13/07/2024
नव प्रवेश अभियान सत्र 2024-25
A state govt senior secondary School with highly qualified teaching staff and good results in a row
13/07/2024
नव प्रवेश अभियान सत्र 2024-25
01/07/2024
सत्र 2023-24 बोर्ड परीक्षाओं के 100% परिणाम
नवीन प्रवेश प्रारम्भ
नवीन प्रवेश हेतु विद्यालय में संपर्क करें
26/07/2023
😂😂😂❤️
28/01/2023
विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की कुछ झलकियां
प्रिय अभिभावकों !
सादर नमस्कार।
सभी बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं आगामी निर्देशों तक स्थगित की गई है अतः आपसे निवेदन है कि बच्चों को घर पर परीक्षा तैयारी करवाते रहे एवं अनावश्यक घरों के बाहर नहीं जाने दें। पुनः परीक्षाओं की तिथियां घोषित होने पर समाचार पत्रों व अन्य साधनों के माध्यम से आपको सूचना मिल जाएगी।
सधन्यवाद।
26/02/2020
You are cordially invited
आप सादर आमंत्रित हैं
अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विद्यालय के एक शिक्षक द्वारा प्रस्तुत गीत के अंश
05/09/2019
It's a great moment For our school that our school team won District Softball Tournament today and defeated vijay central Academy's team in the final which were held at Govt Senior Secondary School Adarsh Nagar Jaipur
02/09/2019
जिला स्तरीय सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता का प्रथम दौर में बालक और बालिकाओं ने अपने - अपने मैच कृमशः 10-0 व 13-3 से जीते.
24/08/2019
जन्माष्टमी पर्व पर विद्यालय में उत्सव मनाते हुए
कक्षा एक से छः (6-12 yrs age) तक के बच्चों के माता पिता और अभिभावक ध्यान दें !
इनकी फितरत समझें, इनके सामान्य लक्षण जानें,
ताकि आपकी समझ से इनका विकास शानदार ढंग से हो सके और
इनकी यह ‘बाल्यावस्था’ सार्थक हो सके.
1. इन बच्चों की लम्बाई अब कम गति से बढ़ेगी. इसलिए इनकी लम्बाई को लेकर टेंशन न लें ! अभी इनके भीतर के अंगों का विकास अधिक होना है.
2. मानसिक रूप से ये मौजी किस्म के बच्चे हैं ! ये चाँद तारों का या किसी भी चीज को निहारते रहते हैं, बिना वजह और बिना वजह घूमते रहने का भी इनको शौक होता है. इसलिए माता पिता और शिक्षक इस बात को लेकर ज्यादा टोका टोकी न करें बल्कि इनकी इस आदत के अनुसार ही इनके सीखने की व्यवस्था करें. रूटीन की बातों में इनका मन लम्बे समय तक नहीं टिकता है, इसलिए रोचक सामग्री और विधि से पढ़ाने का कष्ट करें.
3. ये बहुत अधिक सामाजिक होते हैं ! रिश्तेदारों में इनकी गहरी रुचि होती है. ब्याव या किसी अन्य प्रोग्राम में इनको मेहमानों को सब्जी रोटी परोसने का काम सौंपो, इनको मजा आ जायेगा और आपको वालंटियर्स मिल जायेंगे. बड़े वाले बच्चे ‘मैं नहीं’ मैं नहीं’ करेंगे जबकि ये ‘मुझे दो मुझे दो’ कहते हैं. स्कूल में पौधों को पानी देना है तो इनको ही भेजो. यानी इनकी सामाजिकता का सम्मान करो. इनको समूह में काम करने दो.
4. इनको यह ‘गलतफहमी’ भी रहती है कि ये ‘बड़े’ हो गए हैं. इनको लगता है कि इनका पूरा मान सम्मान हो. आप इनको ‘टींगर’ समझने की भूल मत करो. घर में कोई महत्वपूर्ण निर्णय हो रहा हो तो इनसे सलाह लो, इनको मजा आ जायेगा. स्कूल में भी इनके माथे जिम्मेदारी डाल दो. ये भी खुश और आप भी.
5. अपनी भावनाओं को कंट्रोल करना इनको खूब आता है. पर इसका अर्थ यह न लगायें कि इनकी सहनशक्ति का फायदा उठायें.
एक पूरा चैप्टर हो जाएगा इन पर, लेकिन कुछ इशारे मैंने किये हैं.
