Gaurav_Gupta_Official

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04/10/2022

मैं आपका चेहरा याद रखना चाहता हूं ताकि जब मैं आपसे स्वर्ग में मिलूं,
तो मैं आपको पहचान सकूं और एक बार फिर आपका धन्यवाद कर सकूं।

जब एक टेलीफोन साक्षात्कार में भारतीय
अरबपति रतनजी टाटा से रेडियो प्रस्तोता ने पूछा:
"सर आपको क्या याद है कि आपको जीवन में सबसे अधिक खुशी कब मिली"?

रतनजी टाटा ने कहा:
"मैं जीवन में खुशी के चार चरणों से गुजरा हूं, और आखिरकार मुझे सच्चे सुख का अर्थ समझ में आया।"
पहला चरण धन और साधन संचय करना था।
लेकिन इस स्तर पर मुझे वह सुख नहीं मिला जो मैं चाहता था।

फिर क़ीमती सामान और वस्तुओं को इकट्ठा करने का दूसरा चरण आया।
लेकिन मैंने महसूस किया कि इस चीज का असर भी अस्थायी होता है और कीमती चीजों की चमक ज्यादा देर तक नहीं रहती।
फिर आया बड़ा प्रोजेक्ट मिलने का तीसरा चरण। वह तब था जब भारत और अफ्रीका में डीजल की आपूर्ति का 95% मेरे पास था। मैं भारत और एशिया में सबसे बड़ा इस्पात कारखाने मालिक भी था। लेकिन यहां भी मुझे वो खुशी नहीं मिली जिसकी मैंने कल्पना की थी.

चौथा चरण वह समय था जब मेरे एक मित्र ने मुझे कुछ विकलांग बच्चों के लिए व्हील चेयर खरीदने के लिए कहा। लगभग 200 बच्चे थे। दोस्त के कहने पर मैंने तुरन्त व्हील चेयर खरीद लीं।

लेकिन दोस्त ने जिद की कि मैं उसके साथ जाऊं और बच्चों को व्हील चेयर भेंट करूँ। मैं तैयार होकर उनके साथ चल दिया।
वहाँ मैंने सारे पात्र बच्चों को अपने हाथों से व्हील चेयर दीं। मैंने इन बच्चों के चेहरों पर खुशी की अजीब सी चमक देखी। मैंने उन सभी को व्हील चेयर पर बैठे, घूमते और मस्ती करते देखा।

यह ऐसा था जैसे वे किसी पिकनिक स्पॉट पर पहुंच गए हों, जहां वे बड़ा उपहार जीतकर शेयर कर रहे हों।
मुझे उस दिन अपने अन्दर असली खुशी महसूस हुई। जब मैं वहाँ से वापस जाने को हुआ तो उन बच्चों में से एक ने मेरी टांग पकड़ ली।
मैंने धीरे से अपने पैर को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन बच्चे ने मुझे नहीं छोड़ा और उसने मेरे चेहरे को देखा और मेरे पैरों को और कसकर पकड़ लिया।
मैं झुक गया और बच्चे से पूछा: क्या तुम्हें कुछ और चाहिए?

तब उस बच्चे ने मुझे जो जवाब दिया, उसने न केवल मुझे झकझोर दिया बल्कि जीवन के प्रति मेरे दृष्टिकोण को भी पूरी तरह से बदल दिया।

उस बच्चे ने कहा था-

"मैं आपका चेहरा याद रखना चाहता हूं ताकि जब मैं आपसे स्वर्ग में मिलूं,
तो मैं आपको पहचान सकूं और एक बार फिर आपका धन्यवाद कर सकूं।"

उपरोक्त शानदार कहानी का मर्म यह है कि हम सभी को अपने अंतर्मन में झांकना चाहिए और यह मनन अवश्य करना चाहिए कि, इस जीवन और संसार और सारी सांसारिक गतिविधियों
को छोड़ने के बाद आपको किसलिए याद किया जाएगा?

क्या कोई आपका चेहरा फिर से देखना चाहेगा, यह बहुत मायने रखता है ?
रतन टाटा 25 वर्ष रतन टाटा 84 वर्ष

17/08/2022

यूं ही अपने मिज़ाज को न चिड़चिड़ा कीजिये!!
कोई छोटी बात करे तो दिल को बड़ा कीजिये...!!

19/07/2022

Awesome Conversation between God And a Man.

Man: God, can I ask You a question?

God: Sure

Man: Promise You won’t get mad …

God: I promise

Man: Why did You let so much stuff happen to me today?

God: What do u mean?

