Aacharya Satyanarayana

Aacharya Satyanarayana

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I am giving lecture on Scientific basis about DHARMA and how one can be happy in his life. I wish to remove many doubts in the public life by giving useful

09/12/2024
Photos 18/08/2024
31/07/2024

बुधवार,31 जुलाई, 2024,

कल मंगलवार, 30 जुलाई 2024 को मैंने आपको एक मैसेज भेजा था।
आज उसको रिपीट कर रहा हूं। कृपया इसे मेरा व्यक्तिगत निमंत्रण समझें।
मैंने अपनी कांटेक्ट लिस्ट के 5000 लोगों को यह मैसेज भेजा है।
*आज बुधवार, 31 जुलाई 2024 को दैनिक भास्कर की सिटी एक्टिविटी के पेज नंबर 10 पर एक रोचक खबर छपी है।*
आप इसको पढ़िए और अपने बच्चों को भी पढ़ाईए। यदि किसी को भी प्रेरणा मिलेगी, तो आपके प्रयत्न सफल हो जाएंगे।

कल का मैसेज जो आज रिपीट कर रहा हूं।
मंगलवार, 30 जुलाई 2024
प्रिय मित्रों,
सप्रेम नमस्कार ।
आज मैं बहुत प्रसन्न हूं, क्योंकि मुझे दोहरी खुशी मिली है।
आज मेरे पौत्र चिरंजीव खुमान पाटोदिया का जन्मदिन है और
आज ही मेरी *कथक नृत्य* की परीक्षा की मार्कशीट मुझे प्राप्त हुई है।

मैंने 10 जून 2024, को कथक नृत्य की *भातखंडे संगीत विद्यापीठ, लखनऊ* की परीक्षा दी थी।
मैं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ और कथक नृत्य प्रस्तुत करने की प्रैक्टिकल परीक्षा में मुझे 95% मार्क्स प्राप्त हुए हैं। इससे मेरा मनोबल और उत्साह बढ़ा है।

27 एवं 28 जुलाई को मुकुंदगढ़ के विशाल *अष्टविनायक धाम मंदिर* में *अमृत गंगा संगीत मंच* का अखिल भारतवर्षीय संगीत एवं नृत्य का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम में कथक नृत्य प्रस्तुत करने मैं मुकुंदगढ़ गया था।
मैं पिलानी भी गया था और वहां के प्रसिद्ध पेड़े लाकर मुकुंदगढ़ के *अष्ट विधायक धाम मंदिर* में भगवान श्री गणेश जी को समर्पित करके, सैकड़ों कलाकारों में पेड़े का प्रसाद वितरित किया था ।

आज पिलानी के प्रसिद्ध पेड़े और गणेश जी की आरती एवं *श्री गणेश जी महाराज हम पर कैसे प्रसन्न होंगे?* इस पर एक रिसर्च आर्टिकल अपने सभी मेरे यहां आनेवाले सज्जनों और देवियों को वितरित करना चाहता हूं।

आपसे निवेदन है कि आज आप किसी भी समय मेरे यहां पधारे और मैं आपका पिलानी के प्रसिद्ध पेड़े और आरती से स्वागत करूंगा।

मैं 5000 लोगों को यह मैसेज भेज रहा हूं, और इस आयु में घर-घर जाकर बांटना, तो मुझे संभव नहीं लगता है, इसलिए आपसे ही निवेदन करता हूं कि आज आप समय निकालकर मेरे यहां पधारे और भगवान श्री गणेश जी का प्रसाद तथा छपी हुई आरती ग्रहण करें।

आपका स्वागत है।

आपका मंगल हो।
*आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया*
नैतिक शिक्षाविद, आध्यात्मिक चि

आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया का नृत्य, तुझे जीवन की डोर से बांध लिया है। 30/07/2024

https://youtu.be/QfXrHEV-uUI?si=KR3KZUk0w2SUhhap

आज मेरे पौत्र चिरंजीव खुमान पाटोदिया को उसके जन्मदिन पर आपने शुभ आशीर्वाद दिया और विशारद फर्स्ट पार्ट *कथक नृत्य* की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर मुझे बधाई दी है, इसके लिए हम दोनों आपके बहुत-बहुत आभारी है, और आपको अनेकानेक धन्यवाद देते हैं।

मैं आपको मेरा एक वीडियो का यूट्यूब लिंक भेज रहा हूं, जो केवल डेढ़ मिनट का है। यह *नृत्य* मैंने *75 वर्ष की आयु* में अपने जीवन की प्रेरणा डा मीरा पाटोदिया जी के साथ किया था।

आप इसे देखकर अनुभव करिए कि जीवन को कितने आनंद से भरपूर जिया जा सकता है।

इसलिए आज भी मैं अपने जीवन के एक-एक क्षण का सदुपयोग करना चाहता हूं।

*लोग क्या कहेंगे, यह सोचना ही हमारे दु:ख का सबसे बड़ा मूल कारण है।*

सभी लोगों को खुशी से जीवन जीने की प्रेरणा मिले, यही मेरा उद्देश्य है, क्योंकि
*खुशियां बांटने से बढ़ जाती है* और जितनी अधिक खुशियां हम बांटेंगे, उतनी ही अधिक खुशियां हमें मिलेगी।

इस संदेश को आगे बढ़ाने के लिए आप अपने मित्रों को यह मैसेज और वीडियो फॉरवर्ड कर सकते हैं।

आपका मंगल हो।

*आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया*
नैतिक शिक्षाविद, आध्यात्मिक चिंतक और प्रेरक
WhatsApp number 9314877066

आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया का नृत्य, तुझे जीवन की डोर से बांध लिया है। Video from Aacharya Satya Narayana P

30/07/2024

🙏 मंगलवार, 30 जुलाई 2024

प्रिय मित्रों,
सप्रेम नमस्कार ।

आज मैं बहुत प्रसन्न हूं, क्योंकि मुझे दोहरी खुशी मिली है।

आज मेरे पौत्र चिरंजीव खुमान पाटोदिया का जन्मदिन है और
आज ही मेरी *कथक नृत्य* की परीक्षा की मार्कशीट मुझे प्राप्त हुई है।

मैंने 10 जून 2024, को कथक नृत्य की *भातखंडे संगीत विद्यापीठ, लखनऊ* की परीक्षा दी थी।
मैं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ और कथक नृत्य प्रस्तुत करने की प्रैक्टिकल परीक्षा में मुझे 95% मार्क्स प्राप्त हुए हैं। इससे मेरा मनोबल और उत्साह बढ़ा है।

27 एवं 28 जुलाई को मुकुंदगढ़ के विशाल *अष्टविनायक धाम मंदिर* में *अमृत गंगा संगीत मंच* का अखिल भारतवर्षीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम में कथक नृत्य प्रस्तुत करने मैं मुकुंदगढ़ गया था।
मैं पिलानी भी गया था और वहां के प्रसिद्ध पेड़े लाकर मुकुंदगढ़ के अष्ट विधायक धाम मंदिर में भगवान श्री गणेश जी को समर्पित करके सैकड़ों कलाकारों में पेड़े का प्रसाद वितरित किया था ।
आज पिलानी के प्रसिद्ध पेड़े और गणेश जी की आरती एवं *श्री गणेश जी महाराज हम पर कैसे प्रसन्न होंगे?* इस पर एक रिसर्च आर्टिकल अपने सभी मित्रों को और रिश्तेदारों को वितरित करना चाहता हूं।

आपसे निवेदन है कि आज आप किसी भी समय मेरे यहां पधारे और मैं आपका पिलाने के प्रसिद्ध पेड़े और आरती से स्वागत करूंगा।

