SANSKRIT LANGUAGE

SANSKRIT LANGUAGE

Share

SANSKRIT is the mother of all languages.

09/05/2024

"बीकानेर स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई"

*पनराय सौ पैतलवे सुद बैसाख सुमेर, थावर बीज थारप्यो "बीका " बीकानेर राव बीका का सपना, गंगा बाबा की लाल सेना और शहर बीकानेर आज अपना 537वां स्थापना दिवस मना रहा है। राव बीका ने संवत 1545 में बैसाख माह की द्वितीया तिथि को बीकानेर की स्थापना की थी।*

आखा बीज और आखातीज पर सासुमाँ के गाइडेंस में सीखा बनाया गया गेंहूँ मूँग का खिचड़ा , उबाल कर बनायी गई बड़ी की सब्ज़ी , दुप्पड रोटी और इमलाना इतने बरसों से जयपुर में भी बनाना नहीं भूलती ..❤️
आख़िर मेरी सासुमाँ की सौंपी हुई विरासत है जिसे लेकर चलने की ज़िम्मेदारी मेरी है 🤗🤗

🙏✍️🌹🌻🌹🌻🌼🌼🙏
म्हारो बिकानों ❤️

25/12/2023

चरन् वै मधु विन्दति चरन् स्वदुम्। उदुम्बरम् सुर्यस्य पस्य स्ह्रेमनम्।
यो न तन्द्रयते चरन् चरैवेति चरैवेति॥
चलता हुआ मनुष्य ही मधु पाता है,चलता हुआ ही स्वादिष्ट फल चखता है,सूर्य का परिश्रम देखोे,जो नित्य चलता हुआ कभी आलस्य नहीं करता।इसलिए चलते रहो,चलते रहो॥

22/12/2023

गुरु गोबिन्द सिंह सिक्खों के दसवें धार्मिक गुरु, योद्धा और कवि थे. वे सिर्फ 9 वर्ष की आयु में सिक्खों के अंतिम सिक्ख गुरु बने.
1699 में उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की. उनके “पांच धर्म लेख” सिक्खों का हमेशा मार्गदर्शन करते हैं. सिक्ख कर्तव्य की स्थापना में उनका योगदान उल्लेखनीय था. उन्होंने 15वीं सदी में प्रथम गुरु, गुरु नानक द्वारा स्थापित गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा किया व गुरु रूप में सुशोभित किया.
गोबिंद सिंह जी ने 22 दिसम्बर, 1666 को पटना साहिब, बिहार में जन्म लिया था. जब उनका जन्म हुआ तो उस वक्त उनके पिता जी बंगाल और असम में धर्म उपदेश देने के लिए गए हुए थे. जन्म के समय उनका नाम गोबिंद राय रखा गया, वो अपने माता और पिता के इकलौती संतान थे. जन्म के बाद चार वर्ष तक वो पटना में रहे और अब उनका घर “तख़्त श्री पटना हरिमंदर साहिब” के नाम से जाना जाता है.
जन्म के चार वर्ष बाद 1670 में वे अपने परिवार संग अपने घर पंजाब लौट आए और दो वर्ष तक वहां रहे.
जब वे 6 वर्ष के हुए तो 1672 मार्च में वे चक्क नानकी चले गए जो हिमालय की निचली घाटी में स्थित है. वहां उन्होंने अपनी शिक्षा शुरू की.
चक्क नानकी शहर की स्थापना श्री गोबिंद सिंह के पिता गुरु तेग बहादुर जी ने की थी, जिसे आज “आनंदपुर साहिब” के नाम से जाना जाता है. उस स्थान को उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह के जन्म से मात्र एक वर्ष पहले 1665 में बिलासपुर शासक से खरीदा था. उनके पिता गुरु तेग बहादुर जी ने अपनी मृत्यु से पहले ही गुरु गोबिंद जी को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था.
बाद में मात्र 9 वर्ष की उम्र में 29 मार्च, 1676 में गोबिंद सिंह 10वें सिक्ख गुरु बने.
सन् 1699 में बैसाखी के दिन 14 अप्रैल को उन्होंने खालसा पन्थ की स्थापना की जो सिक्खों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है.
गुरू गोबिन्द सिंह जी ने सिखों के पवित्र ग्रन्थ गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा किया तथा उन्हें गुरु रूप में सुशोभित भी किया.
उन्होंने मुगलों और उनके खास सहयोगियों के साथ 14 युद्ध लड़े, जिसमें उन्होंने अपने बेटों को खो दिया. सनातन धर्म के लिए उन्होंने समस्त परिवार का बलिदान किया, जिसके लिए उन्हें “सर्वस्वदानी” भी कहा जाता है. इसके अलावा वे कलगीधर, दशमेश, बाजांवाले आदि और कई नामों, उपनामों और उपाधियों से भी जाने जाते हैं.
उनके सेनापति श्री गुर सोभा के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह के दिल के ऊपर एक गहरी चोट लग गयी थी. जिसके कारण 07 अक्टूबर, 1708 को, हजूर साहिब नांदेड़ में 42 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया.
गुरू गोबिन्द सिंह साहिब को कोटि कोटि नमन 🙏🏻🙏🏻

