18/06/2026
🛕 खाटू श्याम बाबा का इतिहास 🛕
✨ शीश के दानी, हारे के सहारे, खाटू नरेश बाबा श्याम ✨
🔸 खाटू श्याम जी को महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है। वे भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। उनके पास तीन दिव्य बाण थे, जिनकी शक्ति से वे किसी भी युद्ध का परिणाम बदल सकते थे।
🔸 महाभारत युद्ध से पहले उन्होंने प्रण लिया था कि वे हमेशा हारने वाले पक्ष का साथ देंगे। यह जानकर श्री कृष्ण ने ब्राह्मण वेश में उनसे दान माँगा और उनका शीश माँग लिया। बर्बरीक ने बिना संकोच अपना शीश दान कर दिया।
🔸 उनकी भक्ति और त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में वे "श्याम" नाम से पूजे जाएंगे और दुखियों तथा हारने वालों के सहारा बनेंगे। इसी कारण बाबा श्याम को "हारे का सहारा" कहा जाता है।
🔸 मान्यता है कि बाद में उनका शीश राजस्थान के खाटू में प्रकट हुआ, जहाँ आज विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर स्थित है। लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।
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