इस आयु में घर-घर जाकर बांटना तो मुझे संभव नहीं लगता है, इसलिए आपसे ही निवेदन करता हूं कि आज आप समय निकालकर मेरे यहां पधारे और भगवान श्री गणेश जी का प्रसाद तथा छपी हुई आरती ग्रहण करें।

आपका स्वागत है।

आपका मंगल हो।
*आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया*
नैतिक शिक्षाविद, आध्यात्मिक चिंतक एवं प्रेरक,
WhatsApp number 9314 877066

11/06/2024

✍️ *विद्यार्थी कौन?*

कल *भातखंडे संगीत विद्यापीठ, लखनऊ* द्वारा आयोजित विशारद पार्ट फर्स्ट की कथक नृत्य की प्रैक्टिकल परीक्षा देने के लिए, जब मैं परीक्षा हॉल में पहुंचा, तो परीक्षा केन्द्र के आयोजकों ने कहा कि आप अकेले क्यों आए हो, उस विद्यार्थी को साथ लाइए, जिसकी परीक्षा आप दिलाने आए हैं।
मैंने उनसे कहा कि
भाई, मैं ही परीक्षा देने आया हूं, तो एकाएक उनको विश्वास नहीं हुआ।
जब मैंने अपना एडमिशन टिकट उनको दिखाया और मेरा रोल नंबर मिलाया गया, तब उनको विश्वास हुआ कि मैं ही वह विद्यार्थी हूं, जो कथक नृत्य की प्रैक्टिकल परीक्षा देने आया हूं।

जीवन में परीक्षा तो होती ही रहती है, परंतु लोग परीक्षा देने से घबराते हैं,
और मैं परीक्षा देने का आनंद लेने के लिए कथक नृत्य सीख रहा हूं।

आपका मंगल हो।

*आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया*
नैतिक शिक्षाविद, आध्यात्मिक चिंतक एवं प्रेरक
व्हाट्सएप नंबर 9314877066

08/06/2024

*जहाज के पंछी*

समुद्र के जहाज पर रहने वाला पक्षी चाहे जितनी ऊंची या लम्बी उड़ान भर ले,
अंत में उसे लौटकर जहाज पर ही आना पड़ता है,
क्योंकि दूर-दूर तक समुद्र फैला हुआ है और जीवन की रक्षा के लिए उस पक्षी को जहाज पर वापस आना ही पड़ता है।

इसी तरह से बचपन के मित्र और रिश्तेदार जवानी में अपने कार्य क्षेत्र में दूर-दूर तक चले जाते हैं। अपने जीवन जगत में, अपने कार्य में लगे रहते हैं, परंतु अंत में सच्चा प्यार पाने के लिए बचपन के मित्रों को या अपने रिश्तेदारों को ही तलाश करना पड़ता है।

हम इस जीवन में आपस में इसलिए जुड़े हैं कि हम अपने प्यार को आपस में बांट सके।
अपने अनुभवों को आपस में शेयर कर सके।
अपने परिवार के बारे में एक दूसरे को बताएं,
अपने बच्चों की उन्नति के बारे में बताएं।
अपनी दिनचर्या के बारे में बताएं,
अपने स्वास्थ्य के बारे में बताएं और
जीवन में जो कार्य कर रहे हैं,
*क्वालिटी ऑफ़ लाइफ* के बारे में बताएं।

हम अपने जीवन को केरियर के अलावा कैसे सफल बना सकते हैं, इस बारे में चर्चा हो।

हमारी एक पोस्टल डायरेक्टरी हो, जिस पर हम सबके पोस्टल एड्रेस हो, जिससे कि यदि कोई व्यक्ति उस शहर में आ रहा हो, तो वह हमसे मिल सके या फिर कोई गिफ्ट भेजना चाहे, तब स्पीड पोस्ट या कोरियर से भेज सके।

यदि कोई मित्र या रिश्तेदार फोन से बात करना चाहे, तो किस समय करें, जो आपके लिए सुविधाजनक हो, क्योंकि कई लोग विदेशों में रहते हैं।

