01/08/2024
रंगो के कारोबार का एक सिलसिला चलाजो रंग उमड़ा था वो सब पर चलाजिसके नूर से निकले थे कई रंग सहरा मेंउस सफेद से हर रंग रंगीन चलापीली चादर ओढ़ के हल्दी जब हाथो में लगीशर्म से तर बतर उसका चेहरा चलालाल रंग ने चढ़ा दिया रंग इश्क काउसके ऊपर फिर कोई रंग न चला...
रंगो के कारोबार का एक सिलसिला चलाजो रंग उमड़ा था वो सब पर चलाजिसके नूर से निकले थे कई रंग सहरा मेंउस सफेद से हर रंग र....