सफलता के नियम
आपका जूनून-
आईएएस की तयारी कर रहे कई लोगों से यह कहते सुना है कि ये तो असंभव सा लक्ष्य है सर बस आज़मा रहे हैं अगर बन गए तो बन गए ये क्या है ??मतलब आपको खुद पर यकीन नहीं है और न ही आईएएस के लिए आपके अंदर जूनून है ...सफलता के लिए सबसे पहले आपको अपने अंदर एक जूनून पैदा करना होगा ..जिससे आपको हर पल ये अहसास हो कि हाँ मैं ये कर सकता हूँ !!
२. पीछे देखने कि आदत-----
बहुत से लोग कहते हैं कि उनका अतीत उन्हें आगे नहीं बढ़ने देगा मतलब उनके अतीत में ऐसी बहुत सी चीजे हैं जिनके कारण वो आगे नहीं बढ़ सकते... इसमें सबसे बड़ा जो कारण बताते हैं वो है कि हम अभी तकपढाई में बहुत कमजोर थे ...हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर थी आदि आदि .... आपके कहने के हिसाब से आपका अतीत आपको आगे नहीं बढ़ने दे रहा ,..ये बिलकुल असत्य है . दोस्तों हम चाहे जितने अमीर या वीर हो हम अपना बीता हुआ कल नहींबदल सकते तो फिर हम उसकी वजह से आने वाली जिंदगी क्यों ख़राब करें ..? जो बीत गया सो बीत गया .अब हम आज को अच्छा बना सकते हैं ताकि हमारा आने वाला कल उज्जवल हो.... एक बात हमेशा याद रखिये कि आपको अतीत को अब छोड़ना होगा क्योंकि """ पीछे पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते "" !!
३.. आपका टाइम मैनेजमेंट यानि समय प्रबंधन---- जो लोग मेरे संपर्क में हैं उनसे जब कभी मैं पूछता हु कि "" पढाई कैसी चल रही है "" तो अक्सर उनका एक जवाब होता है कि सर अभी दो दिन से थोड़ा बिजी से घर में मेहमान आये थे या घर में समस्या थी या हम टेंशन में थे और भी बहुत सी चीजें !!
आप लोगों में से बहुत से लोगो के साथ ये होता होगा कि किसी कारण से आपकी पढाई बाधित हो जाती है पर एक सवाल जो मैं आप सबसे पूछना चाहूंगा कि क्या इन दिनों जब आपके पास समस्या थी तो आपने
खाना छोड़ा ?
नहाना छोड़ा ?
सोना छोड़ा ..?
नहीं न..तो फिर पढाई क्यों ..?
क्योकि वो सब आपकी दिनचर्या का एक हिस्सा हैं और पढाई नहीं .तो पढाई को भी दिनचर्या का एक हिस्सा बनाइये न अगर आपको सफलता चाहिए तो आपको बिना किसी औपचारिकता और बहाने के पढाई को बराबर टाइम देना होगा !!
४... आपकी दोस्ती ,
प्यार और आपकी सफलता---- आज का युवा दो चीज में तो माहिर है एक दोस्ती और दूसरा प्यार माँ ने भेजा सब्जी लेने और वह दोस्त मिल गया तो लगे गप शप में जहाँ १० मिनट में लौट आना था वहां लग गए १ घंटे....!! गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड का फोन आ गया तो चिपक गए...!!!! आप महसूस करते हो कि कितना टाइम आप दिन में बर्बादकर देते हो ..??? मैं ये नहीं कह रहा कि आप दोस्त और प्यार छोड़ दीजिये .
बस मैं इतना कहता हूँ कि अभी दुनियादारी कि बातें करने को जिंदगी पड़ी है लेकिन अगर ये वक़्त निकल गया फिर दोबारा नहीं आने वाला .थोड़ा सेल्फिश बन जाइये .और दोस्तों को भी सही दिशा में लगाइये .आप लोगों के बीच बाटे हो तो कम की दुनियादारी की बातो से टाइम भी बर्बाद होता है और तनाव भी बढ़ता है
कन्फयूजन की एक लाइन मुझे याद है '"
""उससे कभी मित्रतान कर जो तुझसे बेहतर न हो""" !!
Upsc Rpsc Ssc Bank Study Group
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जागो और जगाओ, समाज के हक की आवाज उठाओ !
अंधविश्वास हटाओ,शिक्षाकी अलख जाओ!!
जय भीम जय संविधान
कैंसर से जंग जीतकर काम पर लौटीं सोनाली बेंद्रे. बालिवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे अब इंड्स्ट्री में वापस आ चुकी है। बीते साल ही कैंसर से जूझ रही सोनाली अब ठीक हैं। पिछले काफी वक्त से उनका इलाज न्यूयॉर्क में चल रहा था। वो करीब 6 महीने न्यूयॉर्क में रहकर आईं हैं। अब वो इंडिया वापस आ चुकी है। बीते दिनों से ही वो इंडिया में थी और अबतक आराम ही कर रही थी। लेकिन अब वो अपने काम पर लौट चुकी हैं। हाल ही में सोनाली ने सोशल मीडिया पर एक बेहद प्यार और खास पोस्ट किया है। इस पोस्ट में सोनाली ने बताया है कि वो अब वापस काम पर लौटी हैं। काफी लंबे वक्त के बाद सेट पर लौट रही हूं। ये एक तरह से बहुत फीलिंग अलग है। मैं काम पर लौटते हुए बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। इन सबके बाद मुझे लगता है कि फिर से एक बार एक्शन में आना अब और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। सेट पर दोबारा लौटकर और एक बार फिर से कैमरे के सामने आकर मुझे कैसा महसूस हो रहा है। ये शब्दों में बयां करना और भी ज्यादा मुश्किल है। मेरा मन पिछले कुछ समय से बहुत ही ज्यादा उदास था। पर अपनी जॉब पर लौट कर आना मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। ये उन दिनों में से है जो मुझे सबसे ज्यादा खुशी महसूस करवाता है।
यहाँ UPSC सिलेबस के अनुसार IAS/UPSC परीक्षा के विषयो की पूर्ण सूची दी गयी है | IAS परीक्षा को भारतीय प्रशानिक सेवा के रूप में भी जाना जाता है , यह एक भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओ में से है | इसलिए यह चुनौती स्वीकार करने वाले उम्मीदवारों के लिए भारत सरकार के द्वारा बनया गया पाठ्यक्रम प्रारूप है जो हम आपके सामने प्रस्तुत करने जा रहे है , यह सिलेबस UPSC और CIVIL सेवा के सभी उम्मीदवारों के लिए है |
IAS सिलेबस , IPS और इनकम टैक्स जैसे परीक्षाओ का सिलेबस एक जैसा होता है | इनका परीक्षा भी एक ही होता है जो UPSC के द्वारा लिया जाता है जो इनका सिलेबस निर्धारित करती है |
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित किया जाता है:
चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा या सीसैट (वस्तुनिष्ठ धारा)
चरण 2: मुख्य परीक्षा (व्यक्तिपरक धारा)
चरण 3: साक्षात्कार (गायन (VOCAL) अनुभाग)
चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा – सीसैट सिलेबस:
सीसैट या सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा का पहला चरण है। इस परीक्षा में ‘तर्क और विश्लेषणात्मक के सवालों को हल करने में परीक्षार्थियों की योग्यता का आकलन किया जाता है | आईएएस प्रारंभिक परीक्षा में दोनों पेपर वस्तुनिस्थ प्रकार के होंगे और प्रत्येक २०० अंक के होंगे |
