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आहार के नियम भारतीय 12 महीनों अनुसारचैत्र ( मार्च-अप्रैल) – इस महीने में चने का सेवन करे क्योकि चना आपके रक्त संचार और र...
22/09/2024

आहार के नियम भारतीय 12 महीनों अनुसार

चैत्र ( मार्च-अप्रैल) – इस महीने में चने का सेवन करे क्योकि चना आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। चैत्र के महीने में नित्य नीम की 4 – 5 कोमल पतियों का उपयोग भी करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है। नीम की पतियों को चबाने से शरीर में स्थित दोष शरीर से हटते है।

वैशाख (अप्रैल – मई)- वैशाख महीने में गर्मी की शुरुआत हो जाती है। बेल का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करना चाहिए जो आपको स्वस्थ रखेगा। वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करे क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।

ज्येष्ठ (मई-जून) – भारत में इस महीने में सबसे अधिक गर्मी होती है। ज्येष्ठ के महीने में दोपहर में सोना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है , ठंडी छाछ , लस्सी, ज्यूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजो का सेवन न करे। इनके प्रयोग से आपका शरीर रोग ग्रस्त हो सकता है।

अषाढ़ (जून-जुलाई) – आषाढ़ के महीने में आम , पुराने गेंहू, सत्तु , जौ, भात, खीर, ठन्डे पदार्थ , ककड़ी, पलवल, करेला आदि का उपयोग करे व आषाढ़ के महीने में भी गर्म प्रकृति की चीजों का प्रयोग करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

श्रावण (जूलाई-अगस्त) – श्रावण के महीने में हरड का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रावण में हरी सब्जियों का त्याग करे एव दूध का इस्तेमाल भी कम करे। भोजन की मात्रा भी कम ले – पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन को अपनाएं।

भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर) – इस महीने में हलके सुपाच्य भोजन का इस्तेमाल कर वर्षा का मौसम् होने के कारण आपकी जठराग्नि भी मंद होती है इसलिए भोजन सुपाच्य ग्रहण करे।

आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर) – इस महीने में दूध , घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते है। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते है क्योकि इस महीने में हमारी जठराग्नि तेज होती है।

कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) – कार्तिक महीने में गरम दूध, गुड, घी, शक्कर, मुली आदि का उपयोग करे। ठंडे पेय पदार्थो का प्रयोग छोड़ दे। छाछ, लस्सी, ठंडा दही, ठंडा फ्रूट ज्यूस आदि का सेवन न करे , इनसे आपके स्वास्थ्य को हानि हो सकती है।

अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) – इस महीने में ठंडी और अधिक गरम वस्तुओ का प्रयोग न करे।

पौष (दिसम्बर-जनवरी) – इस ऋतू में दूध, खोया एवं खोये से बने पदार्थ, गौंद के लाडू, गुड़, तिल, घी, आलू, आंवला आदि का प्रयोग करे, ये पदार्थ आपके शरीर को स्वास्थ्य देंगे। ठन्डे पदार्थ, पुराना अन्न, मोठ, कटु और रुक्ष भोजन का उपयोग न करे।

माघ (जनवरी-फ़रवरी) – इस महीने में भी आप गरम और गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल कर सकते है। घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का प्रयोग कर सकते है।

फाल्गुन (फरवरी-मार्च) – इस महीने में गुड का उपयोग करे। सुबह के समय योग एवं स्नान का नियम बना ले। चने का उपयोग न करे।

प्रतिदिन की कविता ,पुरानी यादें,,क्या ये सब आपको याद है?
31/10/2023

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महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं!!भारत में ऐसे शिव मंदिर है जो केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम तक एक सीधी रेखा में बनाये गये ...
21/02/2020

महाशिवरात्रि की ढेरों शुभकामनाएं!!
भारत में ऐसे शिव मंदिर है जो केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम तक एक सीधी रेखा में बनाये गये है।आश्चर्य है कि हमारे पूर्वजों के पास ऐसा कैसा विज्ञान और तकनीक था जिसे हम आज तक समझ ही नहीं पाये?