इस दिशा में, शुरुआत में अपने मित्रों और रिश्तेदारों से मैं अनुरोध करता हूं कि मुझे आपका वर्तमान पोस्टल एड्रेस भेज दीजियेगा, जिससे कि मैं उनको श्री गणेश जी की छपी हुई आरती को पोस्ट से भेज दूंगा।

आशा करता हूं कि आप सभी इस मैसेज को पूरा पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, मुझे मार्गदर्शन करने की अनुकम्पा करेंगे।

स्नेह और आदर के साथ,

आपका मंगल हो।

*आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया*,
नैतिक शिक्षाविद आध्यात्मिक चिंतक एवं प्रेरक
व्हाट्सअप नंबर
9314877066
9828011117

Honey 02/06/2024

https://youtu.be/4lPnD20y_pc?si=GBgOFfM3HKM3VFN3
✍️ ????? *किसी मंगल कार्यक्रम में नाश्ता, लंच या डिनर नहीं रखा गया हो, और फिर भी मेहमानों का अद्भुत स्वागत कैसे किया जा सकता है ?*

आज मेरी आयु 77 वर्ष की है और जब मैं 7 वर्ष का था, तब से मेरे पूज्य पिताजी ने मुझे ईमानदारी से धन कमाने की शिक्षा देना शुरू कर किया था और तब से ही मैंने धन कमाना शुरू भी कर दिया था।

इसलिए मैं धन की महत्ता समझता हूं, कि ईमानदारी और मेहनत से धन कैसे कमाया जाता है?
और कैसे जोड़ा जाता है?
और कैसे उचित समय पर सदुपयोग में लिया जाता है?

इसी तरह से अपने जीवनकाल में, मैंने हजारों *मंगल आयोजन* देखें और किए।
परंतु जितना अधिक आनंद मुझे *शुक्रवार, 17 मई, 2024* को आया, उतना अधिक आनंद पहले कभी नहीं आया।
प्रत्येक मंगल आयोजन में लंच या डिनर पर बुलाया जाता है तो मेजबान को यह चिंता सताती रहती है कि यदि मेहमान अधिक आ गए तो खाद्य सामग्री कम पड़ जाएगी और यदि मेहमान कम आए, तो जो भोजन तैयार किया है, उसका क्या होगा?
वह तो फालतू चला जाएगा।

यदि होटल में भी लंच या डिनर का आयोजन करते हैं, तो भी यह धुक धुक लगी रहती है कि मेहमान कम आए, तो होटल वाले को तो M.G. यानि मिनिमम गारंटी देना ही पड़ेगी। फालतू में अधिक बिल चुकाना पड़ेगा। इसलिए अधिकतर लोग शादी विवाह के कार्ड घर-घर जाकर बांटते हैं और गिड़गिड़ाकर कहते हैं कि आप हमारे यहां जरूर पधारना।
सभी मेहमान लोग *हां भर देते हैं कि हम जरूर आएंगे,*
परन्तु जिस दिन आयोजन होता है, उस दिन मेजबान का दिल धक-धक करता रहता है, क्योंकि हां भरकर नहीं आने वालों का क्या किया जाए?

17 मई 2024 को मैं बहुत खुश था कि आज तो जो कोई भी मेहमान आए, तो उसका बहुत आभारी रहूंगा और यदि कोई व्यक्ति नहीं आए तो उसके प्रति मन में कोई राग द्वेष उत्पन्न नहीं होगा कि वह क्यों नहीं आया?
उस दिन कम मेहमान आने पर बनाई गई भोजन सामग्री व्यर्थ चली जाएगी,
ऐसा कोई डर नहीं सता रहा था।
*जो आए, उसका भला, जो नहीं आए, उसका भी भला।*

ऐसी मंगल कामनाएं सब के प्रति मन में हो रही थी।
मैंने जो भी अतिथि आए, उनका स्वागत, संसार के सबसे मीठा शहद *लीची का शहद, 500 ग्राम की पैकिंग* में भेंट कर उनका पूरा सम्मान किया। उन्होंने आडिटोरियम में बैठकर 3 घंटे की हमारी फिल्म देखी और *महादेव जी की चार कन्

