02/09/2016
Nayta Post .... Magazine
My islamic Article in A Very Popular magazine
Of Nayta Samaj ,,,,, Thanks NaytaPost Group
___इस बार के हज विशेषांक में मेरे लिखे मालूमाती इस्लामिक
लेख जरुर पढ़े ,,,, शुक्रिया
Javed shah khajrana
27/08/2016
#परिवर्तन संसार का नियम है """"""
*** जिस तरह #फूल खिल के
#बिख़र जाते हैं ,
उसी तरह #हम भी
#मिलकर बिछड़ जायेंगे ,,,,, आपका #जावेद
10/06/2016
क्या भारत देश कभी मुसलमानों से मुक्त होगा ?
_______ भारतीय जनता पार्टी की साध्वी प्राची महोदया ने
एक भड़काऊ बयान दिया है ....
रमजान के मुबारक महीने के पहले ही दिन प्राची महोदया ने मुसलमान भाइयों को रमजान की मुबारक देने की बजाय
फरमाया कि उनकी भाजपा सरकार ने सारे भारतवर्ष से
कांग्रेस पार्टी को ख़त्म करके देश को कांग्रेस मुक्त कर दिया है ,,,
बहुत जल्दी उनकी पार्टी के द्वारा भारत देश भी मुसलमानों से मुक्त होगा |
क्या ये इतना आसान है ?
बिल्ली के ख्वाब में छिछ्ड़े ......
भारत देश में मुसलमान तब से है जब दुनिया के सबसे पहले इंसान आदम दुनिया में आये | अयोध्या में आज भी आदम अलैहिस्सलाम के बेटे यानी दुसरे नबी की कब्र हनुमानगढ़ी में मौजूद है | हजरत सुलेमान भी अफगानिस्तान के रास्ते से हिन्दुस्तान में आये | ये रास्ता आज भी कोहे-सुलेमान कहलाता है | हजरत ईसा अलाहिस्सलाम ने कुछ वक़्त कश्मीर में बिताया | हजरत इमाम हुसैन की साली साहिबा और बीवी शहरबानो की बहन यानी इरान के बादशाह की बेटी उज्जैन के राजा से ब्याही गई थी और इसी कारण यजीद से दूर इमाम हुसैन अपने खानदान सहित सुकून इख्तियार करने हिन्दुस्तान आ रहे थे | प्यारे नबी के जमाने में चाँद के दो टुकड़े वाली घटना देखकर दक्षिण भारत के राजा चेरामन ने इस्लाम कुबूल कर लिया था , जहाँ बतौर सुबूत चेरामन जुम्मा मस्जिद आज भी 1400 साल से कायम है | प्यारे नबी भी हिन्दुस्तान की तरफ मुह करके हमेशा मुस्कुरा देते थे क्यूंकि उनके चाहने वाले एक दिन यहाँ आबाद होने वाले थे |
मोहम्मद बिन कासिम ने इस्लाम की शुरुआत में ही सिंध जित लिया था|
मालवा के धार शहर में राजा भोज के जमाने से ही मशहूर वली शाह चंगाल ने इस्लामी झंडा बुलंद कर दिया था जिससे प्रभावित होकर राजा भोज और उनकी रानी प्रभावती ने इस्लाम स्वीकार कर लिया इन दोनों की कब्र मुबारक शाह चंगाल की मजार के साथ आज भी पुराने धार में है |
1000 इसवी में महमूद गजनवी ने गुजरात के सोमनाथ में अपने सिपाहियों को बसाकर यहाँ मुसलामनों की बस्ती बसा दी थी |
1191 में मोहम्मद शाहबुद्दीन गौरी ने अजमेर और दिल्ली फ़तेह करके हिन्दुस्तान जीता और तब से लेकर आजादी तक भारत मुसलमानों के कब्जे में रहा | कई मुस्लिम बादशाहों ने हिन्दू राजपूत खानदान में शादी करके जहाँगीर और शाहजहाँ जैसे बेटे को जन्म दिया | ओरंगजेब जैसे कट्टर मुस्लिम बादशाह की पटरानी नवाब बानो भी हिन्दू रानी थी | अकबर महान ने अपनी हिन्दू और मुस्लिम प्रजा को एक नज़र से देखा | खानपान, रहन-सहन और वैचारिक विभिन्नता होते हुए भी यहाँ हिन्दू और मुसलमान एक साथ हजारों साल से मिलजुलकर रहते आये है और आज भी रह रहे है | हिन्दू-मुसलमान दोनों ने ही अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों को मिलकर तोड़ा | सारे सुख और दुःख आज भी एक साथ सहन करते हैं |
हिन्दुस्तान के आखरी शहंशाह बहादुर शाह जफ़र देश निकाले जाने पर भी अपनी जन्मभूमि की तड़प में मरते-मरते लिख गए
" कितना बदनसीब है जफ़र , कि दफ्न के लिए
दो गज जमीन ना मिले कुच-ऐ-यार (भारत) में "
ये थी एक बादशाह की इस देश की माटी से मोहब्बत |
इस देश में बहने वाली पवित्र नदियाँ , खुशबूदार हवा , आसमान से बातें करते पहाड़ , लहलहाती फसल देने वाली माटी और आसमान से बरसाने वाला पानी , सूरज की तपिश और चाँद की ठंडक भी हिन्दू-मुसलमान क्या किसी में कोई फरक नही करती | जब कुदरत कोई फर्क नही करती तो इस धरती के साथ इंसान को बांटने वाले चंद कुर्सी पर बैठने वाले क्या नफ़रत पैदा करने में कामयाब हो जायेंगे? हरगिज नही
अगर कोई दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति जिसके मन में वैमनस्य भरा है आपस में फुट डालकर शासन करने की अंग्रेजों की निति पर चलने की गलती करेगा तो हम भारत के हिन्दू और मुसलमान भाई-बहन उनकी नापाक कोशिश को कामयाब नही होने देंगे |
भारत देश की इस माटी में हमारे पुरखे दफ्न है एक दिन हम भी इस मादरे वतन की गोद में सो जायेंगे लेकिन इससे जुदा नही होंगे ना ही हमें कोई जुदा करने की हिम्मत कर सकता है |
शायद ही ऐसा कोई दिन आयेगा की हिन्दू भाइयों और इस देश से मुसलमान मुक्त हो ,,
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्ता हमारा ,
हम बुलबुलें ( हिन्दू-मुस्लिम-सिख,ईसाई) हैं इसकी
ये गुलिस्ता हमारा !
हिन्दुस्तान जिंदाबाद !!!
*** एक हिन्दुस्तानी ___जावेद शाह खजराना
30/10/2013
RockWood H.S. School
7, Shalimar Colony , Khajrana .
indore