उत्तराखंड का केदारनाथ, तेलंगाना का कालेश्वरम, आंध्रप्रदेश का कालहस्ती, तमिलनाडू का एकंबरेश्वर, चिदंबरम और अंततः
रामेश्वरम मंदिरों को 79° E 41’54” Longitude के भौगोलिक सीधी रेखा में बनाया गया है।यह सारे मंदिर प्रकृति के 5 तत्वों में लिंग की अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसे हम आम भाषा में पंच भूत कहते है।पंच भूत यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और अंतरिक्ष।इन्ही पांच तत्वों के आधार पर इन पांच शिव लिंगों को प्रतिष्टापित किया है।
जल का प्रतिनिधित्व तिरुवनैकवल मंदिर में है,
अग्नि का प्रतिनिधित्व तिरुवन्नमलई में है,
वायु का प्रतिनिधित्व कालाहस्ती में है,
पृथ्वी का प्रतिनिधित्व कांचीपुरम में है
अतरिक्ष या आकाश का प्रतिनिधित्व चिदंबरम मंदिर में है!

वास्तु-विज्ञान-वेद का अद्भुत समागम को दर्शाते हैं ये पांच मंदिर।
भौगॊलिक रूप से भी इन मंदिरों में विशेषता पायी जाती है। इन पांच मंदिरों को योग विज्ञान के अनुसार बनाया गया था,और एक दूसरे के साथ एक निश्चित भौगोलिक संरेखण में रखा गया है।इस के पीछे निश्चित ही कॊई विज्ञान होगा जो मनुष्य के शरीर पर प्रभाव करता होगा।इन मंदिरों का करीब चार हज़ार वर्ष पूर्व निर्माण किया गया थाजब उन स्थानों के अक्षांश और देशांतर को मापने के लिए कोई उपग्रह तकनीक उपलब्ध ही नहीं था।
तो फिर कैसे इतने सटीक रूप से पांच मंदिरों को प्रतिष्टापित किया गया था? उत्तर भगवान ही जाने।केदारनाथ और रामेश्वरम के बीच 2383 किमी की दूरी है। लेकिन ये सारे मंदिर लगभग एक ही समानांतर रेखा में पड़ते है।आखिर हज़ारों वर्ष पूर्व किस तकनीक का उपयॊग कर इन मंदिरों को समानांतर रेखा में बनाया गया है यह आज तक रहस्य ही है।श्रकालहस्ती मंदिर में टिमटिमाते दीपक से पता चलता है कि वह वायु लिंग है।तिरूवनिक्का मंदिर के अंदरूनी पठार में जल वसंत से पता चलता है कि
यह जल लिंग है।अन्नामलाई पहाड़ी पर विशाल दीपक से पता चलता है कि
वह अग्नि लिंग है।कंचिपुरम के रेत के स्वयंभू लिंग से पता चलता है कि
वह पृथ्वी लिंग हैऔर चिदंबरम की निराकार अवस्था से भगवान के निराकारता यानी आकाश तत्व का पता लगता है।अब यह आश्चर्य की बात नहीं तो और क्या है कि ब्रह्मांड के पांच तत्वों का प्रतिनिधित्व करनेवाले पांच लिंगो को एक समान रेखा में सदियों पूर्व ही प्रतिष्टापित किया गया है।हमें हमारे पूर्वजों के ज्ञान और बुद्दिमत्ता पर गर्व होना चाहिएकि उनके पास ऐसा विज्ञान और तकनीक थाजिसे आधुनिक विज्ञान भी नहीं भेद पाया है।माना जाता है कि केवल यह पांच मंदिर ही नहीं अपितु इसी रेखा में अनेक मंदिर होगें जो केदारनाथ से रामेश्वरम तक सीधी रेखा में पड़ते है।इस रेखा को “शिव शक्ति अक्श रेखा” भी कहा जाता है।संभवता यह सारे मंदिर कैलाश को ध्यानन में रखते हुए बनाया गया हो जो 81.3119° E में पड़ता है!? उत्तर शिवजी ही जाने। कमाल की बात है
महाकाल" से शिव ज्योतिर्लिंगों के बीच कैसा सम्बन्ध है
उज्जैन से शेष ज्योतिर्लिंगों की दूरी भी है रोचक-
उज्जैन से काशी विश्वनाथ- 999 किमी
उज्जैन से,मल्लिकार्जुन- 999 किमी
उज्जैन से केदारनाथ- 888 किमी
उज्जैन से त्रयंबकेश्वर- 555 किमी
उज्जैन से सोमनाथ- 777 किमी
उज्जैन से ओंकारेश्वर- 111 किमी
उज्जैन से भीमाशंकर- 666 किमी
उज्जैन से घृष्णेश्वर - 555 किमी
उज्जैन से बैजनाथ- 999 किमी
उज्जैन से रामेश्वरम- 1999 किमी
उज्जैन पृथ्वी का केंद्र माना जाता है ।इसलिए उज्जैन में सूर्य की गणना और ज्योतिष गणना के लिए मानव निर्मित यंत्र भी बनाये गये है करीब 2050 वर्ष पहले ।और जब करीब 100 साल पहले पृथ्वी पर काल्पनिक रेखा (कर्क)अंग्रेज वैज्ञानिक द्वारा बनायीं गयी तो उनका मध्य भाग उज्जैन ही निकला ।आज भी वैज्ञानिक उज्जैन ही आते है सूर्य और अन्तरिक्ष की जानकारी के लिये ।।

