13/04/2025
जीवन का मूल मंत्र पुस्तक का विमोचन
दिनांक 12 अप्रैल 2025
"जीवन में कुछ ऐसा किया जाए जिसको लिखा जा सके या कुछ ऐसा लिखे जो पढ़ा जा सके" - उक्त विचार डॉ के एल जैन, सेवा निवृत अतिरिक्त संचालक, जबलपुर संभाग ने उनकी पुस्तक "जीवन के मूल मंत्र" के विमोचन के अवसर पर को व्यक्त किए।
प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय, शासकीय महाकोशल महाविद्यालय जबलपुर में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के केंद्र बिंदु डॉ के एल जैन पूर्व अतिरिक्त संचालक, जबलपुर संभाग जबलपुर, विशिष्ट अतिथि, मुख्य अतिथि डॉ राजेश वर्मा, कुलगुरु, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर विशिष्ट अतिथि, डॉ संतोष जाटव, वर्तमान अतिरिक्त संचालक जबलपुर संभाग, विशिष्ट अतिथि, डॉ संदेश जैन, समाज सेवी, डॉ कौशल दुबे उद्योगपति माननीय शरद भाई पालन जी
प्रेक्षा ग्रह में विभिन्न महाविद्यालय से आए हुए प्राचार्य डॉ ए एल महोबिया प्राचार्य शास विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर डॉ वीणा श्रीवास्तव प्राचार्य शास महाविद्यालय रांझी, डॉ चंडोक, प्राचार्य गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय जबलपुरमहाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ पी एल अहिरवार, कार्यक्रम के अध्यक्ष,आयोजक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अलकेश चतुर्वेदी जी, अतिरिक्त संचालक कार्यालय से आए हुए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी महाविद्यालय के प्राध्यापक अतिथि विद्वान छात्र छात्राएं महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में एकत्रित हुए।
कार्यक्रम का प्रारंभ समस्त अतिथियों के द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प माला अर्पण एवं दीप प्रज्वलन करते हुए किया गया। अरुण कुमार के द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई ।
सभी अतिथियों के स्वागत उपरांत डॉक्टर मलय वर्मा के द्वारा डॉक्टर के एल जैन के जीवन परिचय को प्रस्तुत किया गया । इसके उपरांत जीवन का मूल मंत्र पुस्तक का विमोचन समस्त अतिथियों के द्वारा किया गया। पुस्तक विमोचन के उपरांत डॉ कौशल दुबे ने पुस्तक के संबंध में उदाहरण सहित अपनी समीक्षा प्रस्तुत की । विशिष्ट अतिथि डॉ संदेश जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह पुस्तक जीवन के प्रत्येक हिस्से को प्रदर्शित करती है हम सबके जीवन को बदलने में यह पुस्तक कारगर सिद्ध होगी हमें जीवन में कुछ ऐसा काम करना चाहिए कि लोग आपको याद करें और यह पुस्तक वही कार्य कर रही है।
विशिष्ट अतिथि डॉक्टर संतोष जाटव ने अपने उद्बोधन में डॉक्टर के एल जैन के जीवन और उनके कार्य क्षेत्र को बताया तथा पुस्तक लिखने के लिए उन्हें बधाई प्रस्तुत की।
कुलगुरु माननीय डॉ राजेश वर्मा ने अपने वक्तव्य में पुस्तक के मर्म और प्रारब्ध के संबंध में बताया। शब्द और भावों को पुस्तक के रूप में अवश्य लाना चाहिए और शब्द एवं रहस्य को जानना हमारे लिए महत्वपूर्ण होता है ।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ द्वारा वर्ष भर आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी छात्रों को पुरस्कृत किया गया साथ ही साथ अंग्रेजी विभाग के द्वारा आयोजित कम्युनिकेटिव इंग्लिश विषय पर आयोजित कार्यशाला के सर्टिफिकेट भी विद्यार्थियों को प्रदान किए गए। महाविद्यालय में आई क्यू ए सी द्वारा महाविद्यालय के कर्मचारियों के लिए आयोजित कंप्यूटर अवेयरनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए ट्रेनर्स को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मंच संचालन डॉक्टर मलय वर्मा, एवं डॉ स्मिता बेलवंशी ने किया। आभार प्रदर्शन महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉक्टर आभा पांडे, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी, द्वारा किया गया।