17/01/2024
*इंदौर का माता अन्नपूर्णा मंदिर*
इंदौर का माता अन्नपूर्णा मंदिर सबसे पुराना मंदिर है। इस मंदिर को 9 वीं शताब्दी में इंडो-आर्यन और द्रविड़ स्थापत्य शैली के संयोजन का उपयोग करके बनाया गया था। यह मंदिर सनातन धर्म में अन्न की देवी माता अन्नपूर्णा को समर्पित है। इसमें मां अन्नपूर्णा की तीन फुट ऊंची संगमरमर की मूर्ति है। मंदिर की अविश्वसनीय वास्तुकला शैली मदुरई के विश्व प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर से प्रेरित है। मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत प्रभावशाली है। यह मंदिर बयालीस अलग-अलग स्तंभों पर खड़ा है गर्भ गृह को छोड़ कर मंदिर के प्रत्येक स्तंभों में चार दिशाएँ, चार वेदों और चार युगों की भांति चार चार देवी देवताओं और गणों की मूर्ति है, मंदिर प्रांगण में सनातन धर्म के प्रमुख वेदों का भी मंदिर है जिसमें श्री सामवेद, ऋग्वेद, यजुर्वेद एवं अथर्ववेद जी हैं, यह मंदिर श्रीवेदमंदिर के नाम से जाना जाता है । मंदिर प्रांगण में गौशाला, काशी विश्वनाथ मंदिर, हनुमानजी और काल भैरव भगवान को समर्पित मंदिर यज्ञशाला, संत निवास गृह भी हैं, बाहरी दीवारें रंगीन पौराणिक शिल्पकला और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मनभावन मनोरम दृश्य है जो मंदिर की चाहरदीवारी को एक अद्भुत आकर्षण देता है। ये माँ अन्नपूर्णा का सफेद संगमरमर से नवनिर्मित मंदिर है।
पुराना मंदिर बहुत से कारणों से जर्जर हो गया था इसलिए वहां नए मंदिर का निर्माण कराया गया।
मंदिर न केवल धार्मिक आगंतुकों के लिए है, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो प्राचीन भारतीय कला और हिंदू धर्म के बारे में जानना चाहते हैं।
आप एक बार अवश्य मंदिर आएं और माता अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त करें .
नमस्कार 🙏🥰
12/01/2024