22/07/2025
जिस मिट्टी से अपना प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ाव होता है अगर वहाँ से कोई आदमी उच्चे पद पर पहुँच के गौरवमयी पद धारण करे तो अच्छा लगता है ,सौभाग्य की बात है कि मेरी 5 वी से लेकर 10 वी तक की पढ़ाई किठाना गाँव में ही हुई जो कि जगदीप जी का गाँव है ♥️जब हमारे गांव की सरहद से, उसी मिट्टी से, जहाँ बचपन में नंगे पाँव धूल उड़ाई जाती है… जब वहीं से कोई बेटा देश का उपराष्ट्रपति बनता है — तो वो सिर्फ़ एक व्यक्ति नहीं, पूरी पीढ़ी का सपना साकार करता है। जगदीपधनखड़ जी का ऊँचे पद तक पहुँचने का ये सपना ये साबित करता है कि हमारी धरती केवल अन्न ही नहीं, अभिमान भी उपजाती है।ये वही मिट्टी है जहाँ सुबह की रामधुन और शाम की चौपालें होती हैं, जहाँ बच्चों को संघर्ष नहीं सिखाया जाता, बल्कि जीकर दिखाया जाता है। उसी मिट्टी से निकला एक सपूत जब दिल्ली के सिंहासन तक पहुँचता है, तो हर कच्ची गली रौशन हो जाती है, हर मां की आंख नम और सीना गर्व से भरा होता है।देश के इतने बड़ें संवैधानिक पद तक पहुंचकर जो सेवा आपने दी है ये अमिट रहेगी जगदीप जी 👍