी मौसा मामा मामी बुआ फूफा सभी को समझना होगा, अपने पोता पोती, बेटी बेटा भतीजा भतीजी भांजा भांजी आदि आदि को जीवन विज्ञान में निपुण करने हेतु परिवार को प्रेम से सींचे। #पेरेंटिंग
सदी के महासंदेश सत्य से प्रेम, प्रेम से कर्म करें।
श्री प्रसंग प्रणाम से प्रणव तक सत्य की विजय यात्रा में भाग लें।
Prasang Vashistha Charitable Trust