14/01/2026
मकर संक्रांति से दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं।
यह पर्व नई फसल के आगमन का प्रतीक है।
तिल और गुड़ का दान विशेष फलदायी माना जाता है।
मकर संक्रांति के दिन सूर्य भगवान धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं।
इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति शुरू होती है, जिसे शुभ माना जाता है।
मकर संक्रांति अंधकार से प्रकाश, नकारात्मकता से सकारात्मकता और ठंड से उष्मा की ओर बढ़ने का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति, परिश्रम और आपसी सद्भाव का महत्व सिखाता है।