20/08/2026
सच्चा उपदेशक कैसा होता है? |
बहुत बोलने वाले, बहुत दिखावा करने वाले और बाहरी क्रियाकांड करने वाले लोग संसार में सहज ही मिल जाते हैं। जैसे बहुत गरजने वाले बादल भी सुलभ होते हैं।
लेकिन जिनका हृदय आर्द्र है—माँ जिनवाणी और भगवंतों के उपदेश से भीतर तक भीगा हुआ है—और जो जगत के उद्धार की भावना रखते हैं, ऐसे उपदेशक अत्यंत दुर्लभ होते हैं।
सच्ची वाणी शब्दों की अधिकता से नहीं, अंतर की आर्द्रता से प्रभावशाली बनती है।
उपदेश वही सार्थक है, जिसमें वक्ता स्वयं भीतर से भीगा हुआ हो और उसके हृदय में जगत के कल्याण की भावना हो।