उम्मीदवार अगर प्रारंभिक परीक्षा में सफल होते है तो उन्हें फाइनल परीक्षा के लिए चुना जाता है |
पेपर 1 के पाठ्यक्रम
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के वर्तमान घटनाओं।
भारत और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास।
भारतीय और विश्व भूगोल – शारीरिक, सामाजिक, भारत के आर्थिक भूगोल और दुनिया।
भारतीय राजनीति और शासन – संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकारों के मुद्दों, आदि
आर्थिक और सामाजिक विकास – सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल, आदि
पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर ● जनरल मुद्दों – उस विषय विशेषज्ञता सामान्य विज्ञान की आवश्यकता नहीं है|
प्रारंभिक परीक्षा
पेपर विषय कुल अंक समय
I सामान्य अध्यन 200 अंक 2 घंटे
II एप्टीत्युड स्किल 200 अंक 2 घंटे
पेपर-2 के पाठ्यक्रम
बूझ (Comprehension)
संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल;
तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता
निर्णय लेने और समस्या को सुलझाने
सामान्य मानसिक योग्यता
मूल संख्यात्मक कार्यो (संख्या और उनके संबंधों, परिमाण के आदेश, आदि) (दसवीं कक्षा के स्तर), डेटा व्याख्या (चार्ट, रेखांकन, टेबल, डेटा प्रचुरता आदि – दसवीं कक्षा के स्तर)
चरण 2: मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम
दूसरा चरण उम्मीदवार की शैक्षणिक प्रतिभा और उसके समझ को गहराइ से नापा जाता है | उनकी यादाश्त और उनकी समझ परखने के अलावा उनकी व्यापक बौधिक क्षमता और विश्लेषण करने की गुणवत्ता का परख किया जाता है |
UPSC की प्रारम्भिक परीक्षा में ९ विषय होते है , जिसमे से दो पेपर क्वालीफाइंग पेपर होते है और प्रत्येक ३०० अंक के होते है :
कोई भी भारतीय भाषा
अंग्रेजी
ये दो पेपर को पास करना अनिवार्य होता है इसमें सिर्फ अंक प्राप्त करना जरुरी नहीं होता |
बाकी बचे ७ पेपर को सवाधानिक ढंग से किसी भी भाषा में दिया जा सकता है |
निचे शेष ७ विषय दिए गए है :
पेपर विषय अंक
पेपर – I
निबंध
मध्यम या उम्मीदवार की पसंद की भाषा में लिखा जा सकता है
250
पेपर -II सामान्य अध्ययन -१
(भारतीय विरासत और संस्कृति,
इतिहास और दुनिया और समाज का भूगोल)
250
पेपर -III सामान्य अध्ययन -२
(गवर्नेंस, संविधान, राजनीति, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध)
250
पेपर -IV सामान्य अध्ययन -३
(प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन)
250
पेपर -V सामान्य अध्ययन -४
(नैतिकता, ईमानदारी और एप्टीट्यूड)
(4X250 सामान्य अध्ययन के द्वारा किया जाता था मार्क्स = 1000)
250
पेपर -VI
वैकल्पिक विषय – पेपर 1 250
पेपर -VII वैकल्पिक विषय – पेपर-२
(उम्मीदवारों को पेपर में साहित्य लेने की अनुमति दी गयी है और उस विषय में स्नातक होने की जरुरत नहीं है|)
250
उम्मीदवार नीचे दिए गए विषयों की सूची में से ‘वैकल्पिक विषयों’ में से किसी एक का चयन कर सकते हैं:
वैकल्पिक विषय साहित्यिक भाषा
कृषि आसामी
पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान अरबी
नृविज्ञान बंगाली
वनस्पति विज्ञान बोडो
रसायन विज्ञान डोगरी
Civil Engineering फ्रेंच
वाणिज्य और लेखा (Commerce and Accountancy) जर्मन
अर्थशाश्त्र गुजराती
Electrical Engineering हिंदी
भूगोल कन्नड़
भू विज्ञानं कश्मीरी
इतिहास कोंकणी
कानून मैथिलि
प्रबंधन (Management) मलयालम
गणित मणिपुरी
Mechanical Engineering मराठी
चिकित्सा विज्ञान नेपाली
दर्शन शाश्त्र ओरिया
भौतिकी पर्शियन
राजनीतिक विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध पंजाबी
मनोविज्ञान रुस्सियन
लोक प्रशासन संस्कृत
समाजशास्त्र संथाली
सांख्यिकी सिन्धी
जीव विज्ञान तमिल
– तेलगु
– उर्दू
– इंग्लिश
मुख्या परीक्षा
पेपर विषय कुल अंक
I दिए गए सूचि में से कोई भी एक भारतीय भाषा 300
II इंग्लिश 300
III निबंध 250
IV/V/VI/VII सामान्य अध्ययन (250 अंक प्रत्येक के लिए ) 1000
VIII & IX वैकल्पिक विषय -१ 500
लिखित के लिए कुल अंक 1750
जो उम्मीदवार परीक्षा में न्यूनतम क्वालीफाइंग अंक प्राप्त करता है उसे उसके विवेक के आधार पर आयोग समिति के द्वारा उसे अंतिम चरण में व्यक्तित्व परिक्षण के लिए या साक्षात्कार के लिए प्रवेश करते है |
चरण 3: साक्षात्कार
उम्मीदवार को UPSC मुख्य परीक्षा पास करने के बाद अगले चरण जो व्यक्तित्व परिक्षण/ साक्षात्कार के लिए चुना जाता है , यह साक्षात्कार सिविल सेवा के बोर्ड द्वारा लिया जाता है जिनके पास उम्मीदवारों की पूरी जानकारी होगी | साक्षात्कार दौर सामाजिक लक्षण और समसामयिक मामलों में अपनी रुचि का आकलन करने और सार्वजनिक सेवा में एक कैरियर के लिए उम्मीदवार की व्यक्तिगत उपयुक्तता का विश्लेषण करने के उद्देश्य से सक्षम और निष्पक्ष का एक बोर्ड द्वारा आयोजित किया जाता है। व्यक्तित्व परीक्षण के दौरान मूल्यांकन गुणों में से कुछ मानसिक सतर्कता, स्पष्ट और तार्किक प्रदर्शनी, आत्मसात, विविधता और ब्याज की गहराई के महत्वपूर्ण शक्तियों, न्याय के संतुलन, बौद्धिक और सामाजिक सामंजस्य और नेतृत्व के लिए नैतिक अखंडता की क्षमता का भी परिक्षण किया जाता है |
साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवार के मानसिक गुणों को प्रकट करने का इरादा, सोद्देश्य बातचीत पर जादा जोर दिया जाता है |
उम्मीदवार के रूप में उनकी पसंद की भाषा में यूपीएससी साक्षात्कार दे सकते है |
साक्षात्कार टेस्ट:
साक्षात्कार परीक्षा 275 अंक की होगी।
लिखित परीक्षा के कुल मार्क 1750 के होंगे ।
साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण 275 अंक की होगी।
महायोग 2025 मार्क्स होंगे |👍🏻👍🏻
*स्वीकार करने की हिम्मत*
*और*
*सुधार करने की नीयत हो*
*तो*
*इंसान बहुत कुछ सीख सकता है*।
*बुरे में अच्छा ढूँढो*
*तो कोई बात बने*
*अच्छे में "बुराई" ढूँढना*
*तो दुनिया का रिवाज है*.
