16/02/2026
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में 'जैन दर्शन' (Jain Darshan) विषय हेतु अंशकालिक शिक्षक (Part-time Teacher) के पद के लिए साक्षात्कार आयोजित किया जा रहा है।
📅 तिथि (Date): 16 फरवरी 2026 ⏰ समय (Time): प्रातः 11:30 बजे 📍 स्थान (Venue): केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर
इच्छुक अभ्यर्थी अपने बायोडाटा और मूल प्रमाण-पत्रों के साथ समय पर उपस्थित हों।
🌐 वेबसाइट: www.csu-jaipur.edu.in 🔵 Facebook: facebook.com/csujaipur
Link of Application Form Download:https://www.csu-jaipur.edu.in/uploads/YEAR%202026/FEBRUARY_2026/11_02_2026_JAINDARSHAN_ADVERTISEMENT.pdf
16/02/2026
नमस्ते 🙏
धरॊहर की ओर से सादर अभिवादन।
धरॊहर द्वारा वर्ष 2026 के लिए 8-सप्ताह का कौशल विकास कार्यक्रम सह इंटर्नशिप (बैच 2) प्रारंभ किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से संस्कृत विद्यार्थियों के लिए है, जो पांडुलिपि सूचीकरण, डिजिटलीकरण एवं विरासत संरक्षण कार्य में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं।
📅 कार्यक्रम अवधि:
16 मार्च 2026 – 8 मई 2026
📌 महत्वपूर्ण सूचना:
जिन विद्यार्थियों ने पूर्व में धरॊहर की इंटर्नशिप पूर्ण कर ली है, वे पुनः आवेदन नहीं कर सकते।
आवेदन पत्र अब उपलब्ध है। इच्छुक विद्यार्थी शीघ्र आवेदन करें।
धरॊहर के बारे में संक्षेप में:
धरॊहर, उदयपुर स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संरक्षित एवं वैश्विक स्तर पर सुलभ बनाने के लिए कार्यरत है। हम पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण एवं विस्तृत सूचीकरण कर उन्हें शोधार्थियों के लिए उपलब्ध करा रहे हैं।
अधिक जानकारी हेतु आधिकारिक वेबसाइट देखें:
🔗 https://sangrah.org/
🔗 https://www.dharohar.org/en/home
कृपया इस अवसर को अधिक से अधिक संस्कृत विद्यार्थियों तक पहुँचाने का कष्ट करें।
सादर,
टीम धरॊहर
16/02/2026
उत्तर-प्रदेश-संस्कृत-संस्थानम्
(भाषा विभाग उ०प्र० शासन के नियंत्रणाधीन)
संस्कृत भवन, राय बिहारी लाल मार्ग, न्यू हैदराबाद,
लखनऊ-226007 फोन : कार्य. (0522) 2780251, 2781352
ई-मेल : [email protected] वेबसाइट : www.upsanskritsanthanam.in
सूचना
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा संचालित सरल संस्कृत संभाषण योजना के अन्तर्गत दिनांक 10 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक आवासीय संस्कृत भाषा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उक्त शिविर में संस्कृत भाषा के अध्ययन, संभाषण, व्याकरण संबंधी विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण शिविर पूर्णतः आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों हेतु आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्थान द्वारा की जाएगी। शिविर में प्रतिभाग करने हेतु इच्छुक अभ्यर्थी दिनांक 14.02.2026 से दिनांक 26.02.2026 को दोपहर 02:00 बजे तक लिंक https://forms.gle/DdtDhWyf9xAEgdsZA पर जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। विज्ञापन को निरस्त अथवा संशोधित करने का अधिकार निदेशक उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ का होगा।
कृते निदेशक
उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान,
लखनऊ
14/09/2025
प्रतिदिनं कश्चन बालकः गृहमेकं पत्रिकाः वहन् आगच्छति स्म।
एकदा तेन दृष्टं यत् तेषां पत्रपेटिका निरुद्धा आसीत्।
सः द्वारं ताडितवान्।
वृद्धः कश्चन मन्दगत्याः शनैः द्वारम् उद्घाटितवान्।
बालकः अपृच्छत्—
“भोः, किमर्थं भवान् पत्रपेटिकां निरुद्धवान्?”
वृद्धः अवदत्—
“सङ्कल्पपूर्वकं निरुद्धवान्।”
स्मितपूर्वं च अवदत्—
“त्वं प्रतिदिनं पत्रिकां मम द्वारं आनय, द्वारं ताडय वा घंटां घोषय, स्वहस्तेन च मां दत्तुम् आगच्छ।”
बालकः विस्मितः अभवत्।
सः अवदत्—
“नूनं, किन्तु एतत् उभयोः अपि क्लेशकरं भविष्यति, समयस्य च नाशः अपि।”
वृद्धः प्रत्यवदत्—
“न किञ्चित्। अहं प्रतिमासं अतिरिक्तं पारिश्रमिकं दास्यामि।”
अनन्तरं करुणया पूर्णदृष्ट्या अवदत्—
“यदि कदाचित् त्वं द्वारं ताडयसि, किन्तु कोऽपि प्रत्युत्तरं न ददाति, तर्हि कृपया आरक्षक-विभागं सूचय।”
एतत् श्रुत्वा बालकः चकितः अभवत्।
सः अपृच्छत्—
“किं कारणम्, भोः?”
वृद्धः अवदत्—
“मम पत्नी दिवङ्गता, पुत्रः विदेशे वसति, अहं च एकाकी अत्र वसामि। कदा मम अन्त्यः समयः आगमिष्यति इति को जानाति?”
तस्मिन् क्षणे बालकः वृद्धस्य नेत्रयोः अश्रुपूरितां विषण्णतां च दृष्टवान्।
वृद्धः पुनः अवदत्—
“पत्रिकां पठितुं न इच्छामि। केवलं तस्य ध्वनिं, घंटाघोषं, परिचितं मुखं च द्रष्टुं, क्षणमात्रं हर्षम् अनुभवितुं, पत्रिकां ग्राहयामि।”
सः हस्तौ संयोज्य अवदत्—
“पुत्र, कृपया मम कृते एकम् उपकारं कुरु। एषः मम पुत्रस्य दूरवाणीसंख्या। यदि कदाचित् अहं द्वारं न उद्घाटयामि, तर्हि तं सूचय।”