08/09/2023
गिरवारधारी लाल उच्च विद्यालय धूम धाम से मनाया गया शिक्षक दिवस समारोह।
गिरवारधारी लाल हाई स्कूल में शिक्षक दिवस समारोह धूम धाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का किया गया आयोजन किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यालय के वर्तमान एवं पुरातन छात्र- छात्राओं ने एक से बढ़कर शिक्षाप्रद और मनमोहक प्रस्तुति की। समारोह का शुभारंभ प्रधानाचार्य श्री अमित कुमार सिन्हा एवं उप प्रधानाचार्य श्री ईश्वर साव द्वारा द्वीप प्रज्वलन के बाद सामुहिक राष्ट्रगान से किया गया। बच्चों के आग्रह पर मंच का संचालन सहायक शिक्षक श्री रौशन पासवान किया। उनके धमाकेदार, कुशल एवं आकर्षक मंच संचालन ने दर्शक दीर्घा एवं बच्चों को जोश से भर दिया। रंगारांग कार्यक्रम का आगाज़ यूकेजी की शिवानी की धाकड़ डांस से हुआ नर्सरी के मो. अयान अंसारी एवं आफरीन परवीन के ग्रूप डांस ने सब का मन मोह लिया। नीतू, निशु, अंजली वर्षा स्मिका विद्या रानी अन्नू शिवानी, सोनाली , सागर , संजना दीपा, अनीषा तबस्सुम, अनीशा कुमारी नीलम, अंकित विशाखा, निधी, श्रृष्टि कुमारी इशिका एवं अन्य ने एक से बढ़कर एक रियलिटी डांस परफॉर्मेंस से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाए रखा। प्रधानाचार्य अमित कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में स्वतंत्र भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति तथा द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन को उनकी जन्म दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया और कहा की वे एक महान चिंतक ही नहीं वल्कि एक महान शिक्षक भी थे। उन्होने गिरवारधारी लाल उच्च विद्यालय के संस्थापक तथा चतरा जिले के जाने माने शिक्षक स्वर्गीय सुबोध कुमार सिन्हा को श्रद्धांजली अर्पित करते हुए कहा कि न सिर्फ वे बल्कि इटखोरी प्रखंड से लेकर चतरा जिले तक कई गणमान्य ऐसे हैं जो शिक्षक शब्द का पर्याय गिरवारधारी लाल उच्च विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय सुबोध कुमार सिन्हा को कहते हैं, मानते हैं। उन्होंने कहा की हम सब शिक्षकों के कधों पर बच्चों में अनुशासन और संस्कार भरते हुए राष्ट्रनिर्माण की जिम्मेवारी है, और कमोबेस हम सब ईमानदारी से इसका निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों और बच्चों के बीच शिक्षा के प्रति , संस्कारों के प्रति तथा अनुशासन के प्रति सामंजस्य का बखान करते हुए कहा की सर्वोपल्ली जी के दिखाए रास्ते पर चल कर हम शिक्षक राष्ट्रनिर्माण की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे है। उन्होंने बच्चों को मिट्टी का घड़ा कहा और शिक्षकों की तुलना कुम्हार से की। प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक का कार्य मात्र कक्षा में शिक्षण कार्य करने पर ही समाप्त नहीं हो जाता बल्कि छात्रों को उचित निर्देशन प्रदान करना, विद्यार्थियों की भावनाओं को समझना, विद्यालय में सामाजिक वातावरण का निर्माण करते हूए समाज को प्रगति की और अग्रसर करना हम शिक्षकों के अथक प्रयास से ही सम्भव होता आया है। सभी वर्ग से विद्यार्थियों की बढ़ चढ़ कर भागीदारी तथा बेहतरीन प्रदर्शन कि प्रसंशा की।बच्चों के समक्ष कई प्रेरक और शिक्षाप्रद प्रसंग रखे। उन्होंने विद्यालय के संचालक श्री सतीष कुमार सिन्हा, सचिव श्री मनीष कुमार सिन्हा एवं टेक्निकल एडवाइजर श्री सुमित कुमार सिन्हा को धन्यवाद ज्ञापित किया जिनके अथक प्रयास से विद्यालय में पढ़ रहे लडकियों को सावित्री बाई फुले योजना का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है तथा सभी विधार्थियो को अब छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिल सकेगा। अंत में अपने अथक परिश्रम से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी बच्चों एवं शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम के समापन कि घोषणा की।