💐🙏🏻सुप्रभात🙏🏻💐
*_Top 5 current affairs of the day 26 November 2018_*
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*_1.भारतीय संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया गया_*
_भारत में हर साल 26 नवंबर को 'संविधान दिवस' मनाया जाता है. इस दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है. उन्होंने भारतीय संविधान के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार किया है. भारत के संविधान का मसौदा तैयार करनेवाली समिति की स्थापना 29 अगस्त 1947 को की गई थी और इसके अध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की नियुक्ति हुई थी._
_देश के संविधान निर्माण की 69वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किये गये. 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाते हुए सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थाओं में संविधान के प्रति जागरूकता के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये गये._
*_2.पूर्व रेल मंत्री सी.के. जाफर शरीफ का निधन_*
_वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सी. के. जाफर शरीफ का दिल का दौरा पड़ने से 25 नवम्बर 2018 को बेंगलुरु के एक स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया. वे 85 साल के थे. वे पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रहे थे और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी._
_सी.के. जाफर शरीफ जुमे की नमाज के वास्ते जाने के लिए अपनी कार में सवार होने के दौरान गिर गए थे. इसके बाद उन्हें बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शरीफ के परिवार के सूत्रों ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे._
*_3.मैरी कॉम ने छठा विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया_*
_भारत की वरिष्ठ महिला बॉक्सिंग खिलाड़ी एम. सी. मैरी कॉम ने 24 नवंबर 2018 को आईबा महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के 10वें संस्करण में 48 किलोग्राम भार वर्ग का खिताब अपने नाम किया._
_मैरी कॉम ने फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसी के साथ मैरीकॉम छह वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं. इससे पहले मैरी कॉम ने साल 2002, 2005, 2006, 2008 और साल 2010 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब अपनी झोली में डाला था._
*_4.डब्ल्यूएमओ ने ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन रिपोर्ट-2018 जारी की_*
_संयुक्त राष्ट्र के तहत जलवायु से संबंधित संस्था अंतरराष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने हाल ही में ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन नाम से वार्षिक रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान समय में पृथ्वी के वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है._
_यह रिपोर्ट वर्ष 2018 की प्रतिबद्धताओं पर आधारित है. इसमें विश्व के विभिन्न देशों द्वारा ग्रीन हाउस गैसों को लेकर उठाये गये कदमों, आवश्यकताओं, कमजोरियों तथा आंकड़ों को शामिल किया गया है. कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड का स्तर पूर्व औद्योगिक स्तर से काफी अधिक और इसमें कमी होने की कोई संभावना दूर-दूर तक नहीं दिखाई दे रही है._
*_5.समीर वर्मा ने जीता सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब_*
_भारत के स्टार शटलर समीर वर्मा ने 25 नवम्बर 2018 को चीन के लू ग्वांगझू को हराकर लगातार दूसरी बार सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया. उन्होंने खिताबी मुकाबले में चीन के लू ग्वांगझू को 16-21, 21-19, 21-14 से हराया._
_यह मैच समीर ने एक घंटे 10 मिनट में जीता. विश्व नंबर-16 समीर वर्मा की विश्व रैंकिंग में 36वें पायदान पर काबिज लू ग्वांगझू के खिलाफ पहली जीत है. उन्होंने इस जीत के साथ ही इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में ग्वांगझू से मिली हार का बदला भी चुकता कर लिया है. इस जीत के साथ ग्वांगझू के खिलाफ करियर रिकॉर्ड 1-1 का हो गया है_
दैनिक समसामयिकी
06 November 2018(Tuesday)
INTERNATIONAL/BILATERAL
1.ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू
• ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 2015 के अंतरराष्ट्रीय समझौते से हटने के बाद अमेरिका ने सोमवार से तेहरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल व परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाना और मध्य पूर्व में उसके प्रभाव को खत्म करना है। प्रतिबंधों के दायरे में ईरान का बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र आएगा।
• साथ ही ईरान से तेल आयात बंद नहीं करने वाले देशों पर पेनाल्टी भी लगाई जा सकेगी। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने भारत को ईरान से तेल खरीदते रहने की सुविधा प्रदान कर दी है। प्रतिबंधों को ईरान ने ‘आर्थिक युद्ध’ करार देते हुए तेल निर्यात जारी रखने का एलान किया है। वहीं, चीन ने कहा है कि वह ईरान से तेल का आयात जारी रखेगा।
• अमेरिकी प्रतिबंधों के लागू होते ही तेल बाजार अलर्ट पर आ गया है। माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्ते बाजार की नजर ईरान के निर्यात और उत्पादन पर रहेगी।
• अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि ईरानी शासन को तब तक वित्तीय अलगाव और आर्थिक गतिरोध का सामना करना पड़ेगा जब तक वह अपने अस्थिर रुख में बुनियादी बदलाव नहीं लाता। जवाब में ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनका देश गर्व के साथ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करेगा क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं।
