26/02/2022
रूस का यूक्रेन पर वर्तमान हमला और पुतिन का पुनः सोवियत संघ का सपना
* जूडो में ब्लैक बेल्ट व्लामिदिर पुतिन ने रूसी खुफिया संस्था KGB से अपना करियर आरंभ किया और 1990 में राजनीतिक जीवन में प्रविष्ट हुए..
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-सेंट पीटर्सबर्ग (तब लेनिनग्राद)के मेयर के सहयोगी,
-बोरिस येल्तसिन के प्रशासनिक उपप्रमुख,
-रूसी उपप्रधानमंत्री
और अंततः मई 2000 में रूस के राष्ट्रपति
पुतिन का व्यक्तित्व इतना आक्रामक है कि सत्ता प्राप्ति के लिए संविधान संशोधन (जुलाई 2020 में) कर 2036 तक के लिए स्वयं का राष्ट्रपति बने रहना सुनिश्चित किया है
*अपने देश के मीडिया पर पुतिन का इतना नियंत्रण है कि वे सदैव राष्ट्रीय सुर्खिंयों मे बने रहते हैं..
*उनकी देश की राजनीति पर पकड़ को समझने के लिए 2015 में विपक्षी नेता #बोरिस_नेमोत्सोवकी हत्या और 2019-20 में #एलेक्सी_नवलेनी को कथित रूप से विमान में चाय में ख़तरनाक विष दिए जाने की घटनाएँ काफी हैं
स्पष्ट है कि पुतिन की तरह के व्यक्तित्व को रूस के जैसे सामरिक रूप से सशक्त और प्राकृतिक संसाधनों के धनी देश की सत्ता मिल जाने से 'सोने पे सुहागा' या 'कोढ़ में खाज' की मिसाल बन जाने से रोक पाना असंभव है..
रही सही कसर 2015 के क्रीमिया युध्द पर अमेरिकी प्रतिक्रिया और कोविड-19 की उत्पत्ति पर चीन के प्रति दुनिया की प्रतिक्रिया से पूरी हो गई
पुतिन के लिए माना जाता है कि वे 1991 के पूर्व के अखंड सोवियत संघ के पुनर्एकीकरण का सपना संजोए हुए हैं
उक्त दोनों घटनाओं ने पुतिन को ये हौंसला दिया है कि वे भी अपनी चाल से हवा का रूख भाँप लें तब तुरूप के पत्तें खोलें
बहुत संभावना है कि यदि संपूर्ण यूक्रेन या उसके कुछ भाग को भी वे रूस में शामिल करा पाने में सफल हुए तो भविष्य में बार बार इन्हें दोहराएँगे..