Honey Honey

Payo Ji Mene Naam Ratan Dhan Payo by Dr. Meera Patodiya 01/06/2024

https://youtu.be/Wq1jGxDUOKY?si=FMgdBIMdgLGWry30

प्रिय मित्रों
सप्रेम नमस्कार।

डॉ मीरा पाटोदिया जी ने जून, 2022 में एक भजन रिकॉर्ड कराया था,
*पायोजी मैंने, नाम रतन धन पायो*।
आप इस भजन को सुनिए, देखिए और आनंद लीजिए।

आपका मंगल हो।

*आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया*
नैतिक शिक्षाविद, आध्यात्मिक चिंतक एवं प्रेरक,
व्हाट्सएप नंबर 93148 77066

Payo Ji Mene Naam Ratan Dhan Payo by Dr. Meera Patodiya Payo Ji Mene Naam Ratan Dhan Payo by Dr.Meera Patodiya Recorded in May 2022

26/05/2024

✍️ *मेरे जीवन का एक सत्य*
आज मेरी आयु 77 वर्ष की है और जब मैं 7 वर्ष का हुआ था, तब मेरे पूज्य पिताजी ने मुझे ईमानदारी से धन कमाने की शिक्षा देना प्रारम्भ कर किया था और तब से ही मैंने धन कमाना शुरू भी कर दिया था।

इसलिए मैं धन की महत्ता समझता हूं, कि ईमानदारी और मेहनत से धन कैसे कमाया जाता है?
और कैसे जोड़ा जाता है?
और कैसे उचित समय पर सदुपयोग में लिया जाना चाहिए ?

इसी तरह से अपने जीवनकाल में, मैंने हजारों आयोजन देखें, परंतु जितना अधिक आनंद मुझे *शुक्रवार, 17 मई, 2024* को आया, उतना आनंद पहले कभी नहीं आया। प्रत्येक आयोजन में मेजबान को यह चिंता सताती रहती है, कि यदि मेहमान अधिक आ गए तो खाद्य सामग्री कम पड़ जाएगी और यदि मेहमान कम आए, तो जो भोजन तैयार किया गया है, उसका क्या होगा?
वह फालतू चला जाएगा। नष्ट हो जायेगा।

यदि होटल में भी आयोजन करते हैं, तो भी यह धुक धुक लगी रहती है कि मेहमान कम आए, तो होटल वाले को MG यानि मिनिमम गारंटी देना ही पड़ेगी और फालतू में अधिक बिल चुकाना पड़ेगा। इसलिए अधिकतर लोग शादी विवाह के कार्ड घर-घर जाकर बांटते हैं और गिड़गिड़ा कर कहते हैं कि आप हमारे यहां जरूर पधारना।
सभी लोग हां भर देते हैं कि *हम जरूर आएंगे,*
परन्तु जिस दिन आयोजन होता है, उस दिन मेजबान का दिल धक-धक करता रहता है, क्योंकि हां भरकर नहीं आने वाले का क्या किया जाए।

17 मई 2024 को मैं बहुत खुश था कि आज तो जो भी मेहमान आए, उसका बहुत आभारी रहूंगा और यदि कोई व्यक्ति नहीं आए तो उसके प्रति मन में कोई राग द्वेष उत्पन्न नहीं होगा कि वह क्यों नहीं आया?
उस दिन कम मेहमान आने पर भोजन सामग्री व्यर्थ चली जाएगी, नष्ट हो जाएगी, मन में ऐसा कोई डर नहीं सता रहा था।
*जो आए, उसका भला, जो नहीं आए, उसका भी भला।*
ऐसी मंगल कामनाएं सब के प्रति मन में हो रही थी।