• उन्होंने कहा, ‘हम आर्थिक युद्ध के हालात में हैं और एक दादागिरी करने वाली ताकत का सामना कर रहे हैं। मुङो नहीं लगता कि अमेरिका के इतिहास में व्हाइट हाउस में कभी ऐसा व्यक्ति आया है जो कानून और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के इतना खिलाफ हो।’
• रूहानी ने आगे कहा, ‘वे (अमेरिकी) लगातार संदेश भेज रहे हैं कि आइए और बैठकर बात कीजिए। लेकिन हम क्या बात करें? पहले आप उन वार्ताओं का सम्मान कीजिए जो हम पहले कर चुके हैं ताकि अगली वार्ता के लिए आधार तो हो।’
• उन्होंने बताया कि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए उनकी न्यूयॉर्क यात्र के दौरान चार देशों ने उनके समक्ष मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया था।
• उधर, चीन ने एकतरफा अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रलय की प्रवक्ता हुआ चनिंग ने प्रेस क्रांफ्रेंस में कहा, ‘हम मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत चीन का सामान्य सहयोग (ईरान के साथ) कानूनी और वैध है।’
• उन्होंने कहा, ‘वर्तमान परिस्थितियों में हम सभी पक्षों से व्यापक दृष्टिकोण अपनाने, अपने कर्तव्यों को निभाने और सही पक्ष के साथ खड़े होने की उम्मीद करते हैं।’ ईरान के साथ 2015 के समझौते पर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और रूस, चीन ने हस्ताक्षर किए थे।
• आठ देशों को अमेरिका ने दी छूट : अमेरिका ने फिलहाल भारत, चीन, जापान, इटली, ग्रीस, दक्षिण कोरिया, ताइवान तथा तुर्की को ईरान से तेल खरीदते रहने की सुविधा प्रदान कर दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बताया कि 20 देशों ने ईरान से तेल आयात पहले ही घटा दिया है।
• यूरोपीय देशों ने जताया खेद : यूरोपीय यूनियन, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने अमेरिकी प्रतिबंधों पर खेद व्यक्त किया है। उनका कहना है कि वह ईरान के साथ वैध कारोबार कर रही अपनी कंपनियों के हितों की रक्षा करेंगे।
• ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रमों को लेकर अमेरिकी प्रतिबंधों भले ही प्रभावी हो गए हों, लेकिन ईरान अपने रवैये पर कायम है। सोमवार को ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम से मिसाइल दागकर परीक्षण किया। ईरान के इस कदम के बाद अमेरिका के साथ जारी तनाव बढ़ना तय है।
2. ईरान के मामले में दिखी भारत की प्रखर कूटनीति की धमक
• कूटनीति के जरिये आम जनता की जरूरतों की पूर्ति का यह चमचमाता उदाहरण माना जा सकता है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध सोमवार से लागू हो चुके हैं, लेकिन भारत इसके प्रभाव से अछूता है। यानी भारत, ईरान से तेल खरीदता रहेगा।
• निश्चित तौर पर भारत के अलावा कुछ और देशों को भी अमेरिकी प्रतिबंध से रियायत मिली है, लेकिन राजग सरकार ने पिछले छह महीनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह की कूटनीति दिखाई है उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दो धुर विरोधियों के बीच सामंजस्य बनाना और अपने हितों की रक्षा करने की कला दिखाने में राजनीतिक साहस और इच्छाशक्ति भी दिखानी होती है।
• भारत ने यह काम कर दिखाया है। अब भारत अपने पारंपरिक मित्र देश ईरान से फिलहाल कुछ महीनों तक तेल खरीद सकेगा और अमेरिका के साथ नई रणनीतिक रिश्तों पर कोई उल्टा असर भी नहीं होगा। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान को भी दिया जाएगा।
• ईरान के तीन सबसे बड़े तेल खरीदारों में शामिल है भारत : मई, 2018 में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ किए गए करार को तोड़ा था तभी यह साफ हो गया था कि भारत को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
• भारत आखिरकार ईरान के तीन सबसे बड़े तेल खरीददार देशों में से है। पिछले दो महीने से ईरान पर लगने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों के भय से मार्केट में उथल पुथल का माहौल था और सबसे ज्यादा चिंता देश के क्रूड इंपोर्ट को लेकर जताई जा रही थी।
• देश के कुल क्रूड इंपोर्ट में ईरान का योगदान करीब 26 फीसद है। अमेरिकी प्रतिबंध अगर भारत के लिए भी प्रभावी होते तो जाहिर है आपूर्ति पर असर पड़ता।
• इस तरह कामयाब हुई सरकार : मोदी सरकार ने शुरू से ही तीन स्तरों पर इस कदम से बचने की कोशिश शुरू कर दी थी। सबसे पहले तो ईरान को यह भरोसा दिलाना था कि भारत अपने इस पारंपरिक मित्र देश को यूं ही एक झटके में नहीं छोड़ सकता।
• हाल ही में भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने ईरान की यात्र की थी और वहां चाबहार पोर्ट से लेकर द्विपक्षीय कारोबार को दोगुना करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। दूसरी तरफ अमेरिका को यह बताया गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ईरान से तेल खरीदना कितना जरूरी है।
• अक्टूबर, 2018 में जब दोनों देशों के बीच टू प्लस टू वार्ता हुई तो यह पक्ष मजबूती से रखा गया कि अगर अमेरिका के प्रतिबंध भारत को कमजोर करते हैं तो यह अमेरिका के हितों के भी खिलाफ जाएगा। खास तौर पर चाबहार पोर्ट का जिक्र किया गया कि किस तरह से यह अफगानिस्तान में अमेरिका के हितों की रक्षा करता है।
• तीसरे स्तर पर यूरोपीय देशों के साथ चर्चा शुरू की गई कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद किस तरह से ईरान से तेल खरीदना जारी रखा जा सकता है।
• अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भारत की साख बढ़ी : अमेरिका की ओर से मिली ये छूट सिर्फ तात्कालिक राहत भर नहीं है बल्कि इस बात का भी परिचायक है कि अंतरराष्ट्रीय मोर्चो पर भारत की साख बढ़ी है और एक स्थिर और मजूबत नेतृत्व की जायज मांग को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यूं दरकिनार नहीं कर सकती।
• इसे प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय ख्याति और भारत के हितों को लेकर दुनिया के सामने उनकी दृढ़ता को भी दर्शाता है। यह इस बात को भी दर्शाता है कि भारत अब सॉफ्ट टार्गेट नहीं है। इस सफलता ने चीन, जापान जैसे देशों के मुकाबले एक लीडर के तौर पर स्थापित किया है।
3. भारत-मलावी में परमाणु ऊर्जा सहित तीन क्षेत्रों में समझौता
• उप-राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को मालावी के राष्ट्रपति आर्थर पीटर मुथरिका से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। इस मौके पर भारत और मलावी ने प्रत्यर्पण, परमाणु ऊर्जा में सहयोग और राजनयिकों एवं अधिकारियों के लिए वीजा में छूट संबंधी तीन समझौतों पर दस्तखत किए।
• विदेश मंत्रालय में सचिव टी एस तिरुमूर्ति ने बताया, दोनों नेताओं की वार्ता के दौरान भारत ने मालावी के रक्षा बलों के लिए विशेषीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की। उन्होंने कहा, ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप और मालावी के प्राकृतिक संसाधन, ऊर्जा एवं खनन मंत्रालय के बीच शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए परमाणु ऊर्जा में सहयोग संबंधी एक समझौते पर दस्तखत हुए।
• दोनों पक्षों ने प्रत्यर्पण संधि के लिए भी एक समझौते पर दस्तखत किए। इसके अलावा, राजनयिकों एवं आधिकारिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा छूट संबंधी भी एक समझौता हुआ। इस बीच, नायडू ने यहां ‘‘जयपुर फुट’ के एक शिविर का उद्घाटन किया।
4. भारत-कोरिया में पर्यटन करार
• कोरिया गणराज्य के साथ मिलकर पर्यटन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए सोमवार को केंद्र सरकार तथा कोरिया गणराज्य के बीच एक समझौता हुआ। भारत की ओर से पर्यटन मंत्री केजे अल्फांस तथा कोरिया गणराज्य की ओर से वहां के पर्यटन व खेल मंत्री डो-जोंग-हवान ने हस्ताक्षर किए।
• कोरिया गणराज्य के साथ पर्यटन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने संबधी समझौते के मसौदे को पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद पर्यटन मंत्रालय ने समझौते पर हस्ताक्षर की रस्म भी पूरी कर दी।
• आज एक समारोह में पर्यटन मंत्री केजे अल्फांस तथा कोरिया गणराज्य की ओर से वहां के पर्यटन व खेल मंत्री डो-जोंग-हवान ने समझौता हस्ताक्षर किए। इस समझौते के अनुसार दोनों देशों के बीच पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के साथ साथ पर्यटन से संबंधित जानकारी और डेटा का आदान-प्रदान बढ़ाया जाएगा तथा होटल और टूर ऑपरेटर समेत पर्यटन हितधारकों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
• इसके अलावा समझौते के अनुसार दोनों देश एक दूसरे के देश में यात्रा मेलों व प्रदशर्नियों में भागीदारी को प्रोत्साहित करेंगे तथा सुरक्षित, सम्माननीय और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देंगे।
5. बहुमत साबित होने तक राजपक्षे को पीएम के रूप में मान्यता नहीं मिलेगी
• श्रीलंका के स्पीकर कारू जयसूर्या ने सोमवार को राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को अपदस्थ करना और संसद का निलंबन अलोकतांत्रिक कदम है। उन्होंने कहा, बहुमत साबित होने तक वह म¨हदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री के तौर पर मान्यता नहीं देंगे।जयसूर्या के इस कड़े बयान के पहले, रविवार को सिरिसेना ने घोषणा की थी कि संसद की बैठक 14 नवम्बर को बुलाई जाएगी। जबकि, उन्होंने इस तारीख से एक सप्ताह पहले संसद की बैठक बुलाने का वादा किया था।
• स्पीकर ने कहा कि सात नवंबर को संसद की बैठक बुलाने की प्रतिबद्धता से सिरिसेना मुकर चुके हैं। सिंहाला में सोमवार को जारी बयान में जयसूर्या ने कहा कि संसद के अधिकतर सदस्यों ने उनके पास एक अर्जी देकर कहा है कि राष्ट्रपति द्वारा हाल में संसद में बदलाव का कदम असंवैधानिक है।
• जयसूर्या ने साफ कर दिया कि वह संसद में शक्ति परीक्षण चाहते हैं। इस वजह से राजपक्षे को संसद में प्रधानमंत्री का स्थान नहीं मिलेगा क्योंकि मौजूदा सरकार के सदस्यों को विपक्षी सीटों पर बैठना होगा।
• सिरिसेना ने 26 अक्टूबर को प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे को अपदस्थ करते हुए संसद की कार्यवाही 16 नवंबर तक निलंबित कर दी थी।
SCIENCE/DEFENCE
6. अरिहंत परमाणु हथियारों की ‘‘ब्लैकमेलिंग’ का मुंहतोड़ जवाब
• परमाणु शक्ति से चलने तथा परमाणु हथियारों से लैस पहली स्वदेशी पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के पहले गश्त अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के साथ ही देश ने जल, थल और नभ से परमाणु हथियार दागने की क्षमता हासिल कर नाभिकीय त्रिकोण का मुकाम हासिल कर लिया है।
• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसका सोमवार को आधिकारिक तौर पर ऐलान किया। यह पहला मौका है जब अरिहंत के अभियान के बारे में सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ कहा गया है। सफल गश्त अभियान से लौटी अरिहंत की पूरी टीम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा कदम और बेमिसाल उपलब्धि है।