Never give up 💫💫
11/02/2020

Never give up 💫💫

 #अजित_डोभालकौन है और क्या है जानें, असली जिंदगी के बारे में कुछ ख़ास बातें :👉 1945 में एक गढ़वाली उत्तराखण्ड ब्राह्मण परि...
10/08/2019

#अजित_डोभाल
कौन है और क्या है जानें, असली जिंदगी के बारे में कुछ ख़ास बातें :

👉 1945 में एक गढ़वाली उत्तराखण्ड ब्राह्मण परिवार में जन्म, पिता आर्मी में ब्रिगेडियर थे।
👉 1968 में IPS का एग्जाम टॉप किया, केरल Batch के IPS Officer बने।
👉 17 साल की Duty के बाद मिलने वाला Medal 6 साल की Duty के ही बाद मिला।
👉 पाकिस्तान में जासूस के तौर पर तैनाती, पाकिस्तान की आर्मी में मार्शल की पोस्ट तक पहुंचे और 6 साल भारत के लिए जासूसी करते रहे।
👉 1987 में खालिस्तानी आतंकवाद के समय पाकिस्तानी Agent बनकर दरबार साहिब के अंदर पहुंचे, 3 दिन आतंकवादियों के साथ रहे। आतंकवादियों की सारी Information लेकर Operation Black Thunder को सफलता पूर्वक अंजाम दिया।
👉 1988 में कीर्ति चक्र मिला, देश का एक मात्र Non Army Person जिसे यह Award मिला है।
असम गए, वहां उल्फा आतंकवाद को कुचला।
👉 1999 में Plane Hijacking के समय आतंकवादियों से Dealing की !
👉 RSS के करीबी होने के कारण मोदी ने सत्ता में आते ही NSA (National Security Advisor) बनाया !
👉 बलोचिस्तान में Raw फिर से Active की, बलोचिस्तान का मुद्दा International बनाया।
👉 केरल की 45 ईसाई नर्सों का Iraq में Isis ने किडनैप किया। डोभाल खुद इराक़ गए, ISI से पहली बार Hostages ज़िंदा बिना बलात्कार हुए (महिला) वापिस लौटे
👉 राष्ट्रपति अवार्ड मिला।
👉 2015 मई में भारत के पहले सर्जिकल Operation को अंजाम दिया। भारत की सेना म्यांमार में 5 किमी तक घुसी । 50 आतंकवादी मारे।
👉 नागालैंड के आतंकवादियों से भारत की इतिहासिक Deal करवाई, आतंकवादी संगठनों ने हथियार डाले।
भारत की Defence Policy को Agressive बनाया। भारत की सीमा में घुस रहा पाकिस्तानी Ship बिना किसी Warning के उड़ाया,कहा बिरयानी खिलाने वाला काम नही कर सकता।
👉 कश्मीर में सेना को खुली छूट दी, Pallet Gun सेना को दिलवाईं। पाकिस्तान को दुनिया के मुस्लिम देशों से ही तोड़ दिया।
👉 2016 सितंबर आज़ाद भारत के इतिहास का 1971 के बाद सबसे इतिहासिक दिन। डोभाल के बुने गए Surgical Operation को सेना ने दिया अंजाम। PoK में 3 किलोमीटर घुसे। 40 आतंकी और 9 पाकिस्तानी फौजी मारे। दोनों Surgical Strikes में Zero Casuality
Air Surgical Strike की सफलता को तो दुनिया ने सेटेलाइट द्वारा देखा ही है।
👉 कश्मीर से धारा 370 हटाने व शांति की स्थापना में विशेष योगदान