21/12/2023

यथा चित्तं तथा वाचो यथा वाचस्तथा क्रियाः !
चित्ते वाचि क्रियायांच साधुनामेक्रूपता !!
अर्थ: साधु जन वही बोलते हैं जो उनके चित में होता है और जो उनके चित् में होता है वही उनकी क्रिया में होता है। ऐसे साधु जन के मन वचन एवं क्रिया में समानता होती है।

21/12/2023

समयसूचक AM और PM का उद्गगम भारत ही था, लेकिन हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का मतलब होता है :
AM : Ante Meridian PM : Post Meridian
एंटे यानि पहले, लेकिन किसके? पोस्ट यानि बाद में, लेकिन किसके?
यह कभी साफ नहीं किया गया, क्योंकि यह चुराये गये शब्द का लघुतम रूप था।काफ़ी अध्ययन करने के पश्चात ज्ञात हुआ और हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा ने इस संशय को साफ-साफ दृष्टिगत किया है। कैसे? देखिये...
AM = आरोहनम् मार्तण्डस्य Aarohanam Martandasya
PM = पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasya
- - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - -
सूर्य, जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसी को गौण कर दिया। अंग्रेजी के ये शब्द संस्कृत के उस वास्तविक ‘मतलब' को इंगित नहीं करते।
आरोहणम् मार्तण्डस्य यानि सूर्य का आरोहण (चढ़ाव)।
पतनम् मार्तण्डस्य यानि सूर्य का ढलाव।
बारह बजे के पहले सूर्य चढ़ता रहता है - 'आरोहनम मार्तण्डस्य' (AM)।
बारह के बाद सूर्य का अवसान/ ढलाव होता है - 'पतनम मार्तण्डस्य' (PM)।
पश्चिम के प्रभाव में रमे हुए और पश्चिमी शिक्षा पाए कुछ लोगों को भ्रम हुआ कि समस्त वैज्ञानिकता पश्चिम जगत की देन है।

हम अपनी हजारों साल की समृद्ध विरासत, परंपराओं और संस्कृति का पालन करते हुए भी आधुनिक और उन्नत हो सकते हैं।इस से शर्मिंदा न हों बल्कि इस पर गौरव की अनुभूति करें और केवल नकली सुधारवादी बनने के लिए इसे नीचा न दिखाएं।समय निकालें और इसके बारे में पढ़ें / समझें / बात करें / जानने की कोशिश करें।
अपने “सनातनी" होने पर गौरवान्वित महसूस करें।
#सनातनी #सनातनभारत #सनातन #सनातनहमारीपहचान
cp

04/09/2020
30/08/2019

अश्वस्य भूषणं वेगो मत्तं स्याद् गजभूषणं ।
चातुर्यम् भूषणं नार्या उद्योगो नरभूषणं ॥


Transliteration:
aśvasya bhūṣaṇaṃ vego mattaṃ syād gajabhūṣaṇaṃ ।
cāturyam bhūṣaṇaṃ nāryā udyogo narabhūṣaṇaṃ ॥



English Translation:
Adornment of a horse is in his speed and that of an elephant in his majestic gait like a drunken person.
Women are adorned and appreciated for their skills and men for their industriousness and perseverance.



Hindi Translation:
घोडे की शोभा (प्रशंसा ) उसके वेग के कारण होती है और हाथी की उसकी मदमस्त चाल से होती है |
नारियों की शोभा उनकी विभिन्न कार्यों मे दक्षता के कारण और पुरुषों की उनकी उद्द्योगशीलता के
कारण होती है |

11/07/2019

यस्तु संचरते देशान् यस्तु सेवेत पण्डितान् ।
तस्य विस्तारिता बुद्धिस्तैलबिन्दुरिवाम्भसि ॥


Transliteration:
yastu saṃcarate deśān yastu seveta paṇḍitān ।
tasya vistāritā buddhistailabindurivāmbhasi ॥



English Translation:
The intelligence of a person who travels in different countries and associates with scholars expands, just as a drop of oil expands in water.​



Hindi Translation:
भिन्न देशों में यात्रा करने वाले और विद्वानों के साथ संबंध रखने वाले व्यक्ति की बुद्धि उसी तरह बढ़ती है, जैसे तेल की एक बूंद पानी में फैलती है।

20/06/2018

Gita dhyaanam - Meditation on the Gita

vasudeva sutam devam
kamsa chaanuura mardanam |
devakii paramaa nandam
krishnam vande jagat gurum ||

Meaning in English:

I salute Lord Krishna, the son of Vasudeva, the one who gives great delight to Devaki, the destroyer of Kamsa and Chaanuura and the teacher of the world.

07/11/2016

मनसि वचसि काये पुण्यपीयूषपूर्णाः
त्रिभुवनमुपकारश्रेणिभिः प्रीणयन्तः।
परगुणपरमाणून्पर्वतीकृत्य नित्यं
निजहृदि विकसन्तः सन्ति सन्तः कियन्तः॥

English Translation of Sanskrit quote:

Full of pious nectar in mind, words and body
Pleasing the Three Worlds by successive obligations
Always making a mountain of smallest of others virtue
By developing it in one's own heart, how many good people of such kind are there?

Suprabhat!

Photos from SANSKRIT LANGUAGE's post 23/10/2016
Want your school to be the top-listed School/college in Jaipur?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Category

Website

Address


Jaipur
302019