27/05/2021
👉🏻👉🏻19 लाख विद्यार्थी प्रमोट या परीक्षा? कमेटी बनाई, 15 दिन में देगी रिपाेर्ट*
उच्च शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की परीक्षाओं पर निर्णय लेने के लिए बुधवार को 6 सदस्यीय कमेटी बनाई....
ग्रीष्मकालीन अवकाश के करीब चार सप्ताह बीतने और भास्कर में खबर छपने के तीन बाद उच्च शिक्षा विभाग काे अभिभावकों की चिंता और 17 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के भविष्य ख्याल आया। उच्च शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की परीक्षाओं पर निर्णय लेने के लिए बुधवार को 6 सदस्यीय कमेटी बनाई। इनमें सुखाड़िया विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. अमरिका सिंह सहित चार वीसी भी हैं। यह कमेटी 15 दिनों में फैसला करेगी कि प्रदेशभर की 28 यूनिवर्सिटी और उनसे संबद्ध 3200 कॉलेजों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं होंगी या उन्हें प्रमोट किया जाएगा।
सामान्य हालात में तो यूनिवर्सिटी के टाइम टेबल के हिसाब से मई के आखिरी सप्ताह तक सभी कक्षाओं की परीक्षाएं खत्म भी हो जाती थीं। इस साल कोरोना के कारण सुविवि के 1.90 लाख विद्यार्थियों सहित प्रदेशभर के 19 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य अधरझूल में है।
अभिभावकों की चिंताओं और विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति बेपरवाह उच्च शिक्षा विभाग को विषय की गंभीरता से अवगत कराते हुए दैनिक भास्कर ने 24 मई को ‘उच्च शिक्षा धराशायी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें उच्च शिक्षा सचिव नारायणलाल मीणा से परीक्षाओं के आयोजन के लिए सीधा सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा था कि अभी कोई तैयारी नहीं है। इसके तीन दिन बाद ही सरकार ने आनन-फानन में छह सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी द्वारा गठित की गई कमेटी में चार कुलपति, कॉलेज शिक्षा आयुक्त और जॉइंट सेक्रेट्री शामिल हैं।
लॉ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. देवस्वरूप संयोजक रहेंगे। कमेटी को यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई, बीसीआई के के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए 15 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। कमेटी प्रदेश में परीक्षाएं ऑनलाइन/ऑफलाइन आयोजित करने और जिन कक्षाओं में प्रमोट करना संभव हो उनमें प्रमोट करने का फार्मूला तय करेगी। इसके अलावा कोर्स में कमी करने, परीक्षा पेपर में विकल्प देने, परीक्षा का समय कम करने, कॉपियों का मूल्यांकन से लेकर रिजल्ट जारी करने, अगला शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने के संब