Man: Well, I woke up late

God: Yes

Man: My car took forever to start

God: Okay

Man: at lunch they made my sandwich wrong & I had to wait

God: Huummm

Man: On the way home, my phone went DEAD, just as I picked up a call

God: All right

Man: And on top of it all off, when I got home ~I just want to soak my feet in my new foot massager & relax. BUT it wouldn’t work!!! Nothing went right today! Why did You do that?

God: Let me see, the death angel was at your bed this morning & I had to send one of My Angels to battle him for your life. I let you sleep through that

Man (humbled): OH

GOD: I didn’t let your car start because there was a drunk driver on your route that would have hit you if you were on the road.

Man: (ashamed)

God: The first person who made your sandwich today was sick & I didn’t want you to catch what they have, I knew you couldn’t afford to miss work.

Man (embarrassed): Okay

God: Your phone went dead bcuz the person that was calling was going to give false witness about what you said on that call, I didn’t even let you talk to them so you would be covered.

Man (softly): I see God

God: Oh and that foot massager, it had a shortage that was going to throw out all of the power in your house tonight. I didn’t think you wanted to be in the dark.

Man: I’m Sorry God

God: Don’t be sorry, just learn to Trust Me…. in All things , the Good & the bad.

Man: I will trust You.

God: And don’t doubt that My plan for your day is Always Better than your plan.

Man: I won’t God. And let me just tell you God, Thank You for Everything today.

God: You’re welcome child. It was just another day being your God and I Love looking after My Children…

14/06/2022

श्रेय मिले न मिले,
अपना श्रेष्ठ देना कभी बंद न करें..।

15/05/2022
04/05/2021

जिदंगी के फैसले लेने में पड़ रहे हैं कमजोर, सफलता दिलाएंगे ये टिप्स

जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, जब व्यक्ति अपने सुनहरे भविष्य के लिए सही और गलत के बीच फैसला करने में खुद को असमर्थ पाता है। ऐसे स्थिति में व्यक्ति द्वारा लिए गए गलत निर्णय उसके लिए या तो शर्मिंदगी या फिर नुकसान की वजह बनने लगते हैं। आइए जानते हैं जब जिदंगी के फैसले लेने में आप पड़ रहे हो कमजोर तो सफलता दिलाएंगे कौन से टिप्स।
1-सामान्य विवेक का करें इस्तेमाल-
मनुष्य में जन्म से ही अच्छे और बुरे के बीच का फर्क समझने का सामान्य विवेक मौजूद होता है। व्यक्ति के मन में जैसे ही कोई बुरा या अच्छा विचार आता है उसका विवेक उसे तुरंत बता देता है कि उसके लिए क्या ठीक है। जो लोग लालच में पड़कर अपने विवेक की नहीं सुनते और तर्क-वितर्क में पड़कर कोई अनुचित कार्य कर बैठते हैं उनके लिए सही-गलत का फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है।
2-अंतरात्मा से पूछें-
जो लोग सही-गलत के बीच में फर्क समझना चाहते हैं उन्हें सबसे पहले कोई भी कार्य करने से पहले दूसरों से पूछने की जगह सबसे पहले अपनी अंतरात्मा से सवाल करने चाहिए। जो लोग अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर कोई फैसला लेते हैं उन्हें भविष्य में कभी अपने फैसले पर पछतावा नहीं होता है।
3- सफलता का पैमाना ऐसे करें सेट-
यदि आप जीवन में सफल होना चाहते हैं तो किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन के सिर्फ एक पहलू पर नजर डालने की जगह उसके संपूर्ण जीवन पर एक नजर डालें। आपको आपके सारे सवालों का जवाब तुरंत मिल जाएंगे। किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन का मूल्यांकन उसके जीवन के किसी एक कालखंड से नहीं होता बल्कि उसके संपूर्ण जीवन के सार को देखकर पता चलता है कि यह व्यक्ति कैसे जीवन की कठिनाईयों को पार करता हुआ सफलता की सीढ़ी चढ़ा है।

16/12/2020

MEANINGLESS GOALS

A farmer had a dog who used to sit by the roadside waiting for vehicles to come around. As soon as one came he would run down the road, barking and trying to overtake it. One day a neighbor asked the farmer "Do you think your dog is ever going to catch a car?" The farmer replied, "That is not what bothers me. What bothers me is what he would do if he ever caught one." Many people in life behave like that dog who is pursuing meaningless goals.

Life is hard by the yard,
but by the inch,
it's a cinch.

--Gean Gordon

Photos 04/12/2020

I am happy anywhere with you, and sad anywhere without you.




Photos 10/07/2020

Congratulations
Dhara
Dipty
Tanishk
Sujal
Nirav

Photos 18/01/2020
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