👉 देशभक्त हिंदू संगठन Vivekanand Youth Forum की स्थापना की।

✌️ एक वो बाजीराव था जो कहा करता था मैं दिल्ली जीत सकता हूँ । एक डोभाल है जो कहते है की मैं इस्लामाबाद जीत सकता हूँ, हमें आप पर गर्व है।
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जय हिंद 🇮🇳 वंदेमातरम्

19/07/2019
कुछ महीनो पहले की बात है,में अपने ऑफ़िस से घर जाने के लिए एक बस में सवार था,शाम का समय था बहुत भीड़ थी,अचानक कुछ दूरी पर...
12/07/2019

कुछ महीनो पहले की बात है,में अपने ऑफ़िस से घर जाने के लिए एक बस में सवार था,शाम का समय था बहुत भीड़ थी,अचानक कुछ दूरी पर जाके ट्रैफ़िक जाम लग जाता है ये बात जयपुर के दुर्गापुरा साइड की है,और कुछ लोग तभी बस में से उतरने लगते है,उनमें से में भी एक था,सामने की तरफ़ एक ऐक्सिडेंट हुआ था,लोग चारों तरफ़ खड़े थे,कुछ लोग ट्रैफ़िक लाइट को कोश रहे थे कुछ वीडीयो बना रहे थे,कुछ कह रहे थे कार ड्राइवर ने ड्रिंक कर रखी थी,असल में वहा एक पुराने स्कूटर और कार की टक्कर हुई थी,स्कूटर सवार 45-50 साल के एक अंकल थे,उनके सर उलटे हाथ और उलटे पेर में काफ़ी ज़्यादा चोट लगी थी घाव बहुत गहरे थे ख़ून बह रहा था वीडीयो बनाने की बजाय में और 2-3 लोग जिनमे से एक स्कूटी पे लड़की भी थी,उनको एक हॉस्पिटल में ले गए वे व्यक्ति बेसुध थे और ताज़ुब की बात है ,ना उनकी जेब में पर्स था और ना कोई फ़ोन अब ये कहना ग़लत नहीं होगा की भीड़ में से किसी ने ले लिया होगा,ख़ैर हम लोगों ने उन्हें जैसे तैसे करके हॉस्पिटल में भर्ती करवाया वे बोल रहे थे पुलिस केस है ये वो हमनेनिवेदन करके उन्हें मनाया,,चोटें गहरी थी वे मान गये ये कहके की इनके रेलटिव्ज़ को बुलाओ अब हमारे पास उनके कोई कॉंटैक्ट नम्बर नहीं,मगर हमने फिर भी कहा की आप इलाज शुरू करे हम बुलाते है ,हम लोग वही रुके रहे,कुछ देर बाद डॉक्टर सर ने कहा कि उन अंकल को B+ ब्लड चाहिए,,हम 4 में से 2भाइयों कोघर के लिए बहुत लेट हो रहा था तो उन्हें जाना पड़ा उनका इतना सहयोग भी सराहनीय था,हम 2 जने वहा बचे और शौभाग्य से उन मेम का ब्लड ग्रूप B+ था,उनने बिना हिचके तुरंत हाँ कहा,एक बार को डॉक्टर भी उनके कम वज़न को देखकर ब्लड लेने में हिचक रहे थे मगर उनकी द्रड इच्छा शक्ति देखकर डॉक्टर ने मना नहीं किया और ब्लड लिया उसके बाद वे मेम वहा से चली गयी,थोड़ी देर बाद उन अंकल को होश आ गया और उनने अपने परिवार को बुला लिया फिर में भी वहा से अपने घर के लिए रवाना हो गया और अपने अंदर ले चला महिलाओं के प्रति और ज़्यादा सम्मान और आदर..इस लेख को लिखने के पीछे मेरा एक ही उद्देश्य है की जब भी हम ऐसा कुछ देखे वीडीयो बनाने के बजाय हमें उनकी मदद करनी चाहिए क्यूँकि उनका भी कोई उनके घर इंतज़ार कर रहा है
जय हिंद
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मैं यों ही अपने काम से निकला था कि रास्ते मे एक गन्ने की जूस की ठेली पर जूस पीने रुक गया । वह सामने से आया और जूस की ठेल...
28/06/2019