• उन्होंने कहा कि पड़ोस में परमाणु हथियारों की बढ़ोतरी के बीच विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोधक क्षमता समय की जरूरत तो है ही यह भारत के दुश्मनों और शांति के दुश्मनों के लिए खुली चेतावनी है कि कोई किसी तरह का दुस्साहस न करे। उन्होंने कहा, आपकी यह सफलता परमाणु हथियारों के नाम पर ‘‘ब्लैकमेलिंग’ का माकूल और मुंहतोड़ जवाब है।
• मोदी ने कहा कि जब सारा देश दुर्गा पूजा और विजय दशमी का उत्सव मना रहा था उस समय अरिहंत की टीम देश के दुश्मनों का विनाश करने और देश की रक्षा के लिए अभियान और अभ्यास में जुटी थी।
• उन्होंने कहा कि यह धनतेरस खास है। अमूमन सभी इस देश अपने और परिवार के लिए विशेष उपहार लाते हैं इसी कड़ी में यह देश को दीवाली पर मिला अनुपम, अनूठा और बेमिसाल उपहार है। सारा देश इसके लिए अरिहंत की टीम और इस अभियान से जुड़े लोगों का कृतज्ञ है।
• उन्होंने कहा कि अरिहंत की टीम ने एक महीने के दौरान इसकी मारक क्षमता का सफल अभ्यास कर देश के नाभिकीय त्रिकोण को पूरा कर दिया है। इससे देश की सुरक्षा कई गुना बढ़ गई है साथ ही वह दुनिया के चु¨नदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि देश का यह नाभिकीय त्रिकोण विश्व शांति और स्थिरता का महत्वपूर्ण स्तंभ होगा।
• प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने परमाणु परीक्षणों की उपलब्धि को विश्वसनीय नाभिकीय त्रिकोण में बदलने का अत्यंत दुष्कर कार्य किया है।
• 6000 टन वजन की घातक पनडुब्बी है
• लंबाई 111 मीटर है और यह 350 मीटर की गहराई तक जा सकती है
• पानी के भीतर 44 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है
• यह 3500 किलोमीटर तक लक्ष्य को पानी के भीतर से भेद सकती है
• 26 जुलाई 2009 को जलावतरण किया गया था
• यह 83 मेगावाट के परमाणु रिएक्टर से चलती है
• दस अगस्त 2013 को इसके रिएक्टर ने काम करना शुरू कर दिया
• दिसम्बर 2014 में इसके गहन समुद्री परीक्षण शुरू किए गए
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एक छात्र जो असफल हुआ है, इसका अर्थ है वह किसी परीक्षा में बैठा है, इसका अर्थ है कि उसने कोई लक्ष्य तो बनाया हैं। कम-से-कम वह उन छात्रों से तो श्रेष्ठ है जिन्होंने बिना कोई परीक्षा दिए ही हार मान ली। परीक्षा देने वाला छात्र चाहे असफल हो गया लेकिन वह हर उस छात्र से अधिक आत्मविश्वास रखता है, अधिक योग्यता, क्षमता रखता हैं, अधिक जागृत जीवन्त है जो उस परीक्षा को देने की हिम्मत ही न जुटा सके। कहते हैं —-
” गिरते है शहसवार ही मैदाने जंग मे,
वे तिफ्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलें “
असफलता अभिशाप नहीं है। हर सफलता के पीछे कई असफलताओं से प्राप्त शिक्षा, सीख होती हैं। असफलता को सफलता के मार्ग में कभी बाधक न समझें। यदि वर्तमान असफलता से कुछ सीख सकते हैं तो जीवन में बहुत बड़ी-बड़ी सफलताएं आपका इन्तजार कर रही हैं।
असफलता को अपना मार्गदर्शक बनाएं
आप किसी भी परीक्षा से असफल हुए हैं तो अपनी असफलता के कारणों को जानने का प्रयास करें। आप पूर्ण ईमानदारी और धैर्य से अपनी असफलता के लिए जिम्मेदार हर छोटे-बड़े कारण का आकलन करें।
पूर्ण ईमानदारी का अर्थ
आप पूर्वाग्रह रहित होकर अपनी कमजोरियों एवं कमियों को पहचानें, जानें। स्वयं के प्रति ईमानदार रहें। स्वयं से झूठ न बोलें। स्वयं को भ्रमित न करें।
धैय का अर्थ
बहुत सोच-समझकर अपनी असफलता हेतू जिम्मेदार विभिन्न घटकों पर विचार करें। सबसे अह्रम बिन्दु यही है कि आज यह जान सकें कि आपसे कहां चूक हुई। कहीं आपकी तैयारी में कमी थी या आप तनाव में थे, या आपने परीक्षा देते समय कोई गलती कर दी या अन्य कोई कारण।
एक-एक कारण की स्वयं समीक्षा करें
हर कारण घटक को जानने के बाद सोचें कि क्या आप इन कारणों को दूर कर सकने की स्थिति में हैं।
भाग्य या दुर्भाग्य को असफलता हेतु जिम्मेदार ठहराने का प्रयास न करें।
यदि कुछ कारण ऐसे हैं जिनका उपाय आपके बस में नहीं हैं तो आपको अपने अभिभावकों या किसी अच्छे मित्र या किसी मनोचिकित्सक की राय लेनी चाहिए।
अभिभावकों की राय लें
देखा जाता है कि छात्र स्वयं अपनी समस्याओं एवं परेशानियों से जूझते रहते हैं। वे अभिभावकों से राय नहीं लेना चाहते हैं। वे सोचते है कि अभिभावक क्या समझते हैं ? , वे क्या कर सकते हैं ? यह सच हो सकता है कि आपकी शैक्षिक समस्याओं के सम्बन्ध में शायद अभिभावक कुछ न कर सकें लेकिन उनका अनुभव आपसे बहुत अधिक हैं। उन्होंने भी अपनी उम्र में बहुत-सी समस्याओं का सामना किया है, उनका कोई मित्र, परिचित आपके काम आ सकता हैं। कम-से-कम आपको उनकी राय से कोई हानि तो नहीं हो सकती हैं।
असफलता ही आपकी सफलता की कुँजी हैं
अपनी सफलता के कारणों का आकलन करने के बाद, आप पूर्ण आत्मविश्वास एवं दृढ़तापूर्वक, पुन: तैयारी करें। न निराश होने की आवश्यकता है, न ही यह सोचने की आवश्यकता है कि फिर हो गया तो क्या होगा? इसका सीधा-सा जवाब है कि जब ऐसा होगा तो सोचेंगे। आज ऐसा सोचने का कोई औचित्य नहीं हैं !
अधिकांश व्यक्तियों के तनाव का कारण भविष्य की बुरी आशंकाओं की कल्पना हैं। ऐसी कल्पनाएं जो कभी घटित ही नहीं होती हैं। आप इस बार असफल हुए तो क्या हो गया। आपका यह निर्णय कि मुझे पुन: प्रयास करूँ तो असफलता मिल सकती हैं, तभी तो आप प्रयास हेतु तैयार हुए हैं। और जब आपमें यह आत्मविश्वास है तो पूरे संकल्प एवं लगन से जुट जाएं सफलता क्यों नहीं मिलेगी? कोई आशंका मन में न लाएं। हर सफल व्यक्ति कितनी ही बार असफल होता हैं, फिर आप निराश क्यों हो रहे हैं। आशा, आत्मविश्वास, दृढ़-संकल्प, कड़ी मेहनत के साथ अपनी कमियों/कमजोरियों का सच्चा आकलन कर उनका परिर्माजन करने से हर असम्भव कार्य सम्भव होता हैं।
” असफलता सफलता की पहली सीढ़ी है “
लोग क्या कहेंगे ?
