11/12/2021
✍️विचार :- विक्रम सिंह 👇 MPPSC की कथा 👇
✍️ MPPSC 2017 - स्पोर्ट्स के 18 से 19 प्रश्न आये - अगले वर्ष से स्पोर्ट्स पर PHD वाली किताबें छप गई
✍️ MPPSC 2018 - 3 एक्ट्स से 18 से 19 आये उसमें अगले वर्ष उस पर भी PHD हो गई
✍️ MPPSC 2019 - MP GS से 32 से 33 आये खासकर इतिहास से उसमें इस वर्ष PHD हो गई
✍️ MPPSC 2020 - हिस्ट्री और पॉलिटी का लेवल अच्छा रहा खास तौर पर हिस्ट्री UGC-NET से प्रेरित थी अब उस पर भी PHD शुरू होने वाली है
👉 2019 और 2020 का करंट अफेयर्स ऐसा आया है कि यदि आप दैनिक भास्कर या जागरण को फॉलो करें तब भी कवर हो जाता है जबकि आजकल डेली करंट के नाम पर हजारों ऑनलाइन चैनल आ गए है जिन्होंने बाढ़ सी ला दी है
👉 10 से 15 प्रश्न अलबेले आते ही है जिन पर समय खराब करने से कोई मतलब नहीं क्योंकि अगले वर्षो में वे कभी नहीं देखे गए
✍️निष्कर्ष:- जरूरी है कि पूरा सिलेबस ध्यान से पढें अब प्रीलिम्स & मैन्स अलग अलग पढ़ना बंद कर एक साथ पढें, mains को साथ लेकर चलेंगे तो काफी मदद मिलने वाली है
हर वर्ष कोई एक टॉपिक धूम मचाता है जिसकी गूंज अगले वर्ष तक ज्यादा चलती है और हम सभी भी लगातार वही गलती दोहराते जाते है
👉 जो कहा वह मेरा अनुभव है
बाकी कैरियर आपका है अतः आत्म मंथन कर अपना रास्ता खुद तय करें क्योंकि दूसरे को गाली गलौच से केवल आप अपना खून जला रहे है उससे केवल आप डिस्टर्ब होते हैं न कि वह जिसको आप गाली देते हो
💥 MPPSC आयोग के प्रश्न पत्र लगातार स्टैंडर्ड बढ़ाते जा रहे है तो जरूरी है कि केवल फैक्ट्स वाली बुक छोड़कर , MAINS सिलेबस को व्यवस्थित पढ़ा जाए जिससे प्रीलिम्स भी अपने आप कवर हो जाएगा
बाकी किसी एक प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज का पूरा टाइम टेबल फॉलो करें ताकि आपका सिलेबस व्यवस्थित तरीके से कम से कम 3 से 4 बार REVISION हो जाये बाकी ज्यादा समय हो तो साइड में अन्य दूसरी टेस्ट सीरीज के पेपर भी लगा सकते है