मैं यों ही अपने काम से निकला था कि रास्ते मे एक गन्ने की जूस की ठेली पर जूस पीने रुक गया । वह सामने से आया और जूस की ठेली के सामने खड़ा हो गया मैन पूछा जूस पिओगे ? उसने गर्दन हिला कर हां कहा मैन जूस वाले को 2 जूस के गिलास बनाने को बोला जैसे ही वह सामने आया उससे बहुत ही बुरी दुर्गंध आ रही थी, बाल लंबे, बढ़ी हुई दाढ़ी और बहुत दिनों से भूखा ।
मैन उसे अपनी स्कूटी में बिठाया और नाई के पास ले गया एक जगह से मना होने के बाद मैं फिर दूसरे नाई के पास ले गया उसने बाल और दाड़ी काटने के लिए हां तो कर दिया लेकिन सिर्फ मशीन से काटने को कहा । मैन कहा जैसे भी काटते हो काटो, फिर मैं दुकान से नए अंडर गारमेंट एंव नहाने की साबुन और अपने घर से अपने पुराने कपड़े ले गया ।
बाल काटने के बाद जब मैं उसे नहलाने ले गया तो बदबू के कारण वहां पर लोगो ने उसे नहलाने से मना कर दिया जब मैंने गुस्सा से बोला तो उन्होंने हां कर दिया, नहलाने के लिए जब मैंने उसके कपड़े उतारे तो देखकर आश्चर्य चकित रह गया । वह मेंटली डिस्टर्ब था और कपड़ो में ही मल मूत्र करता था जो कि पैंट से पैर के रास्ते बाहर आता था। मल पूरे शरीर पर सुख चुका था जिसे पत्थरों से रगड़ रगड़ कर निकाला गया । उसे नहलाने में मैं अकेला था और बाकी के लोग बस दूर से देख रहे थे उनमें से 1 - 2 दयालु लोग भी थे जो आगे आये और मेरा साथ दिया ।
नहलाने के बाद पता चला कि उसके सर पर एक गहरी चोट लगी हुई है, फिर मैं उसे नजदीकी क्लिनिक ले गया और चोट पर मरहम पट्टी की ।
उसे खाना खिलाया और अलविदा कह कर अपने काम पर आगे निकल गया । अपने बिजी स्कीडुल से मैने बस 2 घंटे निकले और मात्र 400 - 500 रुपये का खर्च आया । मैं उसे जादा तो नही पर कुछ दिनों के लिय नरक जैसे जिंदगी से मनुष्य जैसी जिंदगी दिलाने में सफल हुआ और उसके बाद जो संतुष्टि मिली उसे लिख नही सकता ।
आपके आस पास भी ऐसे बहुत से लोग है बस अपना एक घंटा मानवता के लिए क्योंकि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है

जानबरो के  वैज्ञानिक नाम
24/06/2019

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