उस दिन कड़कती धूप में, मुझसे विशेष स्नेह रखने वाले मेरे जो भी अतिथि आए, मैंने उनका स्वागत, संसार का सबसे मीठा शहद, उत्तराखण्ड से मंगाया हुआ, *लीची के फूलों का शहद, 500 ग्राम की पैकिंग* में भेंट कर उनका दिल से सम्मान किया। उन्होंने आडिटोरियम में बैठकर 3 घंटे की हमारी फिल्म देखी और *महादेव जी की चार कन्याओं* की कहानी देखकर अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बनाने का फॉर्मूला भी प्राप्त कर लिया।

*शहद ही भेंट* करने का कारण आप

02/05/2024

✍️ गुरूवार, 2 मई, 2024

*हमारी मेरी+एज की गोल्डन जुबली समारोह का आमंत्रण*

17 मई 1974 को
*डॉ मीरा गुप्ता*
के साथ जयपुर में मेरा
*पाणिग्रहण संस्कार* हुआ था।

*17 मई 2024* को
*50 वर्ष*
पूर्ण हो जाएंगे,
और
इस शुभ अवसर पर
मैं आप सभी को
सादर आमंत्रित करता हूं कि आप *सपरिवार* पधारें
और इस
*विवाह उत्सव*
की स्मृति में आयोजित
*सांस्कृतिक कार्यक्रम*
का आनंद लेवे और
हमें अनुगृहीत करें ।

हमारी अद्भुत फ़िल्म
*अमर प्रेम की अमर कहानी* तो आपने देखी ही होगी, इस दिन मेरी नई फ़िल्म *हमारी मेरी+एज की गोल्डन जुबली*
का प्रथम प्रदर्शन किया जाएगा।

आपके आगमन पर आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक,

*आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया* नैतिक शिक्षाविद, आध्यात्मिक चिंतक एवं प्रेरक

स्थान आडिटोरियम,
*साइंस पार्क,*
शास्त्री नगर, जयपुर

शुक्रवार,
दिनांक *17 मई 2024*

समय दोपहर 3:00 बजे
से सायं 6:00 बजे तक।

*पुनःश्च*
आप हमारी अदभुत फ़िल्म *अमर प्रेम की अमर कहानी* को
मेरे यूट्यूब चैनल
Satyanarayana Patodiya
पर सर्च करके
*आज* भी
देख सकते हैं।

आपको यह आमंत्रण इतना पूर्व में इसलिए दिया जा रहा है कि आप अपनी डायरी में इस तिथि को इस अवसर के लिए सुरक्षित कर लेने की कृपा करें, और कार्यक्रम में ठीक समय पर पहुंचने की कोशिश करें, क्योंकि इस ऑडिटोरियम में बैठने की केवल 108 सीटें हैं, और *पहले आओ, पहले पाओ* का नियम तो आप जानते ही हैं।

दूसरे, साइंस पार्क में लंच डिनर आयोजित करने की अनुमति सरकार नहीं देती है।

तीसरे, जिन लोगों का घर बहुत दूर है या जयपुर से बाहर है, उनके लिए एक सुविधा यह भी होगी कि वह अपने घर बैठे इस फिल्म को यूट्यूब पर रात्रि 8:00 बजे से देख सकते हैं ।

चौथे, जब आप पधारे तो आपके हाथों में कोई बुके या गिफ्ट नहीं होना चाहिए, क्योंकि मैं किसी भौतिक वस्तु को ग्रहण नहीं कर पाऊंगा। हां यदि आपका दिल प्रेम से सराबोर होगा, तो मुझे आपके 2 शब्द ही मेरे लिए अतुलनीय प्रसन्नतादायक होंगे।

डा मीरा पाटोदिया जी की लाइब्रेरी की बहुत सारी पुस्तकें और पत्रिकाएं रिसेप्शन हाल में उस समय रखी जाएगी। उनको आप देखकर, जो भी पुस्तक आपको पसंद आए, उसको निः

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Jaipur
302016