24/02/2026
यह ज़िंदगी है, कि इक ख़ूबसूरत लम्बा सफ़र है,
कहीं धूप तेज़ है, कहीं दरिया, कहीं शहर है।
थक कर जो बैठ गए, तो मंज़िल रूठ जाएगी,
यह रफ़्तार-ए-सफ़र है, यह हरगिज़ नहीं ठहर है।
कुछ लोग मिले राह में, कुछ बिछड़ गए अचानक,
हर शख़्स यहाँ अपनी कहानी का हमसफ़र है।
गमों ने छाँव दी तो, खुशी ने रोशनी फैलाई,
हर ज़ख़्म, हर हँसी, इस राह की इक अहम ख़बर है।
हार मत मानना ए मुसाफ़िर, ये आज़माइशें तो हैं,
जो गिर के उठ गया, वही इंसान कामयाब-तर है।
ख़ुद को तलाश करना, ख़ुद को संवारना ही
मक़सद,
हर दिल के आईने में, इक नया 'ख़ुदा' बसर है।
बीते हुए लम्हों को, बस इक सबक़ समझ लेना,
आने वाला कल, इक नया इम्तेहान और बशर है
चलते रहो, मुस्कुराते रहो, दिल में हौसला भर के,
यही है ज़िंदगी की हक़ीक़त...