यह एक ऐसी बीमारी है, जिससे क्या छात्र, क्या अभिभावक, सभी त्रस्त रहते हैं। मैं फेल हो गया तो लोग क्या कहेंगे ? मेरा बेटा फेल हो गया तो लेाग क्या कहेंगे ? अधिकांश छात्र/अभिभावक इन्हीं उलझनों से तनावग्रस्त रहेते हैं। जो कहेंगे, कहने दो। वे आपकी असफलता को तो सफलता में बदल नहीं सकते। वैसे भी लेाग तो कहते ही है, चाहे आप सफल हों या असफलत। हर व्यक्ति का अपना सोचने का ढंग होता हैं। आप सफल हो गए तो कहेगें, उसे कितना घमण्ड हो गया है। फेल हो गए तो कहेंगे, हम तो पहले ही जानते थे, पास होना इतना आसान है क्या? स्वयं को बहुत इन्टेलीजेन्ट समझता था।
वैसे भी लोगों को दूसरों पर कुछ-न-कुछ टिप्पणी करने में मजा आता है। कोई सकारात्मक ढंग से सोचता है तो कोई नकारात्मक ढंग से। प्रश्न है कि आप यह सोचकर क्यों परेशान है कि लोग क्या कहेंगे?
मुख्य बात यही है कि आप अपने लक्ष्य को हासिल करने हेतु प्रयासरत रहें। पूरी र्इमानदारी, लगन एवं निष्ठा से अपन कर्तव्य का पालन करें। आपको सफल होना हैं, चाहे कोई कुछ भी कहे। सफल होने के बाद, सब कुछ सुहावना लगता हैं। आपके समक्ष सब अच्छा ही बोलते हैं, पीछे चाहे कोई कुछ भी कहता रहें।
नकारात्मक सोच के व्यक्तियों से हमेशा दूर रहें
आपको जीवन में, अपने आस-पास ऐसे बहुत-से मित्र, रिश्तेदार, व्यक्ति मिल जाएंगे, जो आपको आगे बढ़ने से रोकने में बहुत अह्रम भूमिका निभा सकते हैा।
जिनकी सोच हमेशा, आत्महीनता, निराशावादी एवं भाग्यवादी भरी होती है वे स्वयं तो जीवन में किसी उच्च मुकाम पर पहुँच नहीं सके और न ही चाहते है कि आप कुछ ऊँचा सोचें या ऊँचा करने की इच्छा रखे।
इस तरह की सोच, एक निराशावादी दृष्टिकोण, आत्मविश्वास की कमी एवं दूसरों की क्षमता के नकारात्मक आकलन को व्यक्त करती है। ऐसे व्यक्तियों से हमेशा दूर रहें।
अपने लक्ष्य का निर्धारण अपनी क्षमता एवं योग्यता के सन्दर्भ में करें। एक बार तय कर लिया तो फिर डटकर मेहनत करें एवं ” दुनिया को दिखा दें कि उनकी सोच कितनी संकीर्ण एवं नकारात्मक थी। “
1.विजया बैंक, देना बैंक, बॉब का होगा विलय
• सरकार ने सोमवार को सरकारी क्षेत्र के बैंकों के विलय की एक बड़ी घोषणा की। इसके तहत विजया बैंक, देना बैंक तथा बैंक आफ बड़ौदा (बॉब) का विलय होगा और इससे देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा।वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तीनों बैंकों के निदेशक मंडल विलय प्रस्ताव पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि बैंकिग क्षेत्र में सुधार की जरूरत है और सरकार बैंकों की पूंजी की जरूरतों का ध्यान रख रही है।
• कुमार ने कहा कि बैंकों के विदेशों में परिचालन को युक्तिसंगत बनाने का काम जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐेसे कदम उठाने को लेकर गंभीर है ताकि जहां तक एनपीए (फंसे कर्ज) का सवाल है, इतिहास स्वयं को नहीं दोहराए।
• उधर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि तीनों सरकारी बैंकों को विलय पर विचार करने का निर्णय लिया गया। इस तंत्र में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं। संभावित विलय के बाद इनका कारोबार करीब 15 लाख करोड़ रपए का होगा और यह देश का तीसरा बड़ा बैंक बन जाएगा।
• जेटली ने संवाददाताओं का यह जानकारी देते हुए कहा कि नियंतण्र स्तर पर प्रतिस्पर्धी बैंक बनाने को ध्यान में रखकर तीनों बैंकों के विलय का प्रस्ताव किया गया है। अब तीनों बैंकों के निदेशक मंडल को इस प्रस्ताव पर अलग-अलग विचार कर निर्णय लेना होगा और उनके निर्णय पर ही विलय की प्रक्रिया शुरू होगी।
INTERNATIONAL
2. माल्टा के साथ तीन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर
• उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सोमवार को माल्टा की राष्ट्रपति मैरी लुइस कोलेरो प्रेका के साथ विस्तृत र्चचा करके द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर विचार किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच तीन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए।दोनों देशों ने विदेश सेवा संस्थानों के बीच तालमेल तथा समुद्र और पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग के लिए तीन सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किया।
• बीते 28 वर्ष में पहली बार इस देश में आने वाले पहले वरिष्ठ भारतीय नेता नायडू ने माल्टा की राष्ट्रपति से बातचीत करने के बाद कहा, भारत यूरोपीय संघ के ‘‘सबसे भरोसेमंद सहयोगियों’ में से एक माल्टा के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का बहुत इच्छुक है।
• उन्होंने कहा, भारत और माल्टा तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। अगर हम एकसाथ मिलकर काम कर सकें तो हम निश्चित रूप से और तेज गति से आगे बढ सकते हैं। लेकिन दोनों अर्थव्यवस्थाएं पूरक और प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं। हमें आर्थिक, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन विकास मोर्चों पर और ठोस सहयोग के साथ संबंध प्रगाढ करने की जरूरत है।
• रविवार को यहां पहुंचे नायडू ने कहा, माल्टा आईटी, वित्तीय सेवा, स्वास्य, फार्मा, परिवहन, माल ढुलाई और पर्यटन क्षेत्र में भारत के अति कुशल पेशेवरों का फायदा उठा सकता है। उन्होंने कहा, भारत विश्व में सस्ती जेनेरिक दवाओं के मुख्य स्रेतों मंि से एक है और माल्टा इस क्षेत्र में सहयोग पर विचार कर सकता है।
• नायडू ने कहा, दोनों देश स्वास्य देखभाल को बढावा देने के लिए योग और आयुव्रेद के प्राचीन विज्ञान के इस्तेमाल में भी सहयोग कर सकते हैं। राज्यसभा के सभापति नायडू और मैरी लुइस ने प्रतिनिधि स्तरीय बातचीत का नेतृत्व किया और पर्यटन, उत्पादन, शिक्षा और पोत परिवहन जैसे मुद्दों पर र्चचा की।
3. एस-400 एयर डिफेंस डील पर आगे बढ़ेगा भारत
• रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रूस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का असर एस-400 एयर डिफेंस डील पर नहीं पड़ेगा। भारत रूस के साथ हुए इस सौदे पर आगे बढ़ेगा। निर्मला का यह बयान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अक्टूबर में होने वाली भारत यात्र से पहले आया है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंध लगाते हुए उसके साथ रक्षा सौदा करने वाले और खुफिया जानकारी साझा करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।
• रूस पर यह प्रतिबंध अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप और कुछ अन्य मामलों को लेकर लगाया गया है। 1निर्मला ने संकेत दिया कि दुश्मन की मिसाइलों और लड़ाकू विमानों से आकाश को सुरक्षित करने वाले इस सिस्टम की खरीद के लिए बातचीत पूरी हो चुकी है। सौदे का औपचारिक एलान जल्द हो जाएगा। उन्होंने कहा, भारत अपने हितों के मुताबिक रिश्ते तय करेगा।
• रक्षा मंत्री सौदे पर अमेरिकी प्रतिबंधों के असर के बाबत पूछे गए सवालों के जवाब दे रही थीं। 40 हजार करोड़ रुपये के इस सौदे से वायुसेना की क्षमता में जबर्दस्त इजाफा होगा और देश ज्यादा सुरक्षित बनेगा।
• भारत-रूस वार्षिक बातचीत में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति पुतिन अक्टूबर की शुरुआत में नई दिल्ली आएंगे। यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी वार्ता होगी। इसी मुलाकात में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम सौदे पर मुहर लगने की उम्मीद है।
4. सतत विकास पर क्यूसीआइ का सम्मेलन शुरू
• सस्टेनेबल ट्रेड एंड स्टैंडर्डस पर दो दिन का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सोमवार से शुरू हो गया। इसका आयोजन भारत सरकार का क्वालिटी कंट्रोल काउंसिल (क्यूसीआइ) और सस्टेनेबल स्टैंडर्डस पर संयुक्त राष्ट्र का फोरम मिलकर कर रहे हैं। इस सम्मेलन में सतत विकास के लिए व्यापार, मानकों और वैश्विक मूल्य श्रृंखला से मिलने वाले फायदों पर विचार विमर्श होगा।
• क्यूसीआइ के अध्यक्ष आदिल जैनुलभाई ने कहा कि यह पहला मौका है जब भारत इस तरह के सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
• उन्होंने कहा कि भारत इस बात की चिंता करता है कि सस्टेनेबल स्टैंडर्डस विकासशील देशों के लिए गैर टैरिफ तकनीक व्यापार में एक बाधा बन सकते हैं। इसलिए इनके कार्यान्वयन में नकल, जवाबदेही, पता लगाने की योग्यता, व्यावहारिकता और लागत के मुद्दों को हल करना आवश्यक है।
5. दक्षिण चीन सागर में जापानी पनडुब्बी ने पहली बार किया सैन्य अभ्यास
• विवादित दक्षिण चीन सागर में जापान की नौसेना के अभ्यास में पहली बार एक पनडुब्बी भी शामिल की गई। यह सैन्य अभ्यास हालांकि चीन के दावे वाले जलक्षेत्र से दूर किया गया। इसके बावजूद चीन ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा कोई काम नहीं किया जाए, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचे।
• चीन तकरीबन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। इस दावे को मजबूती देने के लिए उसने कई कृत्रिम द्वीपों पर सैन्य ठिकाने भी बना रखे हैं।
• हेलीकॉप्टर वाहक पोत कागा ने भी लिया हिस्सा : जापान के रक्षा मंत्रलय के प्रवक्ता ने सोमवार को यहां कहा कि कुरोशिरो पनडुब्बी गुरुवार को अन्य जापानी युद्धपोतों के साथ सैन्य अभ्यास में शामिल हुई थी। इस अभ्यास में हेलीकॉप्टर वाहक पोत कागा ने भी हिस्सा लिया। यह पोत इस समय दो महीने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और हिन्द महासागर क्षेत्र की यात्रा पर है।
• बातचीत के जरिये हल निकालने की पैरवी: जापानी सैन्य अभ्यास में पहली बार पनडुब्बी शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता ने कहा, ‘चीन आग्रह करता है कि बाहरी देश उन प्रयासों का सम्मान करें, जिसमें क्षेत्रीय देश दक्षिण चीन सागर मसले का हल बातचीत के जरिये निकालने में जुटे हैं।’
• ये देश भी करते हैं अपना दावा : चीन वैसे तो पूरे दक्षिण चीन सागर पर ही अपने अधिकार का दावा करता है, लेकिन ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, वियतनाम और ताइवान भी उस पर अपना दावा करते हैं। इस क्षेत्र में स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका भी सैन्य अभ्यास कर चुका है। पिछले माह ब्रिटेन की नौसेना का युद्धपोत एचएमएस एल्बियन दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले द्वीपों के पास से गुजरा था।
SCIENCE
6. कक्षा में पहुंचे पीएसएलवी-42 से छोड़े गए दोनों ब्रिटिश सेटेलाइट
• भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा रविवार को छोड़े गए दोनों ब्रिटिश सेटेलाइट (‘नोवा एसएआर’ और ‘एस1-4’) कक्षा में पहुंच गए। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसरो ने अपने कैरियर पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी-42) से इन्हें अंतरिक्ष में भेजा। इसरो ने 12 अप्रैल को लांच किए गए आइएनआरएसएस-11 के बाद कोई सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजा है।
• अब तक इसरो 29 देशों के 237 सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेज चुका है।1रविवार रात 10.08 बजे चार चरणों वाला यह सेटेलाइट श्रीहरिकोटा से छोड़ा गया। पहला स्टेज दो मिनट बाद अलग हुआ और चौथा चरण उड़ान के 17 मिनट बाद अलग हुआ। इसरो चेयरमैन के शिवन ने बताया कि सेटेलाइट उड़ान के17 मिनट 44 सेकेंड बाद अलग हुआ और 583 किलोमीटर दूर कक्षा में स्थापित हो गया।
• ब्रिटेन के सरे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड के इन दोनों सेटेलाइट का कुल वजन 889 किलोग्राम है। इन्हें इसरो की कामर्शियल विंग एंटिक्स कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा भेजा गया है। 445 किलोग्राम वजनी ‘नोवा एसएआर’ एक एस-बैंड सिंथेटिक अपर्चर रडार सेटेलाइट है, जो वनों की मैपिंग, बाढ़ और आपदा की मॉनीटरिंग का काम करेगा। जबकि 444 किलोग्राम वजनी ‘एस1-4’ एक हाई रेजोल्यूशन ऑप्टिकल अर्थ ऑब्जर्वेशन सेटेलाइट है, जो स्नोतों के सर्वे, पर्यावरण मॉनीटरिंग, अर्बन मॉनीटरिंग और आपदा मॉनीटरिंग का काम करेगा।
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