25/11/2019
दिसंबर में स्कूलों मे मनाया जाएगा ‘फिट इंडिया सप्ताह’, छात्रों के साथ पेरेंट्स भी हो सकेंगे शा
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18/11/2019
राष्ट्रीय शिक्षा निति 2019 का निजी विधालयो की दर्ष्टि से विश्लेषण
पिछले 50 वर्षो में निजी स्कूल सामाजिक स्कूल आर्थिक रूप से पहले के अपेक्षा कम विविधता लिए हुए है यह स्कूल प्रणालीको और स्थक पहुंच और सुलभता को हानिकारक रूप से स्वीकृत करता है इसे बदला जाना आवश्यक है और इसके लिए नियमिक प्राधिकरण और लाइसेंशिग प्राधिकरण को प्रवेश प्रकिर्या लॉटरी और छात्रवर्तीयों द्वारा निजी स्कूलों को अपने विध्यार्थियो के बिच प्रयाप्त विविधता और समावेशन को प्रोत्साहित करना चाहिए ।
इसकी प्रेरणा आवशयक रूप से शिक्षाविदों, ऍन जी औ और बुद्धिजीवियो की ओर से आये अंततः स्कूल यह निश्चय करे की उन्ही इन परिवर्तनो को की आवशयकता है क्युकी आर टी ई एक्ट (12) (c) जैसे उपायों के जरिये स्कूलों को बाध्य करना आसानरूप प्रभावी नहीं रहा उचित कार्यो पर नवाचारों के लिए स्कूलों को स्वायत्ता प्रदान करना ।
स्कूलों को सर्वतम तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने को समान्तया बेहतर तरीका है ओर यह इस निति के सिधान्तो के अनुरूप भी है यदि निजी विध्यालयो को सरकार द्वारा वात्सव में प्रोत्साहित किया जाता है तो एक बहुत बड़ा परिवर्तन होने की सम्भावनाये नजर आती है चुकी हर राज्य में अधिकांश बच्चे निजी विध्यालयो में बहुत कम लागत में अध्यनरत है जिसके साथ ही लाखो कर्मचारियों को रोजगार उपलब्ध करवाने का काम भी निजी विद्यालय करते है ।
सार्वजनिक ओर निजी स्कूलों के लिए आवश्यक नियामक दृष्टिकोणों के बिच बहुत अधिक विषमता रही है । जब के दोनों प्रकार के स्कूलों का लक्ष्य एक ही होना चाहिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रधान करना ।
इस मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाने ओर विनियमन को शिक्षा प्राप्ति ओर सुधार का एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक बनाने के लिए शासन ओर नियमन से संबंधित हमारे दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन की आवशयकता है। सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली एक जिवंत लोकतान्त्रिक परिवर्तन की आवश्यकता है।
सार्वजानिक शिक्षा प्रणाली एक लोकतान्त्रिक समाज का आधार है ओर देश के लिए उच्तम स्तर के शैक्षणिक परिणामो को हासिल करने के लिए इसके संचालन के तरीके को परिवर्तित ओर सुद्रढ़ करना अत्यंत आवश्यक है इसके साथ ही निजी क्षेत्र के परोपकारी स्कूलों को भी एक महत्वपूर्ण ओर फायदेमंद भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित ओर सक्षम किया जाना चाहिए।