देखिये, माता पिता होना या शिक्षक होना मजाक नहीं है, यह जिम्मेदारी का काम है. हम भारतीय हर मामले में जीवन को मजाक की तरह लेते हैं और यही हमारे दुनिया में पिछड़ने का कारण है. हम वोट देकर आगे की जिम्मेदारी नहीं निभाते तो बच्चों को पैदा करके उनको ठीक ढंग से बड़ा करने का सही तरीका भी नहीं अपनाते हैं. इसीलिये मानव विकास सूचकांक में हम 130 वें स्थान से ऊपर नहीं बढ़ पाते हैं. विश्व गुरु मजाक में नहीं बनते हैं. जब हम विश्व गुरु थे तो बहुत जिम्मेदार थे.
सादर
*निजी स्कूलों को छोड़ सरकारी में लिया प्रवेश, फिर ऐसे किया टॉप : जरूर पढ़ें*
शिक्षा
RBSE 12th Arts Result 2019
RBSE 12th Arts Result 2019
सरकारी स्कूलों पर सवाल उठाने वालों को इन होनहार बच्चों ने दिया जवाब : सरकारी स्कूलों के लिए आमतौर पर लोगों को लगता है कि यहां पढाई नहीं होती। लेकिन 12वीं कला वर्ग के परिणामों ने इस धरना को गलत साबित कर दिया है। प्रदेश की टॉपर गीता जयपाल ने सरकारी स्कूल से पढाई करके ही 99.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। इसी प्रकार राजधानी जयपुर के सरकारी स्कूलों में भी बच्चे अव्वल रहे हैं। कई स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया और अब 94 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं।
तीन किमी दूर है स्कूल
गीता जयपाल अपने चक से करीब तीन किमी दूर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोरावरसिंहपुरा में पढऩे जाती थी। गीता के पिता मंगलाराम जयपाल दर्जी और माता संगीता जयपाल गृहिणी है। महज चार बीघा जमीन है, जिसमें से दो बीघा बारानी है। गीता पढ़ाई के साथ-साथ घर के काम में भी हाथ बंटाती है। प्रदेश की टॉपर गीता जयपाल ने सरकारी स्कूल से पढाई करके ही 99.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
पिता सरकारी शिक्षक, बेटे को निजी स्कूल से निकालकर सरकारी में कराया दाखिला
गाँधी सर्किल स्थित राजकीय पोद्दार उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र पुलकित शर्मा ने 94.60 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। पुलकित के पिता शशिभूषण शर्मा खुद भी सरकारी शिक्षक हैं। वर्तमान में उसी स्कूल है। पिता शशिभूषण शर्मा ने अपने इकलौते बेटे को 8वीं कक्षा के बाद निजी स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में दाखिला कराया। इस पर परिवार ने उनका विरोध भी किया। पुलकित ने बताया कि पढ़ाई में अव्वल रहने के साथ एनसीसी, एनएसएस के कैडेट हैं। फुटबाल टीम में राज्यस्तर पर खेल चुके हैं। पुलकित भविष्य में कॉलेज लेक्चरर बनना चाहते हैं।
बागवान की बेटी ने रोशन किया क्षेत्र का नाम
बाड़ा पदमपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खाजलपुरा में कक्षा 12वीं के कला संकाय में अध्ययनरत छात्रा सुमन मीना निवासी खाजलपुरा ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर माता -पिता के साथ क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सुमन ने इसका श्रेय पिता कृष्णकुमार मीना को दिया है। वह आइएएस बनकर क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहती है।
विद्यार्थी के साथ शिक्षक भी, हासिल किए 92 फीसदी अंक
ब्रह्मपुरी निवासी हेमलता पारीक ने 92 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। वह ब्रह्मपुरी स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ब्रह्मपुरी कँवर नगर की छात्रा है। हेमलता ने बताया कि उन्होंने ने 10वीं कक्षा तक निजी स्कूल में पढ़ाई की थी। 11वीं से सरकारी स्कूल में दाखिला लिया। वहां शिक्षकों के मार्गदर्शन से 92 फीसदी नंबर हासिल किए। हेमलता ने बताया कि वह पिछले दो साल से 6वीं-7वीं कक्षा के बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ा रही है।
निशा ने पाए 91.20 फीसदी अंक
ब्रह्मपुरी निवासी निशा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ब्रह्मपुरी, कँवर नगर की छात्रा है। निशा ने 91.20 अंक हासिल किए हैं। निशा के पिता मनोज सिंह नगीने का काम करते हैं, जबकि मां गोदावरी देवी गृहिणी है। कक्षा में नियमित पढ़ाई के साथ जब भी दिक्कत आई तो शिक्षकों ने मदद की। निशा शुरू से ही सरकारी स्कूल की छात्रा है। निशा भविष्य में शिक्षिका बनना चाहती है।