12/09/2026
त्रिसंकुल प्रधानाचार्य बैठक संपन्न
आदर्श शिक्षा समिति, जयपुर के तत्वावधान में फुलेरा, चाकसू एवं बस्सी संकुल के प्रधानाचार्यों की बैठक आयोजित
चाकसू। आदर्श शिक्षा समिति, जयपुर के तत्वावधान में फुलेरा, चाकसू एवं बस्सी त्रिसंकुल के प्रधानाचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर, चाकसू में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, संगठनात्मक कार्यों एवं आगामी कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्विति सुनिश्चित करना रहा।
बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बैठक में जिला अध्यक्ष श्री अमरनाथ जी चांगोत्रा, जिला व्यवस्थापक श्री सुभाष चन्द्र झा, पूर्व प्रांत निरीक्षण प्रमुख एवं मार्गदर्शक श्री निरंजन लाल शर्मा, जिला सचिव श्री श्याम बिहारी शर्मा तथा सह जिला सचिव श्री रघुवीर प्रसाद जाट सहित त्रिसंकुल के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
बैठक में निर्धारित निबंध बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं आगामी कार्ययोजना तैयार की गई। प्रमुख रूप से निम्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ—
🔸 वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन
विद्या भारती के आह्वान पर 25 सितंबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे सामूहिक वन्दे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित करने तथा उसकी व्यापक तैयारी एवं क्रियान्विति पर चर्चा की गई।
🔸 संस्कृति ज्ञान परीक्षा
अपने विद्यालय से परीक्षा शुल्क समय पर भेजने, अधिक से अधिक अन्य विद्यालयों को जोड़ने तथा संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रभावी संचालन की योजना पर विचार-विमर्श किया गया।
🔸 संकुल स्तरीय वन्दना प्रतियोगिता
संकुल स्तर पर आयोजित होने वाली वन्दना प्रतियोगिता की तैयारी, प्रतिभागियों के चयन एवं अभ्यास को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
🔸 विज्ञान एवं गणित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
विज्ञान एवं गणित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लेने वाले भैया-बहिनों की सूची तैयार करने तथा उनके नियमित अभ्यास एवं तैयारी पर विशेष ध्यान देने पर चर्चा हुई।
🔸 विज्ञान मेला एवं वैदिक गणित
आगामी विज्ञान मेला, वैदिक गणित, संस्कृति महोत्सव आदि कार्यक्रमों में अधिकाधिक सहभागिता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूर्व तैयारी करने पर बल दिया गया।
🔸 शैक्षणिक गुणवत्ता एवं पंचपदी अधिगम पद्धति
विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नवाचार एवं पंचपदी अधिगम पद्धति—अधीति, बोध, अभ्यास, प्रयोग एवं प्रसार के प्रभावी प्रयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।
🔸 द्वितीय जाँच परीक्षा की तैयारी
द्वितीय जाँच परीक्षा को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम का समयबद्ध दोहरान, कठिन विषय-वस्तु की पुनरावृत्ति तथा भैया-बहिनों की तैयारी का नियमित मूल्यांकन करने पर विशेष जोर दिया गया।
🔸 बोर्ड परीक्षा की विशेष तैयारी
बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए विषयवार योजना, नियमित अभ्यास, मॉडल पेपर, परीक्षा-उपयोगी लेखन अभ्यास एवं कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सहयोग की रणनीति पर चर्चा की गई।
🔸 आचार्य विकास
विद्यालय की गुणवत्ता का आधार आचार्य हैं। अतः आचार्य विकास के लिए नियमित प्रशिक्षण, स्वाध्याय, नवाचार, कक्षा-कक्ष अवलोकन एवं अनुभवों के आदान-प्रदान को प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया।
🔸 संकुल निरीक्षण की क्रियान्विति
संकुल स्तर से होने वाले निरीक्षण की प्रभावी क्रियान्विति, निरीक्षण के बाद प्राप्त सुझावों पर कार्य तथा विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार की सतत प्रक्रिया को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने सभी प्रधानाचार्यों को समयबद्ध योजना, प्रभावी क्रियान्विति, शैक्षणिक नवाचार एवं सतत मूल्यांकन के माध्यम से विद्यालयों की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
अंत में आगामी कार्यक्रमों एवं निर्धारित कार्यों को समय पर पूर्ण करने तथा सभी गतिविधियों में भैया-बहिनों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।
“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत शिक्षा—हमारा संकल्प।”
#आदर्शशिक्षासमिति #जयपुर #प्रधानाचार्यबैठक #त्रिसंकुलबैठक #फुलेरा #चाकसू #बस्सी #विद्याभारती #शैक्षणिकगुणवत्ता #पंचपदी #आचार्यविकास #वन्देमातरम् #विज्ञानमेला #वैदिकगणित #संस्कृतिज्ञानपरीक्षा